अजीत सिन्हा की रिपोर्ट
चण्डीगढ़: हरियाणा के राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने पत्रकारों का आहवान् किया है कि पत्रकार निष्पक्ष एवं तथ्यों के आधार पर पत्रकारिता करें, जिससे समाज में पत्रकारों की और विश्वसनीयता बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार खड़ग विनाश का कारक होती है, उसी प्रकार कलम से समाज में परिवर्तन होता है और कलम प्रेरणाशील है। राज्यपाल दत्तात्रेय आज पंचकूला में हरियाणा पत्रकार संघ द्वारा आयोजित पत्रकारिता गौरव पुरस्कार समारोह की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि न्यूज को न्यूज के कन्सेप्ट से ही तैयार करें। न्यूज़ में अपने व्यूज शामिल करने से निष्पक्षता खत्म हो जाती है। उन्होंने कहा कि भौतिकता के युग में पत्रकारिता एक व्यवसाय के रूप में उभरा है। इस दौर में पत्रकार अपने मानवीय और नैतिक मूल्यों का भौतिकता से संतुलन बनाते हुए तथ्यों पर आधारित पत्रकारिता करने से ही अपने व्यवसाय के साथ ईमानदारी कर पाएंगे। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता एक स्वच्छ व पवित्र व्यवसाय है। खोजी पत्रकारिता से असलियत को उजागर किया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया, प्रिन्ट मीडिया, इलैक्ट्रोनिक मीडिया के इस युग में अनेकों युवा इस व्यवसाय में भविष्य तलाश रहे हैं। पत्रकारों को आने वाली पीढ़ी के सामने आदर्श स्थापित करना है कि राष्ट्र व समाज की प्राथमिकता को ध्यान में रखकर किस प्रकार से पत्रकारिता के क्षेत्र में आगे बढ़ना है। इससे जनता का पत्रकारिता पर और अधिक विश्वास होगा। उन्होंने कहा कि पीत पत्रकारिता से बचें, क्योंकि पीत पत्रकारिता देश व प्रजातंत्र के लिए बहुत ही नुकसानदायक है।उन्होंने कहा कि आज सोशल मीडिया के दौर में प्रेस शब्द का अर्थ और व्यापक हो गया है। प्रेस में सोशल मीडिया के प्रभावों और दुष्प्रभावों को भी नकारा नहीं जा सकता। ऐसे में सबके सामने तथ्य और तथ्यहीन सूचनाओं की प्रमाणिकता की भी चुनौती है। सोशल मीडिया के इस युग मे मेन-स्ट्रीम की मीडिया की जिम्मेवारी और बढ़ी है। दत्तात्रेय ने कहा कि प्रजातंत्र में प्रेस सरकार एवं लोगों के मध्य एक सेतु का महत्वपूर्ण कार्य करती है। सरकार द्वारा चलाई जा रही विकास तथा जन कल्याणकारी योजनाओं को लोगों तक पहुंचाने तथा जन-साधारण की समस्याएं सरकार तक पहुंचाने का कार्य भी करती हैं। इसलिए पत्रकारों से अपील है कि सरकारी की योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने में सहयोग करें जिससे गरीब लोगों को लाभ मिलेगा। दत्तात्रेय ने कहा कि पत्रकारों को समावेशी सोच के साथ आपस मे संगठित होना है और एक पेशेवर के रूप में एक दूसरे के हितों के लिए भी काम करना है। इससे सरकार व प्रशासनिक व्यवस्था भी लोकतंत्र के चौथे स्तम्भ मीडिया के प्रति संवेदनशील होगी। पत्रकार निर्भीक होकर पूरी स्वतंत्रता के साथ कार्य करें तभी सरकारें अच्छे ढंग से कार्य कर सकेंगी। प्रसिद्ध लेखक एवं पत्रकार डा. वेद प्रताप वैदिक ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि पत्रकार को निर्भीक, निष्पक्ष एवं सत्य की रक्षा करते हुए रिपोर्टिंग करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता लोकतंत्र का हृदय है, जो कभी बंद नहीं होता। पत्रकारिता लोकतंत्र को जिंदा रखती है। पत्रकार पर सबसे ज्यादा जिम्मेवारी है, इसलिए हमेशा सचेत रह कर कार्य करना चाहिए। पत्रकार दुर्भावना व पक्षपात से न लिखें केवल ईमानदारी से लिखें यहीं सारे समाज के हित में है। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार अमित आर्य ने पत्रकारों को बाजारवाद के युग में बिना किसी दबाव के कार्य करने व पत्रकारिता को जोश के साथ बेहतर ढंग व सकारात्मक सोच से कार्य करने की अपील की।
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