अजीत सिन्हा की रिपोर्ट
एक रिटायर्ड फौजी ने अपनी लाइसेंसी पिस्टल से पीजी संचालक की गोली मार सनसनीखेज हत्या कर दी, और मौके से फरार हो गया। ये सनसनीखेज वारदात मंगलवार रात की है। मरने वाले पीजी संचालक का नाम हेमंत कौशिक निवासी आचार्य पूरी गंगा विहार गुरुग्राम है। मारने वाले आरोपित का नाम अमरजीत ग्रेवाल उर्फ अमरजीत फौजी हैं। इस मामले में थाना सेक्टर -14 गुरुग्राम में हत्या सहित कई धाराओं में आरोपित अमरजीत ग्रेवाल उर्फ़ अमरजीत फौजी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई, इसके कुछ ही घंटों के बाद आरोपित को पुलिस की संयुक्त टीम ने गिरफ्तार कर लिया। ये सनसनीखेज खुलासा एसीपी क्राइम नवीन शर्मा ने आज आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में किए है।

एसीपी क्राइम नवीन शर्मा ने पत्रकारों को जानकारी देते हुए बताया कि दिनांक 08 सितंबर 2026 को थाना सेक्टर-14, गुरुग्राम की पुलिस टीम को सूचना प्राप्त हुई कि हेमंत कौशिक निवासी आचार्य पुरी (गंगा विहार), गुरुग्राम को गोली मारी गई है और उसे उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम अस्पताल पहुंची, जहां पर ज्ञात हुआ कि हेमंत कौशिक को डॉक्टर द्वारा मृत घोषित किया गया है। इस संबंध में मृतक के दोस्त द्वारा पुलिस टीम को एक लिखित शिकायत के माध्यम से बतलाया कि हेमंत कौशिक (मृतक) और अमरजीत ग्रेवाल उर्फ अमरजीत फौजी के बीच रुपयों का लेन-देन था। दिनांक 08 सितंबर को हेमंत ने उस को (शिकायतकर्ता) बताया था कि अमरजीत पैसे लेने के लिए आने वाला है। हेमंत ने उसको यह भी कहा था कि जब वह फोन करे तो वह उसके पास आ जाए। कुछ समय बाद हेमंत का उसके पास फोन आया तो वह भी मौके पर पहुंच गया, समय करीब सांय 6 बजे जब व वहां पहुंचा तो हेमंत और अमरजीत आपस में बातचीत कर रहे थे। इसी दौरान दोनों के बीच बहस हो गई। बहस के दौरान अमरजीत ने अपनी पिस्टल निकालकर हेमंत के माथे में गोली मार दी और वहां से भाग गया। उसके बाद हेमंत को उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। प्राप्त शिकायत के आधार पर थाना सेक्टर-14, गुरुग्राम में संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा अंकित किया गया। एसीपी क्राइम का कहना है कि इस मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना सेक्टर-14, गुरुग्राम एवं अपराध शाखा मानेसर,गुरुग्राम की पुलिस टीमों ने संयुक्त रूप से कार्यवाही करते हुए आरोपित अमरजीत ग्रेवाल उर्फ अमरजीत फौजी (उम्र 40 वर्ष) निवासी गांव बामला, जिला भिवानी, हरियाणा को आज बुधवार को दिल्ली से गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की। उनका कहना है कि आरोपित से पुलिस पूछताछ में ज्ञात हुआ कि वह वर्ष-2024 में भारतीय सेना से सेवानिवृत्त हुआ था। उसकी व मृतक हेमंत कौशिक की पहचान एक कॉमन दोस्त के माध्यम से हुई थी। वर्ष-2021 में हेमंत ने उससे (आरोपित) करीब 6.5 लाख रुपए उधार लिए थे। दिनांक 08.09.2026 को रुपयों के लेन-देन को लेकर इन दोनों (आरोपी-मृतक) के बीच हुए विवाद के दौरान उसने अपने लाइसेंसी हथियार से हेमंत कौशिक पर गोली चला दी, जिससे उसकी मृत्यु हो गई।
Related posts
0
0
votes
Article Rating
Subscribe
Login
0 Comments
Oldest
Newest
Most Voted

