
अरविन्द उत्तम की रिपोर्ट
सेंट्रल नोएडा के थाना बिसरख पुलिस ने एक ऐसे शातिर गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जो फर्जी जीएसटी अधिकारी बनकर ब्लैकमेलिंग और अवैध वसूली का खेल खेल रहा था। पुलिस ने मामले में 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है और सबसे बड़ी बात यह कि पीड़ित से हड़पे गए पूरे 29 लाख रुपये शत-प्रतिशत बरामद कर लिए गए हैं।आरोपियों के पास से दिल्ली पुलिस सब-इंस्पेक्टर की वर्दी, दिल्ली सिविल डिफेंस की वर्दी, दो लग्जरी कारें और 7 मोबाइल भी बरामद हुए हैं। पुलिस की गिरफ्त में खड़ा कशिश चौहान उर्फ ईशु द्वारका दिल्ली में डीसीपीओ के पद पर कार्यरत इस वारदात का मास्टरमाइंड, उसने राजेश पवार, विवेक शर्मा, अंकित शाही और अंशुल के साथ मिल ब्लैक मेलिंग और अवैध वसूली की योजना बनाई. डीसीपी सेंट्रल नोएडा शैलेन्द्र कुमार सिंह ने बताया कि मामला 20 जुलाई 2026 का है। पीड़िता संदीप, जो पेशे से जीएसटी कंसलटेंट हैं, अपनी सोसाइटी एस एस्पायर के पास अपनी कार से अपने पालतू कुत्ते के साथ निकले थे। तभी अचानक एक कार ने उनकी गाड़ी के आगे ब्रेक लगाए। कार से उतरे लोगों ने खुद को जीएसटी विभाग के बड़े अधिकारी और पुलिसकर्मी बताया।
फर्जी अधिकारियों ने फर्जी ई-वे बिल और दो कंपनियों के वेरिफिकेशन का डर दिखाकर संदीप को ब्लैक मेल करना शुरू किया। आरोपियों ने जेल भेजने की धमकी दी और संदीप की ही कार में उन्हें बंधक बना कर घुमाते रहे। दबाव में आकर संदीप ने अपने भाई को फोन कर 29 लाख रुपये कैश मंगवाए। रकम मिलते ही आरोपी मौके से फरार हो गए। घटना की सूचना मिलते ही थाना बिसरख पुलिस, सर्विलांस टीम और लोकल इंटेलिजेंस हरकत में आई। जब सीसीटीवी कैमरों और सर्विलांस की मदद से जांच आगे बढ़ी, तो एक चौंकाने वाली सच्चाई सामने आई।मुख्य आरोपी कशिश उर्फ ईशू चौहान और पीड़ित संदीप एक-दूसरे को साल 2021 से जानते थे। कशिश को पता था कि संदीप जीएसटी बिलों के काम में कुछ अनियमितताएं करता है। इसी कमजोरी का फायदा उठाकर कशिश ने अपने साथियों के साथ मिलकर इस पूरी साजिश का ताना-बाना बुना था। बिसरख पुलिस ने सटीक सूचना के आधार पर जलपुरा रोड इस्कॉन मंदिर के पास से सभी 5 अभियुक्तों को धर दबोचा। पुलिस ने इनके पास से, 24.5 लाख नकद, 4.5 लाख के गहने सोने की चैन, चांदी का कड़ा व अंगूठी कुल 29 लाख की 100% शत-प्रतिशत बरामदगी की है।इसके अलावा घटना में प्रयुक्त 2 गाड़ियां (XL-6 और वेन्यू), एक जोड़ी सब-इंस्पेक्टर की वर्दी, दिल्ली सिविल डिफेंस की वर्दी और 7 मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं। पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है और इनके पुराने आपराधिक इतिहास की पड़ताल की जा रही है। वर्दी और फर्जी पहचान का डर दिखाकर ठगी करने वाले इस गिरोह का पर्दाफाश कर बिसरख पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल की है।
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