अजीत सिन्हा / नई दिल्ली
भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने आज मंगलवार शाम आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम में युवा मोर्चा के तत्वावधान में उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे विद्यार्थियों के साथ आयोजित विशेष संवाद कार्यक्रम में सहभागिता की। इस दौरान नितिन नवीन ने विद्यार्थियों द्वारा पूछे गए विभिन्न प्रश्नों के उत्तर दिए और कहा कि देश के भविष्य का निर्माण करने वाली सबसे शक्तिशाली ताकत युवा हैं। नवीन ने कहा कि युवाओं में अपार ऊर्जा, प्रतिभा और विचार-क्षमता है तथा यदि इस शक्ति को सही दिशा दी जाए, तो युवा देश को नई ऊंचाइयों तक ले जा सकते हैं।

नवीन ने कहा कि युवाओं को अपनी ऊर्जा को सही दिशा देनी चाहिए और उनकी सफलता केवल उनके परिवार के लिए ही नहीं, बल्कि समाज, आंध्र प्रदेश और पूरे भारत के लिए गर्व का विषय बननी चाहिए। 2047 के भारत की नींव आज के युवाओं को ही रखनी है। किसी भी व्यवस्था की आलोचना करना या उसे ध्वस्त करना आसान है, लेकिन कुछ नया खड़ा करना बहुत कठिन होता है। इसलिए युवाओं को विध्वंस के बजाय सृजन की ओर, आलोचना के बजाय समाधान की ओर और निराशा के बजाय सकारात्मक सोच की ओर बढ़ना चाहिए। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और विधायकों के साथ काम करने के लिए इंटर्नशिप तथा नेतृत्व कार्यक्रमों के माध्यम से युवाओं को शासन-प्रशासन की बेहतर समझ दी जा सकती है। नीति-निर्माण में भागीदारी का अर्थ है निर्णय लेने की प्रक्रिया का हिस्सा बनना।भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि दुनिया की अनेक प्रमुख संस्थाओं और शोध केंद्रों में भारतीय युवा महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। एक समय था जब भारतीय युवा अवसरों की तलाश में विदेश जाते थे, लेकिन आज वे वैश्विक स्तर की संस्थाओं का निर्माण करने की स्थिति में पहुंच रहे हैं। उन्होंने कहा कि देश में स्टार्टअप इकोसिस्टम तेजी से विस्तार कर रहा है और युवा उद्यमी नौकरी मांगने वालों से आगे बढ़कर रोजगार देने वाले बन रहे हैं। विनिर्माण, मोबाइल उत्पादन, रक्षा उपकरण, सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डेटा सेंटर जैसे नए क्षेत्रों में भारत अपने लिए नए अवसर पैदा कर रहा है। विदेशों में रह रहे भारतीय उद्यमियों और शोधकर्ताओं के लिए भी यह समय देश लौटकर भारत के विकास में भागीदार बनने का है। नितिन नवीन ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आने वाले समय में शिक्षा के क्षेत्र को भी प्रभावित करेगी और प्रत्येक विद्यार्थी की क्षमता एवं आवश्यकता के अनुरूप व्यक्तिगत शिक्षण पद्धतियां विकसित होने की संभावना है। जेईई और नीट जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों को तकनीक का प्रभावी ढंग से उपयोग करना सीखना चाहिए और भविष्य में शिक्षा व्यवस्था में एआई आधारित साधनों का उपयोग और अधिक बढ़ेगा। सोशल मीडिया आज युवाओं के जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है, लेकिन सोशल मीडिया पर दिखाई देने वाली हर जानकारी को सच नहीं मानना चाहिए। गलत सूचनाओं, मॉर्फ की गई तस्वीरों और एआई आधारित फर्जी सामग्री के तेजी से प्रसार को देखते हुए युवाओं को फैक्ट-चेकिंग की आदत विकसित करनी चाहिए। अधिकारों की बात करते समय अपने कर्तव्यों और जिम्मेदारियों को भी याद रखना चाहिए तथा सकारात्मक जानकारी साझा करके और समाज के लिए उपयोगी विचारों को प्रोत्साहित करके सोशल मीडिया को सकारात्मक परिवर्तन का माध्यम बनाया जा सकता है। कार्यक्रम के अंत में श्री नितिन नवीन ने विद्यार्थियों के साथ अनौपचारिक रूप से बातचीत भी की।
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