Athrav – Online News Portal
चंडीगढ़ स्वास्थ्य हरियाणा

हरियाणा में लिंग अनुपात सुधारने के लिए तेज़ किए गए प्रयास – एसीएस स्वास्थ्य डॉ. सुमिता मिश्रा


अजीत सिन्हा की रिपोर्ट
चंडीगढ़:हरियाणा सरकार ने लिंग अनुपात में सुधार और गैरकानूनी लिंग निर्धारण प्रथाओं पर रोक लगाने के लिए अपने राज्यव्यापी अभियान को और तेज कर दिया है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने जिला स्वास्थ्य अधिकारियों को सभी जिलों में सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करनेे और व्यापक जागरूकता अभियान शुरू करने के निर्देश दिए है। डॉ. सुमिता मिश्रा ने राज्य के सिविल सर्जनों को निर्देश जारी करते हुए कहा कि स्वास्थ्य विभाग पीसी – पीएनडीटी एक्ट और मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी (एमटीपी) एक्ट को अच्छे से लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि कन्या भू्रण हत्या को खत्म किया जा सके और लैंगिक समानता को बढ़ावा दिया जा सके। उन्होंने सभी जिलों को गैर-कानूनी लिंग निर्धारण गतिविधियों के खिलाफ छापेमारी और जांच में अधिक बढ़ोतरी करने और जमीनी स्तर पर उल्लंघन की पहचान करने और उन्हें रोकने के लिए निगरानी तंत्र को मजबूत करने का निर्देश दिया। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि राज्य में लिंग अनुपात को बेहतर बनाने के लिए सख्त निगरानी और तेज़ कार्रवाई ज़रूरी है।
डॉ. मिश्रा ने सभी सिविल सर्जनों को निर्देश दिए कि वे सुनिश्चित करें कि अगले तीन कार्य दिवसों के भीतर डिप्टी कमिश्नर की अध्यक्षता में जिला स्तरीय समिति और जिला टास्क फोर्स की बैठकें आयोजित हों। इसके बाद इन बैठकों का नियमित आयोजन भी किया जाए, ताकि जिला स्तर पर कड़ी निगरानी और बेहतर समन्वय के साथ प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने कहा कि फील्ड स्टाफ की जवाबदेही को और अधिक मजबूत किया जाए तथा मई 2026 के अंत तक पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में लिंग अनुपात में सुधार सुनिश्चित करने के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएं। डॉ. मिश्रा ने सामाजिक भागीदारी की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि धार्मिक नेताओं, सामुदायिक संगठनों और स्थानीय संस्थाओं को कन्या भ्रूण हत्या तथा लिंग निर्धारण के खिलाफ जागरूकता फैलाने में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने विवाह समारोह संपन्न कराने वाले पंडितों, मौलवियों और ग्रंथियों से भी इस अभियान में जुड़ने की अपील की, ताकि नवविवाहित जोड़ों को लिंग चयन जैसी कुप्रथाओं के खिलाफ जागरूक और सजग बनाया जा सके। डॉ. सुमिता मिश्रा ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे SAHELI नेटवर्क और फील्ड स्तर की स्वास्थ्य टीमों के माध्यम से गर्भवती महिलाओं, विशेष रूप से उन महिलाओं जिनकी एक या अधिक बेटियां हैं, की निगरानी को और अधिक मजबूत करें, ताकि संदिग्ध मामलों में समय रहते हस्तक्षेप किया जा सके। उन्होंने कहा कि जिलों द्वारा चलाए जा रहे सभी प्रवर्तन अभियान और जागरूकता कार्यक्रमों का मीडिया एवं सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए, ताकि आमजन में जागरूकता बढ़ाई जा सके। अधिकारियों को लापरवाही के प्रति आगाह करते हुए डॉ. मिश्रा ने स्पष्ट कहा कि सरकार के निर्देशों को प्रभावी रूप से लागू करने में विफल रहने वालों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

Related posts

स्वतंत्र, निष्पक्ष तथा शांतिपूर्ण तरीके से लोकसभा चुनाव संपन्न करवाने के लिए हरियाणा पुलिस ने स्थापित किया इलेक्शन सेल। 

Ajit Sinha

‘विकसित भारत- विकसित हरियाणा’ के विज़न को साकार करने में अग्रणी भूमिका निभा रही है : राज्यपाल असीम घोष

Ajit Sinha

हरियाणा में कोरोना मरीजों का कल के मुकाबले आज काफी उछाल आया हैं, आज 2366 नए मरीज आए हैं,22 जिलों के आकड़े जाने।

Ajit Sinha
0 0 votes
Article Rating
Subscribe
Notify of
guest
0 Comments
Oldest
Newest Most Voted
error: Content is protected !!
0
Would love your thoughts, please comment.x
()
x