अजीत सिन्हा की रिपोर्ट
चंडीगढ़:हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि पुस्तकों में भाषा का समन्वय ठीक उसी प्रकार होता है, जिस प्रकार शरीर व आत्मा का आपसी संबंध होता है।मुख्यमंत्री आज सेक्टर-5 स्थित यवनिका पार्क में बिजली कंपनियों के तत्वावधान में 6 अन्य विभागों द्वारा आयोजित द्वितीय पंचकूला पुस्तक मेला के उद्घाटन अवसर पर बोल रहे थे। इस मेले में राष्ट्रीय बुक ट्रस्ट का भी विशेष योगदान है। पुस्तक मेला 22 जनवरी तक चलेगा। मेले में लगभग 100 प्रकाशकों में स्टाल लगाए है, जिनमें हिंदी, अंग्रेजी, ऊर्दू, संस्कृत, पंजाबी आदि की पुस्तकें उपलब्ध होंगी। ’’ज्ञान की रोशनी से रोशन होता हरियाणा, विद्युत प्रवाह से ज्ञान प्रवाह’’ पुस्तक मेले का थीम है।मुख्यमंत्री ने कहा कि पुस्तकें ज्ञानवर्धक होती है। जब भी हमें समय मिले, पुस्तकें अवश्य पढऩी चाहिए, केवल दिखावे के लिए बल्कि वास्तविक ज्ञान हासिल करने के लिए पुस्तकें पढऩी चाहिए। ज्ञान शाश्वत होता है। प्राचीन काल में भावी पीढ़ी को ज्ञान देने के लिए श्रुति ज्ञान का सहारा लिया जाता था।

पुस्तकें हमें मानसिक तनाव से भी दूर करती है। पुस्तकालयों में अध्यात्मिक, खेल, संस्कृति, कहानी, कथा, व्यंगकारों सहित विभिन्न विषयों की पुस्तकें उपलब्ध होती है। हर व्यक्ति को पुस्तकें लेनी चाहिए।मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि स्वागत या अभिनंदन के समय बुके नहीं बुक देनी चाहिए। उन्होंने कहा कि उनके मुख्यमंत्री आवास संत कबीर कुटीर में भी एक पुस्तकालय खोला गया है। अधिकारी व मीडिया कर्मी भी यहां से पुस्तकें ले रहे है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम सभी को लेखक शिवलाल शुक्ल, आईएएस सेवानिवृत की पुस्तक ’’राग दरबारी’’ अवश्य पढ़नी चाहिए क्योंकि इस पुस्तक में राष्ट्र जीवन की दिशा पर पंडित दीनदयाल उपाध्याय के लेख भी संकलित है। उन्होंने कहा कि वे सदैव गीता के श्लोक कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन, पर चलते हुए कर्म कर रहे है, फल की इच्छा कभी नहीं की, फल तो अपने आप मिल जाता है।मुख्यमंत्री ने कहा कि शब्द ज्ञान की महिमा अपरंपार है। सबसे पहले अक्षर ज्ञान हुआ, फिर शब्द ज्ञान हुआ, फिर वाक्य बने, फिर भाषा व लिपि बनी और पुस्तकें बनी।आज डिजिटल युग में ई-लाइब्रेरी की अवधारणा भी आ गई है। उल्लेखनीय है कि 22 अक्टूबर 2020 को करनाल जिले के काच्छवा गांव में सीएसआर के तहत बिजली निगमों द्वारा संचालित की गई पहली ई-पुस्तकालय का उद्घाटन किया गया था।
आज मुख्यमंत्री ने तीन और पुस्तकालयों नामत:
सरदार पटेल पुस्तकालय समाना बहु करनाल, सरदार पटेल पुस्तकालय मोहड़ी कुरुक्षेत्र व सरदार पटेल पुस्तकालय धौलरा यमुनानगर का भी रिमोट के माध्यम से शुभारंभ किया।मुख्यमंत्री ने बिजली निगमों में 25 वर्ष सुधारों ई-मैगजीन विद्युत प्रवाह से ज्ञान प्रवाह पुस्तक का अनावरण किया। इसके अलावा उन्होंने उच्चतर शिक्षा विभाग के डॉ. प्रमोद तथा अनु गुप्ता की पुस्तक का विमोचन भी किया।इस अवसर पर अध्यक्षता करते हुए हरियाणा विधानसभा के अध्यक्ष ज्ञान चंद गुप्ता ने कहा कि हमें इतिहास की किताबों को पढऩा चाहिए। उन्होंने कहा कि इससे नयी पीढ़ी को इतिहास में दर्ज अपने नायकों को जानने का अवसर प्राप्त होगा। इस तरह युवावर्ग अपनी नायकों के जीवन को आत्मसात कर एक सुनहरे भविष्य का निर्माण करेंगे। उन्होंने कहा कि जिस समाज का युवा पढ़ेगा निश्चित रूप से उस समाज का सुनहरा भविष्य निर्मित होगा।बिजली निगमों के चेयरमैन श्री पीके दास ने द्वितीय पंचकूला पुस्तक मेले के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि पहला मेला 14 से 20 दिसंबर 2023 को पंचकूला में लगाया गया था, जिसमें 30 प्रकाशकों ने अपने स्टॉल लगाए थे। आज इस मेले में लगभग 100 से अधिक प्रकाशकों ने अपने स्टॉल लगाए हैं। उन्होंने कहा कि पुस्तक मेले के आयोजन का मुख्य उद्देश्य विकास के साथ साथ सभ्यता को जोडऩा है और आशा है कि 8 दिन चलने वाला यह पुस्तक मेला साहित्य, संस्कृति, शिक्षा का संग्रह करते हुए बौद्धिक वातावरण दें पाएगा।
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