अजीत सिन्हा की रिपोर्ट
नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता व सांसद डॉ. सुधांशु त्रिवेदी ने आज बुधवार को कहा कि जो कुछ दिल्ली की सड़कों पर कांग्रेस के प्रथम परिवार ने किया है वह निहायती दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय है। इससे एक बात बहुत साफ हो गई है कि उनको संवैधानिकता से मतलब नहीं है। वो सिर्फ और सिर्फ अराजकता से मतलब रख रहे हैं। और इसका प्रमाण यह है कि जब चुनाव आयोग उनसे मिलने के लिए तैयार था तो मिलने को तैयार नहीं हुए और संविधान यह कहता है कि चुनाव आयुक्त, मुख्य न्यायाधीश या सीएजी को किसी प्रश्न के उत्तर के लिए संसद के पटल पर नहीं बुलाया जा सकता। मगर वो कह रहे हैं कि हमारे पार्टी के सांसदों के सामने आना चाहिए। इसका अर्थ यह है कि आपका संवैधानिक अधिकार नहीं खानदानी अहंकार बोल रहा है।

कांग्रेस पार्टी से मैं कहना चाहता हूं कि उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी आपको 50 सीटें देने के लायक समझ रही है और 50 से ज्यादा घंटे आप इलेक्ट्रॉनिक मीडिया पर फुटेज खा चुके हैं। यानी हकीकत यह है कि जितना आप इलेक्ट्रॉनिक मीडिया पे घंटे ले चुके हैं उतनी आपको सीटें देने लायक आपका सहयोगी नहीं समझता है। और जहां तक चुनावों की बात है मैं याद दिलाना चाहता हूं कि पश्चिम बंगाल कांग्रेस के अध्यक्ष अधीर रंजन चौधरी जी ने कहा था — “देयर इज नो डेमोक्रेसी इन बंगाल”। ममता जी के शासनकाल में कांग्रेस कार्यकर्ताओं की हत्याएं हो रही हैं। और आज यह वोट चोरी का आरोप लगाने वाले नाटकीय लोगों से मैं पूछना चाहता हूं। आप इतने निर्लज्ज थे कि अपने कार्यकर्ताओं की लाशों पर पैर रखकर उन्हीं ममता बनर्जी को दिल्ली में आप साथ में ले कहते थे “वी नीड ममता टू सेव द डेमोक्रेसी”। आप वहां सही थे या यहां सही? वास्तविकता में आप संवैधानिकता में नहीं अराजकता में विश्वास करना चाहते हैं। संवैधानिक अधिकार नहीं आपका खानदानी अहंकार है। और अब यह बात स्पष्ट हो गई है कि दिमागी नक्सल कांग्रेस जो जनाधार विहीन हो चुकी है। उसके लिए केवल मीडिया में आकर्षण पाना और उसके लिए अराजकता को अपनाना ही एकमेव मार्ग रह गया है। यह कांग्रेस के प्रथम परिवार ने अपने आचरण से सिद्ध कर दिया।
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