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दिल्ली नई दिल्ली राजनीतिक राष्ट्रीय वीडियो

कांग्रेस की “महंगाई पर हल्ला बोल रैली” से पहले कांग्रेस के दिग्गज नेताओं ने आयोजित प्रेस वार्ता क्या कहा-सुने इस वीडियो में।

अजीत सिन्हा की रिपोर्ट
नई दिल्ली: कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि साथियों! पिछले एक साल से कांग्रेस पार्टी कमर तोड़ महंगाई, बढ़ती हुई महंगाई के खिलाफ़ विशाल प्रदर्शन करती आ रही है। दिसम्बर, 2021 में, जयपुर में एक बड़ी रैली का आयोजन किया गया। 5 अगस्त, 2022 को सारे सांसदों और हमारे वरिष्ठ नेताओं ने महंगाई के खिलाफ़ विजय चौक पर रैली की और उन्हें गिरफ्तार किया गया, करीब 70 सांसद गिरफ्तार हुए और किंग्सवे कैंप पुलिस स्टेशन में हमें जाना पड़ा। कल यहाँ महंगाई पर हल्ला बोल रैली होने वाली है, रामलीला मैदान में। हम 03 साल बाद रामलीला मैदान वापस लौट आए हैं और इस रैली के बारे में आपको और जानकारी देने के लिए हमारे तीन वरिष्ठ पदाधिकारी हैं, केसी वेणुगोपाल, जो संगठन के जनरल सेक्रेटरी हैं; शक्ति सिंह गोहिल, ये दिल्ली के इंचार्ज हैं; अजय माकन, जो राजस्थान के प्रभारी हैं और दिल्ली पीसीसी के अध्यक्ष अनिल चौधरी जी हैं।

मैं पहले वेणुगोपाल से गुजारिश करूँगा कि वो इस रैली के बारे में कुछ आपको बताएं, उसके बाद मैं माकन से गुजारिश करूँगा, उसके बाद शक्ति सिंह बोलेंगे और अंत में अनिल चौधरी कुछ कहकर आपके सवालों के जवाब हम देंगे।

