
अजीत सिन्हा की रिपोर्ट
पंचकूला: पंचकूला पुलिस ने नाबालिग बच्चियों की सुरक्षा और यौन अपराधों के खिलाफ अपनी “जीरो टॉलरेंस” नीति को दोहराते हुए एक घृणित अपराध के आर्रोपित को सलाखों के पीछे पहुँचा दिया है। महिला थाना टीम ने मामले में कार्रवाई करते हुए अपनी ही नाबालिग साली के साथ यौन शोषण और छेड़खानी करने के आरोपित को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपित उत्तर प्रदेश का मूल निवासी है, जो वर्तमान में पंचकूला में रह रहा था। पुलिस ने आरोपित को आज अदालत में पेश किया, जहाँ से उसे 2 अप्रैल को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।

यह पूरा मामला तब प्रकाश में आया जब पंचकूला के एक स्कूल में एक हेल्थ एजुकेटर द्वारा आयोजित सत्र के दौरान 13 वर्षीय छात्रा ने अपनी आपबीती साझा की। पीड़िता ने बताया कि जून 2024 में, जब उसका परिवार पंजाब में रह रहा था और तब उसके दूर के जीजा ने घर पर अकेले पाकर उसके साथ गलत हरकतें और छेड़खानी की। इसके बाद, अक्टूबर 2024 में जब पीड़िता आरोपित के घर गई, तो वहां आरोपित ने उसके साथ जबरन दुष्कर्म किया।

चूंकि अपराध की शुरुआत पंजाब से हुई थी, इसलिए पंचकूला पुलिस ने पहले 28 नवंबर 2025 को जीरो एफआईआर दर्ज की थी। कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद, अब पंचकूला के महिला थाना में 31 मार्च को पॉक्सो एक्ट व भारतीय न्याय संहिता की गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया। जांच अधिकारी एएसआई सुदेश कुमारी ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपित की तलाश की और उसे 2 अप्रैल को गिरफ्तार कर लिया।

डीसीपी पंचकूला सृष्टि गुप्ता ने इस संवेदनशील मामले पर सख्त रुख अपनाते हुए कहा: समाज में रिश्तों को कलंकित करने वाले और मासूम बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले अपराधियों के लिए पंचकूला पुलिस के पास कोई जगह नहीं है। यह मामला दर्शाता है कि अगर स्कूल और अभिभावक सतर्क रहें, तो अपराधी बच नहीं सकते। हमने पॉक्सो एक्ट के तहत कड़ी धाराओं में मामला दर्ज किया है और वैज्ञानिक साक्ष्य एकत्रित किए हैं ताकि आरोपी को सख्त से सख्त सजा दिलाई जा सके। हमारी प्राथमिकता पीड़िता को न्याय दिलाना और समाज को यह संदेश देना है कि महिलाओं और बच्चों के विरुद्ध होने वाले किसी भी अपराध पर पुलिस तुरंत और निर्णायक कार्रवाई करेगी।
Related posts
0
0
votes
Article Rating
Subscribe
Login
0 Comments
Oldest
Newest
Most Voted
Inline Feedbacks
View all comments

