एनबीएफसी (गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियां) स्मार्टफोन ईएमआई फाइनेंसिंग को लेकर सख्त हो गई है, जिससे उपभोक्ताओं की जिंदगी, छात्रों की पढ़ाई और रिटेल कारोबार प्रभावित हो रहा है।
पहले, फोन लॉकिंग टेक्नोलॉजी एनबीएफसी के लिए एक सुरक्षा कवच का काम करती थी। अगर कोई ग्राहक ईएमआई चुकाने में चूक करता, तो कंपनी फोन को लॉक कर देती थी, जिससे डिफॉल्ट का खतरा कम हो जाता था। इसके चलते ज्यादा ग्राहकों को लोन मिल पाता था, रिटेल सेल्स बढ़ती थी, और कम आय वाले परिवारों के लिए स्मार्टफोन खरीदना आसान हो जाता था।
लेकिन अब, फोन लॉकिंग पर बैन लगने के बाद एनबीएफसी लोन अप्रूवल में कटौती कर रही हैं। यहां तक कि समय पर ईएमआई भरने वाले ईमानदार ग्राहकों को भी लोन नहीं मिल पा रहा है।
### आजीविका पर चोट:
डिलीवरी एजेंट्स और गिग वर्कर्स को नए फोन खरीदने में परेशानी हो रही है, जिससे उनकी आमदनी पर असर पड़ रहा है।
### छात्रों को झटका:
ऑनलाइन क्लास और पढ़ाई के लिए जरूरी फोन अब छात्रों की पहुंच से बाहर हो सकते हैं, जिससे डिजिटल डिवाइड और बढ़ने का खतरा है।
### रिटेल बिक्री में गिरावट:
टियर-2 और टियर-3 शहरों में ईएमआई के जरिए फोन खरीदने की बिक्री में भारी गिरावट आई है। उपभोक्ता हितों की रक्षा के लिए लाया गया यह नियम जमीनी स्तर पर उन्हें ही तकलीफ दे रहा है।
### जरूरत है संतुलन की:
ऐसा समाधान जरूरी है जो उपभोक्ताओं के अधिकारों की रक्षा करे और साथ ही एनबीएफसी को भी पर्याप्त सुरक्षा प्रदान करे।
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