अजीत सिन्हा / नई दिल्ली
भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने आज सोमवार कोराजस्थान में ब्रह्माकुमारी के आध्यात्मिक नेतृत्व के 90 वर्ष पूर्ण होने केउपलक्ष्य में आयोजित वैश्विक शिखर सम्मेलन को संबोधित किया और ब्रह्माकुमारीसंस्था के 90 वर्षों की गौरवशाली यात्रा के अवसर पर समाज कल्याण, आध्यात्मिकजागृति, महिला नेतृत्व और नशामुक्ति के महत्व पर प्रकाश डाला। नवीन ने संस्थाके वैश्विक योगदान की सराहना करते हुए युवाओं में मूल्य शिक्षा, सेवा और संस्कारोंको बढ़ावा देने का आह्वान किया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में वर्ष 2047 तक विकसित भारत के संकल्प को साकार करने तथा वर्ष2029 तक नशामुक्त भारत बनाने के लिए सामूहिक प्रयासों को आवश्यक बताया।

कार्यक्रमके दौरान राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़, राजयोगिनी मोहिनी दीदी,राजयोगी डॉ. बी. के.मृत्युंजय जी, राजयो गिनीबी. के. शुक्ला दीदी सहित अन्य गणमान्य उपस्थित रहे।नितिन नवीन ने कहा कि आज इस नव-दशोत्सव की 90 वर्षों की गौरवशालीयात्रा के साक्षी और इस मिशन के लिए समर्पित होकर कार्य करने वाली ब्रह्माकुमारीदादी जी को मैं सबसे पहले नमन और प्रणाम करता हूं। उन्होंने अपना जीवन इस मिशन केलिए समर्पित किया। भले ही वे आज शारीरिक रूप से हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनकायोगदान सदैव स्मरणीय रहेगा। जब हम ‘ओम शांति’ शब्द का उच्चारण करते हैं, तो हमारेमन में शांति का भाव होना चाहिए। यही शांति हमें शक्ति प्रदान करती है और इसीऊर्जा के साथ हम विश्व कल्याण के लिए आगे बढ़ते हैं। 1936 में प्रारंभ हुई यहयात्रा विभाजन की त्रासदी के बावजूद अनवरत जारी रही है।

वर्ष 1950 से माउंट आबू,अर्बुदांचल की पवित्र तपोभूमि, को आपने पूरी तरह योग और साधना की भूमि बनाया है।आज यह केंद्र 140 से अधिक देशों में कार्य कर रहा है और 5,000 से अधिक सेवा केंद्रभारतीय सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ा रहे हैं। ‘From Awakening to Action’(जागृति से कर्म तक) की आपकी इस यात्रा को स्वामी विवेकानंद जी के शब्द – “Arise,awake, and stop not till the goal is reached” शक्ति प्रदान करते हैं। जुलाईमहीने में मुझे राजयोगिनी आशा दीदी जी से मिलने का अवसर मिला। इसके बाद हरियाणामें आयोजित एक कार्यक्रम में भी जाने का मौका मिला। मेरे शहर पटना में भीब्रह्माकुमारी जी के कई आश्रम और केंद्र कार्यरत हैं और उन्हीं के माध्यम से मेरापहला जुड़ाव हुआ। चाहे शिवरात्रि का कार्यक्रम हो या कृष्ण जन्माष्टमी का, हर अवसरपर वहां की सादगी और सरलता ने मुझे प्रेरित किया। हर केंद्र से जुड़ा व्यक्ति जिसभाव से स्वयं को धन्य मानता है,वही मेरे लिए प्रेरणा का शुरुआती स्रोत बना।भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि 8 अगस्त को मुझे गुरुग्राम में विश्वबंधुत्व रक्तदान महाअभियान के शुभारंभ कार्यक्रम में शामिल होने का अवसर मिला। इसीप्रकार, 3 अगस्त को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ब्रह्माकुमारीसंस्था के साथ नशामुक्ति अभियान की शुरुआत की।
आज की नई पीढ़ी में नशे की समस्याको दूर करने के लिए राजयोगिनी आशा दीदी जी ने जो संकल्प लिया है और इस दिशा में जोमिशन शुरू किया है। हमें पूरा विश्वास है कि उनके आशीर्वाद और इसी भावना के साथ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में नशामुक्ति अभियान को भीसफल बनाया जाएगा। आचार्य चाणक्य ने कहा था कि सत्य माता है, ज्ञान पिता, धर्म भाई,दया मित्र, शांति जीवनसंगिनी और क्षमा संतान है, यही सच्चा परिवार है। आप समाज कीकमियों को दूर कर उसे नई संजीवनी देने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। ‘Lovemeans to give’ अर्थात् प्रेम का अर्थ देना है। इस देश, मिट्टी और समाज को कुछदेने की भावना हम सभी को शक्ति प्रदान करती है, क्योंकि प्रेम का वास्तविक अर्थसर्वस्व अर्पित करना और निस्वार्थ भाव से त्याग करना है। ऋग्वेद में लोपामुद्रा, घोषाऔर अपाला जैसी ऋषिकाओं ने मंत्रों की रचना की थी और गार्गी जी ने महर्षियाज्ञवल्क्य के साथ संवाद किया था। आज हमारी ब्रह्माकुमारी दीदियों के नेतृत्व मेंसमाज को उसी प्रकार की दिशा मिल रही है। मीराबाई और लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर कीतरह, पिताश्री ब्रह्मा बाबा जी ने जिन आठ युवा बहनों को जिम्मेदारी सौंपी थी, आजउन्हीं की परंपरा में महिला नेतृत्व पूरे विश्व में कल्याण का कार्य कर रहा है।