
अजीत सिन्हा की रिपोर्ट
फरीदाबाद:केंद्रीय सहकारिता राज्य मंत्री कृष्णपाल गुर्जर व बड़खल विधानसभा क्षेत्र के विधायक धनेश अदलखा ने दिनांक 8 मार्च 2026 को, अंतर्राष्टीय महिला दिवस के पावन अवसर पर वार्ड नंबर-21 के अंतर्गत आने वाले ग्रीन फील्ड कॉलोनी,फरीदाबाद के गेट नंबर-10 के प्रांगण में लगभग एक करोड़ रुपए की लागत से गेट नंबर-10 की टूटी- फूटी सड़क बनाने सहित लाइटिंग एवं सौंदर्य करण का कार्य का बड़े ही गरम जोशी के साथ शिलान्यास किया था, और कहा था कि अगले एक महीने में ये तीनों कार्य पुरे हो जाएंगे। लगभग 2 महीने पूरा होने को है,अब तक पूरा नहीं हुआ। गेट नंबर -10 की सड़क बनाने के लिए केंद्रीय सहकारिता राज्य मंत्री कृष्ण पाल गुर्जर ने अपने सांसद कोटे से 50 लाख रुपए फरीदाबाद नगर निगम को दिए थे। यह आधा अधूरा सीमेंटेड सड़क आज भी अधूरा बना पड़ा है। इस आधे-अधूरे वाली सीमेंटेड सड़क काफी दिनों से ऐसी ही हालत में पड़ी है।

इसके आगे की सड़क बनाने की सम्बन्धित निगम अधिकारियों और ठेकेदार की नियत बिल्कुल दिखाई नहीं दे रही है। इससे फरीदाबाद नगर निगम के संबंधित अधिकारियों के नियत पर गंभीर सवाल उठ रहे है। लोग कह रहे है की ऐसी क्या वजह है कि गेट नंबर -10 से लेकर डिस्पेंसरी तक सीमेंटेड सड़क नहीं बनाई गई है, जबकि यहां बड़े -बड़े एससीओ एवं बैंक है। बेहतर सीमेंटेड सड़क देने के एवज में यहां के दुकानदारों से मोटी रकम चाहते हो। यह जांच का बिषय है।

लोगों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि इस बिषय की एंटी करप्शन ब्यूरो एवं विजिलेंस की टीम से जांच कराई जाए। जो लोग दोषी पाए जाए उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए। देखा गया है कि ग्रीन फील्ड कॉलोनी,फरीदाबाद के गेट नंबर -10 से लेकर डिस्पेंसरी तक के बीच का हिस्सा जिस पर सीमेंटेड सड़क नहीं बनाई गई है। और बीते कई दिनों से ऐसा ही छोड़ा हुआ है। इस बीच में बड़ी-बड़ी दुकानें एवं बैंक है,यहां स्थानीय लोगों का आवागमन लगा ही रहता है। सड़क पर सिर्फ मिटटी भरा है इसके ऊपर सीमेंटेड सड़क बननी बाकी है। बारिश के पानी से यहां पर एक दम से दलदल की स्थिति उतपन्न हो जाती है। लोग कहते है कि पीछे के हिस्से में जहां तक रिहायशी मकान है।

वहां तक की सड़कें बना दी गई है,जहां पर बड़ी -बड़ी दुकानें और बैंक है वहां की सड़क छोड़ दी गई है। इसका साफ़ मतलब है कि निगम के संबंधित अधिकारी और ठेकेदार संयुक्त रूप से पैसा चाहते है, वह भी लाखों में। इस मामले में नगर निगम अधिशासी अभियंता ओमवीर व विधायक धनेश अदलखा से उनका पक्ष जानने के लिए मोबाइल फोन पर संपर्क किया गया पर इन्होनें अपना फोन नहीं उठाया। इस मामले की जांच यहां की जनता चाहती है एंटी करप्शन ब्यूरो एवं विजिलेंस की टीम से कराई जाए । जांच में दोषी पाए जाने पर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए। 


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