अजीत सिन्हा की रिपोर्ट
फरीदाबाद:केंद्रीय विद्युत आवास एवं शहरी मामलों के मंत्री मनोहर लाल ने कहा कि 26 अक्टूबर 2014 का दिन हरियाणा के इतिहास में महत्वपूर्ण स्थान रखता है। इसी दिन प्रदेश में सुशासन, पारदर्शिता और जनसेवा के संकल्प के साथ नई सरकार ने कार्यभार संभाला था। सरकार ने प्रदेश के सवा दो करोड़ से अधिक लोगों को अपना परिवार मानकर उनकी सेवा करने का संकल्प लिया। उन्होंने कहा कि आज हरियाणा में बिना पर्ची-बिना खर्ची के योग्यता के आधार पर नौकरियां मिलना व्यवस्था परिवर्तन का प्रमाण है। केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल सोमवार को सूरजकुंड मेला परिसर में आयोजित तीसरे सूरजकुंड दिवाली मेले के समापन समारोह को संबोधित कर रहे थे।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में उन्हें देश की जनता की सेवा करने का अवसर मिला है। उन्होंने कहा कि शासन का उद्देश्य केवल प्रशासन चलाना नहीं, बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना होना चाहिए। इसी सोच के साथ अंत्योदय की अवधारणा को आगे बढ़ाया गया है। परिवार पहचान पत्र के माध्यम से परिवारों की सामाजिक एवं आर्थिक स्थिति का आकलन कर जरूरतमंदों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने में मदद मिल रही है। उन्होंने कहा कि हरियाणा की इस व्यवस्था को आज दूसरे प्रदेश भी समझने और अपनाने में रुचि ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने पारदर्शिता, भ्रष्टाचार मुक्त व्यवस्था और बिना किसी भेदभाव के विकास को प्राथमिकता दी है। गरीब परिवारों के कल्याण, सामाजिक सुरक्षा और जरूरतमंद लोगों को सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही हैं। उनका उद्देश्य है कि विकास का लाभ समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचे।

केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने कहा कि सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय हस्तशिल्प मेले के लिए प्रसिद्ध है,लेकिन इतने सुंदर परिसर का उपयोग केवल कुछ दिनों तक सीमित नहीं रहना चाहिए। इसी सोच के साथ दिवाली मेले की शुरुआत की गई, ताकि परिसर में वर्ष के अन्य समय भी सांस्कृतिक गतिविधियों और जनभागीदारी को बढ़ावा दिया जा सके। उन्होंने बताया कि इस बार दिवाली मेले में एक सप्ताह के दौरान लगभग 50 हजार लोगों के पहुंचने की जानकारी मिली है। यह उत्साह जनक है। उन्होंने कहा कि भविष्य में मेले को और आकर्षक बनाने के लिए लाइट एंड साउंड कार्यक्रम, खेल गतिविधियों, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों तथा अन्य मनोरंजक आयोजनों की संभावनाओं पर काम किया जाएगा। इससे फरीदाबाद के साथ-साथ दिल्ली, गुरुग्राम और पलवल सहित आसपास के क्षेत्रों के लोग भी बड़ी संख्या में मेले में पहुंच सकेंगे। उन्होंने कहा कि हस्तशिल्प, स्थानीय उत्पादों और पारंपरिक कलाओं को बढ़ावा देने से आत्मनिर्भरता की भावना मजबूत होगी तथा कारीगरों और छोटे व्यवसायियों को नए अवसर मिलेंगे।केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने कहा कि दीपावली केवल दीप जलाने और उत्सव मनाने का पर्व नहीं, बल्कि समाज में प्रेम, सद्भाव, आशा और सकारात्मकता का संदेश देने का अवसर भी है। भगवान श्रीराम के अयोध्या लौटने की खुशी में दीपमाला की परंपरा शुरू हुई, जो आज भी भारतीय संस्कृति की महत्वपूर्ण पहचान है। उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि त्योहारों की खुशियां समाज के प्रत्येक वर्ग के साथ साझा करें। जो परिवार आर्थिक कठिनाइयों के कारण उत्सव नहीं मना पाते, उनकी सहायता करना हम सभी का सामाजिक दायित्व है। पड़ोस, गांव और मोहल्लों में सभी लोगों को साथ लेकर त्योहार मनाने से सामाजिक एकता और भाईचारा मजबूत होता है।उन्होंने कहा, “माना कि अंधेरा घना है, पर दीप जलाना कहाँ मना है।” यह पंक्ति हमें निराशा के बजाय आशा, उत्साह और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है। उन्होंने भगवान वाल्मीकि को नमन करते हुए उनके जीवन से प्रेरणा लेने का आह्वान किया और दिवाली मेले में प्रस्तुति देने वाले सभी कलाकारों को शुभकामनाएं दीं।हरियाणा के विरासत एवं पर्यटन मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने कहा कि सूरजकुंड दिवाली मेला केवल खरीदारी और सांस्कृतिक कार्यक्रमों तक सीमित नहीं है,बल्कि यह आत्मनिर्भर भारत, वोकल फॉर लोकल और विकसित भारत-2047 के संकल्प को मजबूत करने का एक सशक्त माध्यम है। इस मेले के जरिए देश के विभिन्न राज्यों की कला,संस्कृति, हस्तशिल्प और पारंपरिक उत्पादों को एक मंच मिल रहा है। उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि वे स्थानीय कारीगरों और स्वदेशी उत्पादों को प्राथमिकता देकर देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में अपना योगदान दें। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में हरियाणा सरकार पूर्व मुख्यमंत्री एवं केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल की दूरदर्शी सोच को आगे बढ़ा रही है। सूरजकुंड मेले को नई पहचान देने और इसे व्यापक स्तर पर विकसित करने में मनोहर लाल का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित मनोहर लाल का स्वागत करते हुए उनके मार्गदर्शन और सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया।
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