अजीत सिन्हा/नई दिल्ली
भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं लोकसभा सांसद डॉ.संबितपात्रा ने आज सोमवार को नई दिल्ली स्थित पार्टी के केंद्रीय कार्यालय में प्रेसवार्ता को संबोधित किया और पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार पर भ्रष्टाचार और बिगड़ती कानून-व्यवस्था को लेकर निशाना साधा। डॉ. पात्रा ने कहा कि पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने मुख्यमंत्री भगवंत मान के ओएसडी रणबीर सिंह गुमान और उनकेकरीबी लोगों पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों की सीबीआई जांच के निर्देश दिए हैं।भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता ने विगत 48 घंटों में पंजाब में चार हत्याओं और पुलिसकर्मियों पर हुए हमलों का उल्लेखकरते हुए भगवंत मान, अरविंद केजरीवाल और आम आदमी पार्टी से भ्रष्टाचार तथा कानून-व्यवस्था परजवाब मांगा।

डॉ. संबित पात्रा ने कहा कि पंजाब में भगवंत मान और आम आदमी पार्टी कीसरकार को लेकर कोर्ट में एक बड़ा डेवलपमेंट हुआ है। पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट केचीफ जस्टिस अश्विनी कुमार मिश्रा और जस्टिस रोहित कपूर की खंडपीठ ने एक पीआईएल परनिर्णय दिया है कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के ओएसडी और उनके करीबी लोगों पर ईडीद्वारा लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोपों के विषय में सीबीआई जांच होनी चाहिए। पंजाबके मुख्यमंत्री, आप के नेता और अरविंद केजरीवाल के खास भगवंत मान के ओएसडी और उनके खासलोगों द्वारा जिस प्रकार का घोटाला किया जा रहा था, उस पर आज पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट नेसीबीआई जांच को आगे बढ़ाने के साथ-साथ यह भी कहा गया है कि सीबीआई दो महीने, यानी लगभग 60 दिनों के अंदर जांचपूरी करे और अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करे।भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता ने कहा कि भाजपा पहले से ही कहती आ रही थी किपंजाब में चाहे कानून-व्यवस्था हो या भ्रष्टाचार, सब कुछ चरम पर पहुंचा हुआ है।कानून-व्यवस्था चरमराई हुई है और भ्रष्टाचार अपने चरम पर पहुंच चुका है। जो बातभाजपा कह रही थी,उसका पुष्टिकरण स्वयं उच्च न्यायालय ने किया है। पंजाब के मुख्यमंत्रीभगवंत मान के खास रणबीर सिंह गुमान उनके ओएसडी हैं। उन पर आरोप लगा था कि वह औरउनके कुछ अन्य अधिकारी बिचौलियों का काम करते हैं। अर्थात, सरकार की ओर से मिलने वाले लाभों को कुछरकम, ब्राइबरी या रिश्वत लेकर लोगों तक किस प्रकार पहुंचाया जाए और बिजनेसइंटरेस्ट के बीच बिचौलिये का काम किया गया, इन सभी विषयों को लेकर एडवोकेट निखिलशराफ ने पंजाब के उच्च न्यायालय में पीआईएल दाखिल की थी। उस पर आज न्यायालय नेसीबीआई जांच के लिए कहा है। अरविंद केजरीवाल,आम आदमी पार्टी और भगवंत मान को इस परसफाई देनी चाहिए कि आखिर कितना घोटाला हुआ है, उनके खुद के सचिव इसमें कितने लिप्त हैंऔर खुद के सचिव, अर्थात वे स्वयं, किस प्रकार के भ्रष्टाचार और किस प्रकार के घोटाले कर रहे हैं।डॉ पात्रा ने कहा कि जहां तक कानून-व्यवस्था का विषय है, जब से आम आदमी पार्टीकी सरकार आई है, पंजाब में किस प्रकार की कानून-व्यवस्था है, यह सभी को पता है। मगर विगत 48 घंटों के अंदर पंजाबमें जिस प्रकार की कानून-व्यवस्था रही है, उसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है किकेवल 48 घंटे में चार-चार हत्याएं हुई हैं। कल पंजाब के काफी जाने-माने सोशल मीडियाइनफ्लुएंसर और मेकअप आर्टिस्ट मैड संधू की अमृतसर में लोहारका रोड पर लगभग 6 बजे के आसपास हत्या करदी गई। पंजाब के लुधियाना में 48 घंटों के अंदर तीन हत्याएं हुई, जिसमें एक पूर्व सरपंच की हत्या भी शामिल है। शनिवार शाम को मालेवाल गांवके सरपंच नवतेज सिंह की हत्या कर दी गई। दूसरी हत्या मुल्लांपुर दाखा गांव के 29 वर्षीय लाड्डी खान कीहुई, जिनकी गोली मारकर हत्या की गई। इसी प्रकार, तीसरी हत्या साहनेवाल में अनंत विहारकॉलोनी, लुधियाना के 35 वर्षीय दिनेश कुमार की हुई, जिनकी चाकू घोंपकर हत्या की गई।भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता ने कहा कि 48 घंटों के अंदर पंजाब में चार हत्याएंहुईं। अगर भाजपा शासित किसी राज्य में इस प्रकार की परिस्थिति होती, तो अरविंद केजरीवालअभी रैली कर रहे होते, प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रहे होते और सरकार की बर्खास्तगी की मांग कर रहे होते।स्वाभाविक रूप से अरविंद केजरीवाल और आम आदमी पार्टी का यह डबल स्टैंडर्ड नहींचलेगा। जब पुलिस की खुद हत्या हो रही है, जब पुलिस के कॉन्स्टेबल और पुलिस अधिकारी खुद मारे जा रहे हैं, तो किस प्रकार सेपंजाब की सरकार एक आम आदमी की रक्षा कर सकती है, यह भी सोचने का विषय है। 22 फरवरी 2026 को आंधियां पुलिस चौकी, जिला गुरदासपुर मेंएएसआई गुरनाम सिंह की मृत्यु हो गई। ड्यूटी के दौरान हमलावरों ने नजदीक से गोलीचलाई, जिसमें वह शहीद हुए। उसी दिन, 22 फरवरी 2026 को होमगार्ड अशोक कुमार को भी मार दिया गया। 24 मई 2026 को हमज़ा गांव, फतेहगढ़ चूड़ियां, मजीठा रोड, जिला अमृतसर में एएसआईजोगा सिंह पर ड्यूटी के दौरान स्कूटी से हमला किया गया और उन्हें भी मार दिया गया।डॉ. पात्रा ने कहा कि 18 सितंबर 2026 को एआई हरजीत सिंह की हत्या हुई। 23 सितंबर 2026 को एएसआई जसवंत सिंह की हत्या करने कीकोशिश की गई, मगर वह बाल-बाल बच गए। 4 अक्टूबर 2026, अर्थात कल एएसआई सुखचैन पर भी गोली चलाई गई, मगर वह बच गए। 48 घंटों में चार हत्याएं हुईं और कल एकपुलिस वाले के ऊपर भी गोली चलाने की वारदात हुई। कितने पुलिसकर्मियों की हत्या हुईहै, यह हमने गिनाया है। इसके साथ ही कितने पुलिस स्टेशनों पर गोली चली है, उसका भी आंकड़ा है।लेकिन हमें लगता है कि यह पूरा विषय, हाई कोर्ट में करप्शन का केस और पंजाब की बिगड़ती हुई कानून-व्यवस्था, इन सब पर आम आदमीपार्टी को जवाब देना चाहिए। पंजाब की जनता तो आगामी चुनाव के समय जवाब देगी ही।
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