अजीत सिन्हा की रिपोर्ट
दिल्ली के नॉर्थ डिस्ट्रिक्ट की साइबर पुलिस स्टेशन को 22 वर्षीय एक महिला की ओर से शिकायत मिली। महिला का आरोप है कि कुछ अज्ञात व्यक्तियों ने उसकी तस्वीरों का उपयोग करके कृत्रिम बुद्धिमत्ता की मदद से अश्लील तस्वीरें एवं वीडियो बनाए एवं उन्हें वायरल किया।शिकायतकर्ता ने कहा कि उसे कई गुमनाम इंस्टाग्राम खातों से संदेश मिले। इन संदेशों में बताया गया कि उसकी तस्वीरें एवं वीडियो डिस्कॉर्ड सर्वरों पर प्रसारित किए जा रहे हैं। उसने यह भी आरोप लगाया कि ऐसी आपत्तिजनक सामग्रियों को पोस्ट करने हेतु नकली इंस्टाग्राम खातों का उपयोग किया जा रहा है। उसे धमकी भरे संदेश भी भेजे जा रहे हैं; ऐसा इसलिए किया जा रहा है ताकि उसे अपमानित एवं परेशान किया जा सके।शिकायत की गंभीरता एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी नई तकनीकों के दुरुपयोग को देखते हुए, उत्तरी जिले के साइबर पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता के संबंधित प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया। तुरंत ही जांच शुरू कर दी गई।

टीम, जांच एवं तकनीकी विश्लेषणइस मामले में शामिल व्यक्तियों की पहचान करने, एवं उन डिजिटल सुविधाओं/इन्फ्रास्ट्रक्चरों का पता लगाने हेतु, एक विशेष पुलिस टीम गठित की गई। इस टीम में एसआई हंशुल गुप्ता एवं एचसी सनी शामिल थे। इस टीम का नेतृत्व इंस्पेक्टर रोहित गहलोत, एसएचओ/साइबर पुलिस स्टेशन, उत्तरी जिला कर रहे थे। वहीं, उत्तरी जिले के एसीपी/ऑपरेशन्स, विशेष धत्तरवाल का इस टीम को समग्र मार्गदर्शन प्राप्त था।जांच टीम ने उन डिजिटल साक्ष्यों, सोशल मीडिया खातों, ईमेल आईडीयों एवं अन्य तकनीकी साक्ष्यों का विस्तार से विश्लेषण किया, जो उन नकली प्रोफाइलों से संबंधित थे।तकनीकी जांच में पता चला कि उन आपत्तिजनक सामग्रियों को बनाने, अपलोड करने एवं वितरित करने में कई इंस्टाग्राम खातों, डिस्कॉर्ड खातों एवं जीमेल आईडीयों का उपयोग किया गया। डिजिटल साक्ष्यों का बारीकी से विश्लेषण करके उन खातों का उपयोग करने वाले व्यक्तियों की पहचान की गई, एवं यह भी पता लगाया गया कि वे सामग्रियाँ किस तरह से तैयार एवं वितरित की गईं।तकनीकी साक्ष्यों एवं गहन जांच के आधार पर, 22 वर्षीय आरोपी केशव बंसल की पहचान की गई। केशव बंसल दिल्ली के ईस्ट पंजाबी बाग का निवासी है। उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
आरोपी के बयानों से उसका उद्देश्य स्पष्ट हो जाता है; साथ ही, एआई तकनीक का उपयोग करके बनाए गए नकली वीडियो/चित्रों का भी पता चल जाता है।पूछताछ के दौरान, आरोपी ने बताया कि वह शिकायतकर्ता को कॉलेज के दिनों से ही जानता था। बार-बार होने वाली अपमानजनक टिप्पणियों के कारण उनके बीच व्यक्तिगत दुश्मनी पैदा हो गई थी।आरोपी ने यह भी बताया कि उसने शिकायतकर्ता की निजी इंस्टाग्राम आईडी से उसकी तस्वीरें हासिल कीं, एवं उन तस्वीरों का उपयोग करके कृत्रिम बुद्धिमत्ता की मदद से अश्लील चित्र बनाए। उसने यह भी बताया कि इन अश्लील चित्रों को बाद में गुमनाम डिस्कॉर्ड सर्वरों पर अपलोड कर दिया गया।आरोपी ने यह भी बताया कि, जब पहली बार वह सामग्री अपलोड की गई, तो अज्ञात ऑनलाइन उपयोगकर्ताओं ने ऐसी तस्वीरें एवं वीडियो बनाए, जिन्हें उसने बाद में उसी प्लेटफॉर्म पर पुनः पोस्ट किया।आरोपी के बयानों की सत्यता की जाँच, कानून के अनुसार, उपलब्ध तकनीकी, इलेक्ट्रॉनिक एवं फॉरेंसिक साक्ष्यों के आधार पर की जा रही है।
दस ऑपरेंडी (Modus Operandi):
जांच एवं आरोपी के कथन से यह संकेत मिलता है कि आरोपी द्वारा कथित रूप से निम्नलिखित कृत्य किए गए:• कई फर्जी Instagram, Discord एवं Facebook अकाउंट बनाए और संचालित किए।
• गुमनाम ऑनलाइन गतिविधियों के लिए कई Gmail IDs बनाई एवं उनका उपयोग किया।
• शिकायतकर्ता के निजी Instagram अकाउंट से प्राप्त तस्वीरों का दुरुपयोग किया।
• AI-आधारित इमेज जनरेशन/एडिटिंग तकनीक का उपयोग कर अश्लील एवं आपत्तिजनक मॉर्फ्ड तस्वीरें तैयार कीं।
• AI द्वारा तैयार आपत्तिजनक सामग्री को गुमनाम Discord सर्वरों पर अपलोड किया।
• इसके बाद अज्ञात ऑनलाइन उपयोगकर्ताओं द्वारा कथित रूप से बनाई गई अधिक स्पष्ट AI-जनित तस्वीरों एवं वीडियो को पुनः पोस्ट किया।
• फर्जी एवं गुमनाम डिजिटल पहचान का उपयोग कर आपत्तिजनक सामग्री के ऑनलाइन प्रसार को सुगम बनाया।
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