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अपराध गुडगाँव

फर्जी रियल एस्टेट परियोजनाओं के नाम पर करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश, 2 आरोपित पकड़े गए।


अजीत सिन्हा की रिपोर्ट 
फर्जी रियल एस्टेट परियोजनाओं के नाम पर करोड़ों की धोखाधड़ी करने के एक मामले में आज शुक्रवार को अपराध शाखा -1, गुरुग्राम की टीम ने दो आरोपितों को गिरफ्तार किए है, जिनके नाम अशोक चौधरी (उम्र- 60 वर्ष) निवासी गौतम नगर, दिल्ली व चंद्रकांत चौधरी (उम्र-40 वर्ष) निवासी बृज विहार जिला गाजियाबाद (उत्तर-प्रदेश) है। इस मामले में थाना सेक्टर -40 , गुरुग्राम में संबंधित कई धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज है। पुलिस टीम इन दोनों आरोपितों से गहनता से पूछताछ कर रही है। 

पुलिस प्रवक्ता ने आज जानकारी देते हुए बताया कि दिनांक 15.04.2026 को शिकायतकर्ता ने एक लिखित शिकायत के माध्यम से बताया कि सीकेसी इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के डायरेक्टर अशोक चौधरी व चंद्रकांत चौधरी तथा इनके अन्य साथियों द्वारा अपर्णा आश्रम सिलोखरा, गुरुग्राम व वैशाली में कथित रियल एस्टेट परियोजनाओं में निवेश के नाम पर झूठे दस्तावेज व सेलिंग राइट्स के झूठे आश्वासन देकर उसे विश्वास में लिया गया  तथा अलग-अलग समय पर निवेश कराया गया। भुगतान के बावजूद न तो कोई वैध एग्रीमेंट किया गया, न परियोजना पर कोई कार्य शुरू किया गया और न ही समझौते के अनुसार सेलिंग राइट्स दिए गए। बाद में शिकायतकर्ता को जानकारी मिली कि संबंधित भूमि विवादित है तथा सरकारी कब्जे में है।उपरोक्त संबंध में थाना सेक्टर-40, गुरुग्राम में संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा अंकित किया गया तथा मामले की आगामी जांच अपराध शाखा-I, गुरुग्राम की पुलिस टीम द्वारा की गई।अपराध शाखा-I, गुरुग्राम की पुलिस टीम द्वारा नियमानुसार कार्रवाई करते हुए उपरोक्त मुकदमा में संलिप्त 2 आरोपितों को दिनांक 23 अप्रैल 2026 को सेक्टर-62, नोएडा (उत्तर-प्रदेश) से गिरफ्तार किया गया है।गिरफ्तार आरोपितों के नाम  अशोक चौधरी (उम्र-60 वर्ष) निवासी गौतम नगर, दिल्ली व चंद्रकांत चौधरी (उम्र-40 वर्ष) निवासी बृज विहार जिला गाजियाबाद (उत्तर-प्रदेश) है।पुलिस पूछताछ में ज्ञात हुआ कि उपरोक्त आरोपित सीकेसी इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के डायरेक्टर हैं, जिन्होंने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर योजनाबद्ध तरीके से फर्जी रियल एस्टेट परियोजनाओं के नाम पर शिकायतकर्ता को झांसा दिया तथा उससे निवेश के रूप में करोड़ों रुपये प्राप्त किए। आरोपितों  द्वारा अपर्णा आश्रम की जमीन पर परियोजना के नाम पर लगभग 1 करोड़ रुपये तथा वैशाली (नोएडा) स्थित परियोजना में निवेश के नाम पर लगभग 4 करोड़ 50 लाख रुपये प्राप्त किए गए। उक्त राशि में से लगभग 1 करोड़ रुपये सीकेसी इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के बैंक खाते में ट्रांसफर करवाए गए, जिसे बाद में आरोपितों द्वारा आपस में बांट लिया गया। आरोपितों  ने उक्त राशि प्राप्त कर न तो समझौते के अनुसार सेलिंग राइट्स दिए और न ही कोई वैध कार्रवाई  की, बल्कि शिकायतकर्ता के साथ धोखाधड़ी की वारदात को अंजाम दिया। आरोपितों से मामले में लिप्त अन्य आरोपितों  के संबंध में पूछताछ की जा रही है। मुकदमा  का अनुसंधान जारी है।

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