अजय माकन ने कहा- वेणुगोपाल , जयराम रमेश , शक्ति सिंह गोहिल , अनिल और यहाँ पर उपस्थित हमारे पत्रकार साथियों, भाईयों और बहनों। अभी वेणुगोपाल ने बहुत विस्तार से बताया कि कैसे राहुल गांधी कल महंगाई पर हल्ला बोल, कांग्रेस पार्टी की राष्ट्रीय रैली यहाँ पर रामलीला मैदान से संबोधित करने वाले हैं और इस रैली के अंदर लाखों की तादाद में कांग्रेस के कार्यकर्ता यहाँ पर आएंगे और देश के अंदर बढ़ती हुई महंगाई के खिलाफ सोती हुई केन्द्र सरकार को जगाने का काम करेंगे। जैसे अभी वेणुगोपाल ने बताया कि विपक्ष के तौर पर कांग्रेस पार्टी और हमारे नेता राहुल गांधी, पिछले दो वर्षों से लगातार महंगाई पर संसद के अंदर, संसद के बाहर, सड़कों पर, रामलीला मैदान में, रैलियों के माध्यम से, हर तरीके से महंगाई के खिलाफ जनता के हितों की लड़ाई लड़ रहे हैं और किस तरह से 5 अगस्त को पूरी की पूरी कांग्रेस की वर्किंग कमेटी के साथ, प्रियंका गांधी के साथ महंगाई पर प्रदर्शन करते हुए गिरफ्तार भी हुए और जनता की आवाज भी उठाई और लड़ाई भी लड़ी, लेकिन आज सबसे जरुरी इस बात को समझने की है कि इसके लिए सीधे-सीधे मोदी सरकार, भाजपा की सरकार क्यों जिम्मेदार है और कैसे जिम्मेदार है? आज हमारे देश के अंदर महंगाई बढ़ रही है, मैं आप सब लोगों से, सभी पत्रकार बंधुओं से केवल एक बात कहता हूँ, एक बात पूछना भी चाहता हँ कि अगर आप लोग पिछले मोदी सरकार के 8 वर्ष के कार्यकाल को देखें, तो टैक्सेस के अंदर किसी चीज का टैक्स कम हुआ है? क्या इनकम टैक्स कम हुआ है, क्या जीएसटी कम हुआ, क्या कोई टैक्स कम हुआ, क्या जनता के ऊपर कर्ज का बोझ कम हुआ, क्या एक्साइज पेट्रोल-डीजल के ऊपर कम हुआ-नहीं हुआ, लेकिन एक चीज जरूर कम हुई है, एक टैक्स कम हुआ, वो भी समझने की जरूरत है वो टैक्स कम हुआ, वो कॉर्पोरेट टैक्स कम हुआ, जो कि इनके मित्र पूंजीपति घराने को देना पड़ता है, वो टैक्स कम हुआ। कॉर्पोरेट टैक्स टैक्स 30 प्रतिशत से घटकर 15-22 प्रतिशत तक कॉर्पोरेट टैक्स टैक्स कर दिया गया। 30 प्रतिशत पहले था, 30 प्रतिशत से घटाकर 22 प्रतिशत, 15 प्रतिशत कर दिया गया। तो फायदा किसको हुआ-मोदी जी के मित्र पूंजीपतियों को फायदा हुआ। अब उस टैक्स की अगर भरपाई करनी है, तो भरपाई कैसे होगी- भरपाई होगी, जीएसटी, जो कि साधारण जनता का इन्डायरेक्ट टैक्स है, उसको बढ़ाएंगे, तो भरपाई होगी। वो भरपाई कैसे होगी कि पेट्रोल और डीजल के ऊपर एक्साइज, हमारे समय पर कुल कलेक्शन