मैं दादी प्रकाशमणि जी, दादी जानकी जी, दादी हृदय मोहिनी जी और दादी रतनमोहिनी जीके प्रशासकीय नेतृत्व का अभिनंदन करता हूं, जो प्रधानमंत्री नरेन्द्रमोदी की ‘वुमेन लेड डेवलपमेंट’ की सोच को साकार कर रहा है।नवीन ने कहा कि मन की शक्ति सबसे बड़ी शक्ति है। मन ही बंधन औरमुक्ति, दोनों का कारण है। अपने भीतर की शक्ति को ऊर्जा देने के लिए ‘मैं’ यानीअहंकार के भाव को हटाकर ‘हम’ का भाव जागृत करना होगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी 140 करोड़ देशवासियों को साथ लेकर सेवा और समर्पण के भाव सेदेश को आगे बढ़ा रहे हैं। अच्छे विचार तभी सार्थक होते हैं, जब वे संस्कार बनतेहैं और सेवा के भाव के साथ समाज तक पहुंचकर प्रभावी होते हैं। यहां शांति केकेंद्र (साइलेंस रूम) और एक मिनट के मौन से जो सकारात्मक ऊर्जा मिलती है, वही हमेंजीवन की आपाधापी और संघर्षों में आगे बढ़ने की शक्ति प्रदान करती है। हाल ही में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सेवा और समर्पण के 25 वर्ष पूरे हुएहैं। सेवा का प्रभाव समाज में दिखाई देता है। इसका उदाहरण 30 सितंबर को दुबई उड़ानसंकट के दौरान देखने को मिला, जब भारत के कैप्टन स्मिथ ने ‘सेवा परमो धर्म:’ औरहनुमान चालीसा से प्रेरणा लेकर अपनी जान की बाजी लगाते हुए यात्रियों को बचाया।सेवा हमारे लिए केवल कोई कार्यक्रम नहीं, बल्कि हमारा स्वभाव बननी चाहिए। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नशामुक्त भारत अभियान की शुरुआत की है।केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी वर्ष 2029 तक भारत को नशामुक्त बनानेका संकल्प लिया है। जो युवा नशे से मुक्त रहता है, वह केवल स्वयं को ही नहीं,बल्कि राष्ट्र की शक्ति को भी सुरक्षित करता है। हमें उम्मीद है कि संस्था के 100 वर्षपूरे होने तक भारत पूरी तरह नशामुक्त दिखाई देगा।नितिन नवीन ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी ने राष्ट्र की आत्माको ‘चिति’ कहा था। एकात्म मानवदर्शन के अनुसार शरीर, मन, बुद्धि और आत्मा के बीचसमन्वय स्थापित करना आवश्यक है। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के माध्यम से भारत ने अपनीइसी शक्ति के बल पर विश्व का नेतृत्व किया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्रमोदी का वर्ष 2047 तक विकसित भारत बनाने का सपना तभी साकार होगा, जब हम सभी केभीतर जागृति आएगी और सबका प्रयास इसमें योगदान देगा। 20 जनवरी 2022 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ब्रह्माकुमारी संस्था के ‘आजादी के अमृतमहोत्सव से स्वर्णिम भारत की ओर’ कार्यक्रम में कहा था कि अमृतकाल सोते हुए सपने देखने का नहीं, बल्कि जागृत होकर संकल्पों को पूरा करने का समय है। राष्ट्रनिर्माण केवल सरकारों की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक के कर्तव्यबोध काहिस्सा बनना चाहिए। इस उत्सव के अवसर पर 90 लाख वृक्ष लगाने, एक लाख से अधिक लोगोंद्वारा रक्तदान करने, 90 प्रमुख शहरों में आध्यात्मिक सभाओं का आयोजन करने और 130 देशोंतक पहुंचने के संकल्प पूरे विश्व को एक बड़ा संदेश दे रहे हैं।भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि आज हम 15 अगस्त 1947 को अरबिंदोजी द्वारा भारत को दिए गए पांच स्वप्नों में से एक पर चर्चा करना चाहते हैं।उन्होंने कहा था, “Another dream, the spiritual gift of India to the world hasalready begun”, अर्थात् विश्व को भारत का आध्यात्मिक उपहार देने का शुभारंभ होचुका है। हम सभी संकल्पित होकर भारत को उस सामूहिक स्वप्न की ओर आगे ले जाएंगे, जिसमेंविश्व बंधुत्व की भावना भी होगी और भारत को विश्व का नेतृत्वकर्ता देश बनाने कासंकल्प भी। हमारे संकल्प एक हों, हमारे हृदय एक हों और हमारे मन एक हों, ताकि हमसब मिलकर एक सुंदर भविष्य की कल्पना को साकार कर सकें। मैं तीन संकल्पों के साथअपनी बात समाप्त करता हूं। पहला, हमारी मूल्य शिक्षा प्रत्येक युवा तक पहुंचे।दूसरा, हम सेवा के भाव से समाज और लोगों के बीच कार्य करें। तीसरा, प्रकृति केप्रति हमारा व्यवहार उत्तम हो, ताकि प्रकृति हमें आगे बढ़ने की शक्ति प्रदान करतीरहे। आज के इस कार्यक्रम में मैं विचारों की शांति, व्यवहार की शुचिता, निर्णय मेंविवेक और कर्म में सेवा के भाव के साथ सभी का अभिनंदन करता हूं। मैं सभी को बधाईदेते हुए कामना करता हूं कि यह यात्रा इसी प्रकार अनवरत चलती रहे और राजयोगिनीदीदियों का आशीर्वाद सभी को मिलता रहे।
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