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अपराध दिल्ली

वह इलाके में डॉन की तरह बात करता था, इसलिए उसे गोली मारकर हत्या कर दी, गिरफ्तार।

अजीत सिन्हा की रिपोर्ट 
नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस की पश्चिमी रेंज-II/अपराध शाखा की टीम ने आज वांछित उद्घोषित अपराधी गिरफ्तार किया हैं। गिरफ्तार किए गए आरोपित का नाम सलमान, उम्र 25 वर्ष, निवासी, माता वाली गली, समालखा, कापसहेड़ा, दिल्ली है। ये आरोपित सनसनीखेज हत्या के मामले में, एफआईआर नंबर -127/2023, भारतीय दंड संहिता की धारा 302/307/120 बी व  25/27 आर्म्स एक्ट, थाना कापसहेड़ा, दिल्ली के तहत वांछित था। ये इस मामले में उद्घोषित अपराधी भी घोषित है।  उसकी निशानदेही पर 1 लोडेड अत्याधुनिक पिस्तौल और 4 जिंदा कारतूस बरामद किए गए है। इस सन्दर्भ में एफआईआर नंबर -215/2023, धारा 25 आर्म्स एक्ट, थाना अपराध शाखा में दर्ज की गई है.

विशेष डीसीपी ,अपराध रविंद्र सिंह यादव ने जानकारी देते हुए बताया दिनांक 17 मार्च 2023 को,मृतक की मां ने आरोप लगाया कि उसके बेटे धर्मेंद्र उर्फ़ सोनू को सलमान ने गोली मार दी जिससे वह घायल हो गया और इलाज के दौरान धर्मेंद्र उर्फ़ सोनू ने दम तोड़ दिया। इस सन्दर्भ में एफआईआर नबर – 127/2023, धारा 302/307/120बी भारतीय दण्ड संहिता और 25/27 आर्म्स एक्ट, थाना कापसहेड़ा, दिल्ली में दर्ज कि गई थी। यादव का कहना हैं कि जांच के दौरान आरोपितों  की पहचान करण, सलमान, रुस्तम और अफरोज के रूप में हुई। आरोपित करण, रुस्तम और अफरोज को गिरफ्तार कर लिया गया था व आरोपित  सलमान मामला दर्ज होने के बाद से फरार था।उनका कहना हैं कि उप निरीक्षक अनुज छिकारा को गुप्त सूचना मिली कि थाना कापसहेड़ा, दिल्ली के हत्या मामले में वांछित आरोपित  धनकोट, गुरुग्राम, हरियाणा में छिपा हुआ है। अगर समय पर कार्रवाई  की जाए  तो उसे वहाँ से पकड़ा जा सकता है। तदानुसार, उपायुक्त सतीश कुमार ने आरोपित को पकड़ने के लिए सहायक आयुक्त यशपाल सिंह की देखरेख में व निरीक्षक पवन सिंह के नेतृत्व में एक टीम का गठन किया गया।  जिसमे उप निरीक्षक अनुज, उप निरीक्षक रविंद्र सिंह, उप निरीक्षक विशाल, सहायक उप निरीक्षक रविंद्र, सहायक उप निरीक्षक मोहन बिष्ट, प्रधान सिपाही रविंद्र, प्रधान सिपाही अश्विनी, प्रधान सिपाही पवन और सिपाही सोहित शामिल थे। उपरोक्त सूचना के अनुसार टीम द्वारा धनकोट, गुरुग्राम, हरियाणा में जाल बिछाया गया और आरोपित सलमान को सफलतापूर्वक पकड़ लिया गया। आरोपित  सलमान की निशानदेही पर माता वाली गली, समालखा , दिल्ली से 1 लोडेड अत्याधु निक पिस्तौल और 4 जिंदा कारतूस बरामद किए गए। उनका कहना हैं कि पूछताछ के दौरान, आरोपित सलमान ने धर्मेंद्र उर्फ़ सोनू की हत्या के मामले में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली। उसने आगे खुलासा किया कि धर्मेंद्र उर्फ़ सोनू समालखा के इलाके में ड्रग्स का कारोबार करता था। आरोपित सलमान ने अपने अन्य सहयोगियों करण, अफरोज और रुस्तम के साथ मिलकर धर्मेंद्र उर्फ़  सोनू के साथ इलाके में स्मैक बेचने को लेकर बहस की थी। उन्होंने धर्मेंद्र उर्फ़ सोनू को खत्म करने का फैसला किया क्योंकि वह इलाके के डॉन की तरह व्यवहार करता था। उन्होंने एक योजना बनाई और धर्मेंद्र उर्फ़  सोनू को गोली मार  दी।  मामला दर्ज होने के बाद उसके अन्य सहयोगियों को गिरफ्तार कर लिया गया था, लेकिन आरोपित सलमान अपनी गिरफ्तारी से बचने के लिए नियमित रूप से अपने ठिकाने बदल रहा था।
पिछली आपराधिक संलिप्तता:-
1.प्राथमिकी संख्या 302/2022, धारा 25/54/59 आर्म्स एक्ट, थाना के.एन काटजू मार्ग, दिल्ली।
सुलझाए गए  मामले:
1.प्राथमिकी संख्या 127/2023, धारा 302/307/120बी भारतीय दण्ड संहिता व 25/27 आर्म्स एक्ट, थाना कापसहेड़ा, दिल्ली
2.प्राथमिकी संख्या 140/2023, धारा 307/394/506 भारतीय दण्ड संहिता व 27 आर्म्स एक्ट, थाना यमुनानगर सदर, हरियाणा
आरोपित का प्रोफाइल:
आरोपित सलमान का जन्म वर्ष 1999 में उसके पैतृक गांव मोहम्मदपुर राय, तहसील और थाना कैराना, जिला शामली, उत्तर प्रदेश में हुआ था। उसने 10 वीं कक्षा तक पढ़ाई की है। वह वर्ष 2016 में दिल्ली के समालखा गांव आ गया । उसने गुरुग्राम, हरियाणा में अमेज़न कंपनी के लिए डिलीवरी बॉय के रूप में काम करना शुरू किया लेकिन कोविड काल में उसने नौकरी छोड़ दी और बुरी संगत में पड़ गया।  इस दौरान वह करण, अफरोज और धर्मेंद्र उर्फ़ सोनू के संपर्क में आया।  धर्मेंद्र उर्फ़  सोनू अपने इलाके का नामी अपराधी था और वह कापसहेड़ा,दिल्ली के इलाके में स्मैक बेचने का काम करता था। वर्ष 2022 में वह सुनील उर्फ़  टिल्लू के भाई अनिल, निवासी ताजपुर के संपर्क में आया, जिसने उसे टिल्लू गैंग में शामिल कर लिया। उन्होंने उसे राजेश बवाना से बदला लेने और इसके लिए हथियार की व्यवस्था करने के लिए कहा। धर्मेंद्र उर्फ़ सोनू की हत्या के बाद, वह यमुना नगर चला  गया, जहां उसने विजय और दीपक के साथ मिलकर एक व्यक्ति के साथ लूट की।  विजय और दीपक को हरियाणा पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था, लेकिन वह इस सशस्त्र डकैती मामले में गिरफ्तारी से बच रहा था।

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