एक्साइज पेट्रोल और डीजल पर 1,57,000 करोड़ रुपए होता था। इस वर्ष 6 लाख करोड़ से ऊपर, 4 गुना से ज्यादा एक्साइज पेट्रोल और डीजल पर कलेक्शन बढ़ा दिया गया। हमारे समय में पेट्रोल और डीजल और पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स के ऊपर 1,47,000 करोड़ रुपए की सब्सिडी दी जाती थी, वो सब्सिडी 1,47,000 करोड़ से कम करके, 10 हजार करोड़ से भी कम कर दी गई, 14 गुना सब्सिडी कम कर दी गई। तो जब 14 गुना सब्सिडी कम कर देंगे, 4 गुना टैक्स एक्साइज पर केन्द्र सरकार बढ़ा देगी, तो पेट्रोल और डीजल और मिट्टी के तेल और रसोई घरों के गैस की कीमत बढ़ेगी या नहीं बढ़ेगी, जो अब सबको नजर आ रहा है।

अगर जीएसटी खाद्य पदार्थ पर लगाकर भरपाई पूरी करेंगे, जो कॉर्पोरेट मित्र, पूंजीपति घरानों पर जो टैक्स 30 प्रतिशत लगाया जाता था, घटकर 15 प्रतिशत आधा कर दिया, 15 से 22 प्रतिशत कर दिया, तो जो औद्योगिक घरानों के ऊपर मित्र पूंजीपतियों का टैक्स जब आधा कर दिया, तो उसकी भरपाई जीएसटी खाद्य पदार्थों पर बढ़ाकर करेंगे, तो रेट बढ़ेगे, या नहीं बढ़ेंगे? वही तो नजर आ रहा है। आज आप खाद्य तेल को देख लें, अगर आज आप अनाज देख लें, अगर आज धान देख लें, सब्जियाँ देख लें, फल-फ्रूट देख लें, पेट्रोल-डीजल, केरोसीन, आप रसोई घर की गैस देख लें, कोई भी ऐसी चीज नहीं है, जिसमें आसमान को छूती हुई महंगाई नजर नहीं आती। तो केवल अपने मित्र पूंजीपति मित्रों को फायदा पहुंचाने के लिए, अमीर और अमीर हो जाए, गरीब और गरीब हो जाए, साधारण जनता पिसती जाए, केवल और केवल इसी के ऊपर ये काम हो रहा है, ये हम आज आपको कहना चाहते हैं औऱ एक गंभीर और सशक्त विपक्ष की आवाज बनकर कहना चाहते हैं। आप सब लोगों से हम लोग कहना चाहते हैं कि कृपया करके अपने चैनल्स, अपने अखबार के अंदर इन सब चीजों को बताएं। जनता को पता होना चाहिए कि किस प्रकार से जनता की जेब पर डाका डाला जा रहा है और अमीर और अपने मित्र पूंजीपतियों को फायदा पहुंचाने के लिए अमीर और अमीर हो जाएं, दुनिया के पहले नंबर पर, दूसरे नंबर पर, तीसरे नंबर पर इसका कॉम्पटीशन हो रहा है और दूसरी तरफ हमारे गरीब और गरीब हो रहे हैं, क्योंकि महंगाई के बोझ के तले दबे जा रहे हैं और एक सशक्त विपक्ष की आवाज कांग्रेस पार्टी और राहुल गांधी जी बनकर कल रामलीला मैदान से पूरे देश को आह्वान करेंगे। हम आपको निवेदन करना चाहते हैं, जनता की आवाज, जनता तक पहुंचाने का आपका काम है, उसको आप जरूर पूरा करें।

