
अरविन्द उत्तम की रिपोर्ट
ग्रेटर नोएडा के फोर्टिस हॉस्पिटल के डॉक्टरों ने एक बार फिर अपनी चिकित्सा कुशलता का लोहा मनवाया है। डॉक्टरों की एक टीम ने 80 वर्षीय बुजुर्ग का अत्यंत जटिल और जोखिम भरा हृदय ऑपरेशन सफलतापूर्वक संपन्न कर उन्हें नई जिंदगी दी है।80 वर्षीय मरीज को सांस लेने में भारी तकलीफ और सीने में भारीपन की शिकायत के साथ अस्पताल लाया गया था। जांच में पता चला कि उनके हृदय का ‘एओर्टिक वाल्व’ (Aortic Valve) खतरनाक स्तर तक सिकुड़ चुका था। इसका मुख्य कारण वहां कैल्शियम का भारी जमाव था, जो इस उम्र के केवल 5% से 10% लोगों में ही देखा जाता है।

मरीज की उम्र और स्थिति को देखते हुए ‘ओपन हार्ट सर्जरी’ जानलेवा साबित हो सकती थी। ऐसे में इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. शांतनु सिंघल और उनकी टीम ने TAVI (ट्रांसकैथेटर एओर्टिक वाल्व इम्प्लीमेंटेशन) तकनीक का चुनाव किया। यह एक बिना चीर-फाड़ वाली आधुनिक प्रक्रिया है, जिसमें धमनी के रास्ते से ही नया वाल्व प्रत्यारोपित कर दिया जाता है।ऑपरेशन के नतीजे बेहद सुखद रहे। मरीज को न तो पेसमेकर की जरूरत पड़ी और न ही हृदय में कोई लीकेज मिला। महज दो दिनों के भीतर बुजुर्ग मरीज पूरी तरह स्वस्थ होकर घर लौट गए। मरीज की बेटी ने इस भावुक पल में डॉ. शांतनु और फ़ोर्टिस की पूरी टीम का आभार जताते हुए कहा कि यह उनके पिता के लिए किसी चमत्कार से कम नहीं है।
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