अजीत सिन्हा की रिपोर्ट
नई दिल्ली:महिला कांग्रेस ने भाजपा शासित राज्यों में महिलाओं और नाबालिग बच्चियों के खिलाफ बढ़ते अपराधों पर गंभीर चिंता व्यक्त की है। महिला कांग्रेस की अध्यक्ष अलका लांबा ने कहा कि भाजपा की डबल इंजन सरकारें महिलाओं के लिए अभिशाप साबित हो रही हैं। भाजपा शासित राज्यों में अपराधियों को सत्ता का संरक्षण मिल रहा है और पुलिस प्रशासन पीड़ितों को न्याय दिलाने में नाकाम साबित हो रहा है।नई दिल्ली स्थित कांग्रेस कार्यालय में पत्रकार वार्ता करते हुए लांबा ने महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान, हरियाणा, मध्य प्रदेश व दिल्ली जैसे भाजपा शासित राज्यों में महिलाओं और नाबालिग बच्चियों के साथ हुए जघन्य अपराधों का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “बेटी बचाओ” के नारे का सच पूरे देश के सामने है।
महाराष्ट्र के नवीनतम प्रकरण पर लांबा ने कहा कि राज्य में केंद्रीय मंत्री रक्षा खडसे की नाबालिग बेटी के साथ छेड़छाड़ का मामला सामने आया। आरोप भाजपा के ही पूर्व पार्षद पियूष मोरे पर है। उसकी तस्वीरें महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री से लेकर बड़े-बड़े भाजपा नेताओं के साथ हैं। यदि एक केंद्रीय मंत्री को अपनी बेटी के लिए न्याय नहीं मिल पा रहा है तो आम महिलाओं की स्थिति की कल्पना की जा सकती है।भाजपा-शासित गुजरात में महिला सुरक्षा की स्थिति के बारे में उन्होंने बताया कि पिछले नौ वर्षों में 17 हजार से अधिक बलात्कार, छेड़छाड़ और अपहरण के मामले दर्ज हुए हैं। हाल ही में भाजपा के मौजूदा विधायक गजेंद्र सिंह परमार के खिलाफ दलित महिला से दुष्कर्म की एफआईआर हाई कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद दर्ज हुई। राजस्थान में पिछले छह महीने में महिला उत्पीड़न के 20 हजार मामले दर्ज हुए हैं। इसी तरह भाजपा-शासित हरियाणा में भी महिलाओं के खिलाफ अपराध हो रहे हैं। उन्होंने भाजपा नेता बृजभूषण शरण द्वारा किए गए महिला पहलवानों के शोषण और उत्तराखंड में अंकिता भंडारी हत्याकांड की भी याद दिलाई।लांबा ने मध्यप्रदेश में भाजपा नेताओं द्वारा महिलाओं के साथ किए जा रहे अत्याचारों को भी गिनाया। देश की राजधानी में लचर कानून व्यवस्था की पोल खोलते हुए लांबा ने आगे कहा कि दिल्ली में एक महीने में 101 दुष्कर्म के मामले दर्ज हुए हैं।उन्होंने कहा कि भाजपा की डबल इंजन सरकारों वाले राज्यों में लड़कियों के खिलाफ अपराध के मामलों में सत्ताधारी दल के नेताओं की संलिप्तता पाई जा रही है और सरकार के संरक्षण के कारण पुलिस एफआईआर दर्ज नहीं कर रही है। इस वजह से लड़कियों को न्याय के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाना पड़ रहा है।अलका लांबा ने महिला आरक्षण कानून को तुरंत लागू किए जाने की भी मांग की। उन्होंने घोषणा की कि दस मार्च से शुरू होने जा रहे संसद सत्र के दौरान महिला कांग्रेस पूरे देश में महिलाओं की सुरक्षा के मुद्दे और महिला आरक्षण कानून को लागू करने की मांग को लेकर आंदोलन करेगी।
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