शक्ति सिंह गोहिल ने कहा- हमारे जनरल सेक्रेटरी ऑर्गेनाइजेशन, वेणुगोपाल हमारे मीडिया के इंचार्ज, जनरल सेक्रेटरी, जयराम रमेश, हमारे सीनियर नेता, जनरल सेक्रेटरी, अजय माकन , दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अनिल चौधरी जी, दिल्ली के हमारे कांग्रेस पार्टी के सभी सीनियर साथी, प्रेस और मीडिया के साथियों आप सभी का स्वागत है। एक जिम्मेदार विरोधी दल के नाते, देश में आज आम नागरिक कमरतोड़ महंगाई से परेशान है, उसके खिलाफ़ हल्ला बोल, इस सरकार के दोस्तों के लिए ये सरकार काम करती है, वो आम नागरिक के लिए ये सरकार काम करे, इसके लिए हमने दिल्ली में कल सुबह 11 बजे रैली का आयोजन किया है। मैं धन्यवाद करता हूँ, दिल्ली के उन सभी लोगों का जिन्होंने हम जब नुक्कड़ में गए, ग्रुप मीटिंग्स में गए, लोगों के बीच में महंगाई की चर्चा के लिए गए, प्यार और सहयोग दिल्ली की जनता ने दिया है। मैं आपको सिर्फ दो-तीन मिनट में कुछ बात करके मेरी बात खत्म करूँगा। हम कोई बड़का झूठा पार्टी, बीजेपी नहीं हैं कि झूठी बात करेंगे। हम न फेंकूबाजी करेंगे, न हवाबाजी करेंगे। मैं आपको जैसे बीजेपी कहती है कि कुछ बोल देती है और कोई सोर्स नहीं बताती है आंकड़ों का। मैं आपको उन सोर्स के साथ कहना चाहता हूँ, बीजेपी वाले कहते हैं सब चंगा सी, भाजपा वाले कह रहे हैं महंगाई नहीं है। मैं जो मिनिस्ट्री ऑफ कंज्यूमर अफेयर्स का प्राइस मॉनिटरिंग डिवीजन है, वो खुद भारत सरकार की साइट पर अप्रैल 2021 में महंगाई की दर थी 4.23 प्रतिशत। 4.23 प्रतिशत महंगाई थी अप्रैल, 2021 में, एक साल बाद 2022 में अप्रैल में 7.79, लगभग डबल महंगाई हुई है और इसी वजह से कांग्रेस पार्टी ने महंगाई के खिलाफ हमारी लड़ाई है। ये पहले रसोई गैस के बारे में बहुत सब सड़कों पर आ गए थे, जब गैस के सिलेंडर का दाम था 400 से 415 रुपए। मोदी जी की एक करीबी मंत्री, वो तो गैस के सिलेंडर पर बैठ जाती थीं औऱ हल्ला बोल करती थीं। मैं कहना चाहता हूँ कि ये गैस के दाम, एलपीजी गैस के दाम कौन तय करता है? इंटरनेशनल मार्केट में सऊदी आरामको; गैस के, एलपीजी के इंटरनेशनल मार्केट के दाम तय करता है सऊदी आरामको। 2013-14 में, जब हमारी सरकार थी, एक रसोई गैस का इंटरनेशनल मार्केट में सऊदी आरामको का तय किया हुआ दाम था, वो था 885.2 यूएस डॉलर प्रति मीट्रिक टन। 885.2 यूएस डॉलर पर मीट्रिक टन वो दाम था, 2013-14 में, उस वक्त गैस सिलेंडर का प्राईस था 400-415 रुपए। आज भाजपा के शासन में सऊदी आरामको के मुताबिक इंटरनेशनल मार्केट में गैस के दाम कम हो गए और घटकर 769 यूएस डॉलर प्रति मीट्रिक टन हो गया है, तो रसोई गैस सस्ता होना चाहिए न, उसकी जगह पर 400 रुपए का सिलेंडर 1,000 से 1,100 के पार हुआ, सरकार जवाब नहीं देती। अगर आप इंटरनेशनल मार्केट की बात करते हो तो हालत ये है। भारत सरकार का पेट्रोलियम डिपार्टमेंट का डेटा एनालिसिस डिपार्टमेंट का वहाँ पर डेटा दिया है, उसी को लेकर मैं कहता हूँ, यूपीए के आखिरी तीन साल, हमारी सरकार के आखिरी तीन साल, उसमें कच्चा क्रूड था, उसकी प्राईस थी इंटरनेशनल मार्केट में एवरेज तीन साल की 108.46 यूएस डॉलर प्रति बैरल और भाजपा के तीन साल में वो घटकर 60.6 यूएस डॉलर एवरेज लास्ट तीन साल की कच्चे तेल की प्राईस है। तो पेट्रोल और डीजल हमारे मुकाबले सस्ता होना चाहिए न- 100 के पार कर दिया, देश की जनता इसका जवाब मांगती है। ये कहते हैं कि कांग्रेस पार्टी की सरकार ने ऑयल बॉन्ड ले लिए थे, उसको भरने के लिए हमारा पैसा जाता है। मैं आपको बताना चाहता हूँ कि इसी पेट्रोलियम डिपार्टमेंट के डेटा एनालिसिस डिपार्टमेंट ने लिखा है कि इन्होंने 27 लाख करोड़ वसूले टैक्स के और ऑयल बॉन्ड में कितने भरे हैं, सिर्फ 98 हजार करोड़ भर हैं। 27 लाख करोड़ इन्होंने वसूल किए हैं, माने 2 प्रतिशत भी ऑयल बैन्ड में नहीं गया है। तो ये हकीकत मैंने आपके सामने रखी है। अभी हमारे सौराष्ट्र में एक व्यक्ति ने सुसाइड किया और लिखा कि महंगाई से मैं परिवार नहीं चला सकता था, इसलिए मर रहा हूं। तो इस जनता के आक्रोश को आवाज देने के लिए हमारी रैली है। आप सबके जरिए अनुरोध है देशवासियों से कि इस हल्ला बोल रैली में आपका प्यार, आशीर्वाद और सहयोग मिले।

मैं अब अनिल चौधरी जी से विनती करूँगा कि वो अपनी बात रखें, फिर आपके कोई सवाल होंगे, तो स्वागत रहेगा।

अनिल चौधरी ने कहा- इस प्रेस वार्ता में केसी वेणुगोपाल उपस्थित हैं, साथ ही साथ चेयरमैन, जयराम रमेश, शक्ति और कांग्रेस के हमारे नेता अजय माकन भी उपस्थित हैं। बड़े विस्तार से मैं समझाता हूँ कल की रैली के बारे में मेरे वरिष्ठ नेताओं ने बहुत तरीके से आपके सामने रखा कि क्यों ये रैली हो रही है, उद्देश्य क्या है, कब से कांग्रेस का संघर्ष चल रहा है, मैं उस पर बात नहीं करूँगा, लेकिन ये सच है, इस तरह की रैली हम पिछले दिनों यहाँ करना चाहते थे, जो रैली हमने महंगाई के खिलाफ जयपुर में की।

सवाल ये उठता है, कई बार विपक्ष ये सवाल उठाता है और कई बार मेरे पत्रकार बंधु भी ये सवाल करते हैं, कि कांग्रेस क्या कर रही है, तो मैं सिर्फ ये कहना चाहता हूँ कि कांग्रेस का जो संघर्ष केसी वेणुगोपाल ने आपको सामने रखा, खासतौर से 2021 से निरंतर कांग्रेस पार्टी सरकार से जवाब मांग रही है, जवाब महंगाई पर है, जिसका जिक्र आदरणीय अजय माकन जी ने और शक्ति जी ने बड़े विस्तार से आपके सामने रखा है, लेकिन सवाल ये है कि 2014 में ये सरकार 70 साल- 70 साल करके मनमोहन सिंह जी की सरकार से सवाल पूछा करती थी, कांग्रेस की सरकार से सवाल किया करती थी और जो बात मेरे साथी ने कही, महंगाई पर, गैस सिलेंडर पर बैठकर प्रचार प्रसार किया करते थे, तो दर्जन भर इनकी महिला नेताएं आज चुप हैं और मौन हैं, गैस सिलेंडर पर।

तो 70 साल में 2014 तक यदि महंगाई कि मैं बात करूँ तो उस समय गैस के रेट हुआ करते थे 410 या 415, ऐसा क्या हो गया कि 8 साल में गैस के रेट लगभग 1,100 रुपए से ज्यादा हो गए? गरीब, जो दो वक्त का अन्न खाता है, जिस आटे की कीमत 70 साल में इस मुल्क में 20 रुपए हुआ करती थी, जो देश कृषि प्रधान कहलाता है, उस देश में आज 8 साल में आटे का रेट 40 रुपए किलो हो गया? जो दूध की कीमत, आज दूध की कीमत के बारे में कई समाचार पत्रों में छपा है, आज गरीब आदमी अपने बच्चों के लिए स्वच्छ या पौष्टिक दूध खरीदने में असमर्थ है, आज की खबर है, ये। इस सरकार पर ये एक बड़ा आरोप भी है कि गरीब आदमी अपने बच्चों को दूध नहीं पिला सकता, स्वच्छ या एक क्वालिटी वाला दूध, ये एक बड़ी खबर है। इस देश के अंदर इस कृषि प्रधान देश में 70 साल में जिस दूध की कीमत 2014 में 30 या 32 रुपए थी आज वो 60 से 62 रुपए हो गई है।उसी तरह ईंधन का जिक्र हम करना चाहते हैं, पेट्रोल-डीजल, पेट्रोल उस समय 65 और 55 रुपए हुआ करता था डीजल, आज वो 100 के पार हो गया है। इसी देश में फिर कृषि से जुड़ा हुआ एक और, सरसों का तेल मैं कहना चाहता हूँ, 70 साल में जिसकी कीमत 2014 तक मात्र 80 रुपए हुआ करती थी, ऐसा क्या हो गया 8 साल में, वो सरसों का तेल 200 रुपए के पार हो गया? तो साथ ही सवाल ये है जिस महंगाई से जनता त्रस्त है, उसके खिलाफ जंग कांग्रेस पार्टी लड़ रही है। लगातार संघर्षरत रहे हैं।
पार्लियामेंट में हमारे सांसद राहुल के नेतृत्व में सरकार से प्रश्न पूछते हैं, प्रश्नों का जवाब नहीं आता। कांग्रेस पार्टी अपने नेताओं के नेतृत्व में गांव-गांव जाती है, गरीबों के दर्द को समझती है। आदरणीय केसी वेणुगोपाल जी के नेतृत्व में दिल्ली के हर पेट्रोल पंप पर पेट्रोल-डीजल को लेकर आंदोलन किया गया। एक सिंबोलिक इस सरकार को जगाने के लिए, बैलगाड़ी का लेकर सहारा जगाने की कोशिश की गई, हमने सिग्नेचर कैंपेन चलाए थे, जनजागरण अभियान के माध्यम से पूरे देशभर के अंदर इस महंगाई पर चुप्पी तोड़ने के लिए, राहत के लिए हमने इस देश के प्रधानमंत्री से आह्वान किया, लेकिन मोदी है, सुनते ही नहीं है।

मेरे साथी ने जिक्र किया, अजय माकन जी ने चंद अपने पूंजीपति जो मित्र हैं, जिनको 8 साल पहले कोई नहीं जानता था, वो विश्व के अंदर पहले तीन टॉप व्यवसाइयों में जाने जाने लगे हैं। एक तरफ गरीब और गरीब हो रहा है और जो अमीर हैं, उनके मित्र, जो पूंजीपति हैं, जिनका जिक्र बार-बार हो रहा है, वो देशों की पंक्ति में, एशिया में नहीं, विश्व में तीसरे नंबर पर आ गए हैं। तो अंतर साफ है साथियों, ये प्रश्न हैं, मेरे कि ऐसा क्या हो गया 8 साल में, मोदी सरकार में जो अंतर दिख रहा है। खाद्य वस्तुओं का अंतर दिख रहा है, ईंधन में अंतर दिख रहा है और अंत में ये कहते हुए, ‘मोदी जी के दो भाई- बेरोजगारी और महंगाई’ कहना चाहता हूँ। इस देश में उनके यही दो भाई हैं, जिनसे वो अपने प्रेम लगाए बैठे हैं, जिनको मौका दे रहे हैं, बढ़ने का। बेरोजगारी को भी बढ़ा रहे हैं, महंगाई को भी बढ़ा रहे हैं और आम जनता को लूटने का काम ये सरकार कर रही है और राहुल गांधी जी के नेतृत्व में इस ऐतिहासिक रामलीला मैदान में, ऐतिहासिक रैली होगी। कांग्रेस पार्टी दिल्ली में देश के कोने-कोने से आने वाले कार्यकर्ता और आम जनमानस के स्वागत के लिए उपस्थित है। हमने व्यवस्थाएं की हैं, जो आना चाहता है, सीधा मैदान में भी आएगा, रेलवे स्टेशन पर भी हमने अपने सहयोगियों को बैठाया है। हमारे दिल्ली से भी बहुत कॉल आ रहे हैं। लाखों लोग आएंगे, इस सरकार को अब जवाब देना होगा, बिगुल बजा है। तो अंत में यही कहते हुए कल 11 बजे, मैं पुनः आपको दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष के तौर पर निमंत्रण देता हूँ कि इस सच को दिखाएं। सच यही है कि आज गरीब आदमी परेशान है। केसी वेणुगोपाल का आभार व्यक्त करता हूँ, जिन्होंने निर्णय लिया और पार्टी ने दिल्ली, देश की राजधानी में इस महंगाई के खिलाफ बिगुल बजाया है और कल का जो हमारा संदेश है इस कमरतोड़ महंगाई के खिलाफ हल्ला बोल रैली होगी इस सरकार को जगाने के लिए।
एक प्रश्न पर कि कल की कांग्रेस की हल्ला बोल रैली में कितने लोगों के हिस्सा लेने की उम्मीद है और साथ ही आपने अन्य राज्यों में जो रैली की थी, उसकी क्या प्रतिक्रिया रही, श्री शक्तिसिंह गोहिल ने कहा कि आपके पहले सवाल का जवाब ये है कि हम उम्मीद कर रहे हैं कि ये रामलीला मैदान छोटा पड़ जाएगा, लोगों में जोश है। सिर्फ कांग्रेस के कार्यकर्ता नहीं, जनता भी इसमें साथ दे रही है, क्योंकि महंगाई से सब परेशान है।

आपका दूसरा सवाल था कि और राज्यों में, तो सभी राज्यों में हमने ये महंगाई के खिलाफ नुक्कड़ पर चर्चा, महंगाई पर चर्चा, ब्लॉक, डिस्ट्रिक्ट पर औऱ इनके खिलाफ प्रोग्राम दिए हुए हैं। कल का प्रोग्राम है, वो यहाँ रामलीला मैदान में बड़ी रैली के जरिए होगा। एक अन्य प्रश्न पर कि आप लगातार ये मुद्दा उठा रहे हैं, क्या आपको लगता है कि पब्लिक से भी प्रतिक्रिया आएगी, श्री अजय माकन ने कहा कि कांग्रेस एक सशक्त विपक्ष की आवाज है। हम लोग लगातार ये बोल रहे हैं और महंगाई और बेरोजगारी जनता के सबसे बड़े मुद्दे हैं। अगर उससे भी बड़ा कोई मुद्दा है, वो हमारी समझ से बाहर है, क्योंकि महंगाई और बेरोजगारी और देश की अर्थव्यवस्था से बड़ा कोई मुद्दा हो ही नहीं सकता और अगर उससे बड़ा कोई मुद्दा है तो भारत जोड़ने का, समाज के सब वर्गों को इकट्ठा करने का। तो हम लोग यही सब चीजों को लेकर भारत जोड़ो यात्रा राहुल गांधी जी कर रहे हैं, 7 तारीख से उसकी शुरुआत कर रहे हैं। तो हम लोग जनता के बीच में जाकर, उनसे बड़े कोई मुद्दे नहीं हैं, इनसे महत्वपूर्ण कोई मुद्दे नहीं हैं, इन सभी मुद्दों को लेकर हम जनता के बीच में जा रहे हैं और हम उम्मीद करते हैं कि जनता इस बात को समझेगी और आप लोगों से भी हम निवेदन करना चाहेंगे, मीडिया बंधुओं से भी कि आप लोग इन मुद्दों को, जो वास्तविक मुद्दे हैं जनता के, लोगों के जो वास्तविक मुद्दे हैं, उनके बारे में जनता के बीच में चर्चा करें, न कि जो कोई ऐसे मुद्दे हैं, जिनसे जनता की जिंदगी पर कोई फर्क नहीं पड़ता, उनकी चर्चा करें। तो आप लोग भी मीडिया के साथी कम से कम नोटिस, आप लोग जनता के वास्तविक मुद्दों को लेकर जनता के अंदर, महंगाई है, बेरोजगारी है, देश के अंदर अर्थव्यवस्था है, सामाजिक जो हमारा ताना-बाना है, वो सब एक साथ रहे, ध्रुवीकरण न हो, चाहे धर्म और जाति के नाम पर यही तो भारत को जोड़ने की और भारत को आगे बढ़ाने की इनसे बड़ी और कौन बात कर सकता है और इन्हीं बातों को लेकर हम लोग…, और ये जमीनी बातें हैं, असली बातें हैं और इनको लेकर कांग्रेस लड़ती रहेगी, कांग्रेस आगे बढ़ती रहेगी।

अनिल चौधरी ने जोड़ा कि इसमें मैं एक बात और जोड़ दूं, छोटी सी कि जो आपने कहा रिस्पॉन्स नहीं हैं, हम लोग दिल्ली के हैं, हालांकि ये रैली, जो पूरे देशभर से है, लेकिन दिल्ली में हमने मिस कॉल नंबर जारी किया था, जो लोग साथ ही स्वाभाविक हैं, मजदूर परेशान है, गरीब परेशान है, हर व्यक्ति शायद रामलीला मैदान तक न आ पाए, दो हाथ को काम चाहिए, दिन में कुँआ खोदते हैं और रात को वो पानी पीते हैं, ये स्थिति है, तो हमने एक मिस कॉल नंबर जारी किया था, आपको जानकर हैरानी होगी इस प्रश्न का जवाब कि लोग जुड़ना चाहते हैं, आवाज देना चाहते हैं। हमने मिसकॉल नंबर जारी किया था और वो नंबर था- 9625777907, पिछले 48 घंटे में 40,000 से ज्यादा मिस्ड कॉल हमें प्राप्त हुई हैं। ये दिखाता है कि लोग महंगाई से परेशान हैं। हमने जगह-जगह चौपालें लगाई थीं, मार्केट के अंदर छोटी-छोटी, लोग रुक-रुककर इस बात को स्वीकार कर रहे थे कि इसके खिलाफ लड़ाई होनी चाहिए, महंगाई कम होनी चाहिए।

एक अन्य प्रश्न पर कि आप महंगाई और बेरोजगारी दो ऐसे मुद्दे हैं जो जनता के लिए उठा रहे हैं, लेकिन चुनाव के दौरान ये वोटों में तब्दील नहीं हो पा रहे हैं, क्या कहेंगे, श्री अजय माकन ने कहा कि ये हम जो जनता से जुड़ी हुई आवाज उठा रहे हैं, ये चुनाव की वजह से नहीं उठा रहे हैं। ये हमारा धर्म है, ये हमारा कर्तव्य है, सशक्त विपक्ष की भूमिका है। अगर आप हर चीज को भाजपा की तरह चुनाव से जोड़कर देखेंगे, तो सही तरीके से देशहित की बात नहीं होगी। आप क्या, हम सबके सब लोग, हम सब पॉलिटिकल पार्टी सिर्फ चुनाव जीतने के लिए होते हैं क्या? जनता की आवाज उठाने के लिए नहीं होते हैं?

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