अजीत सिन्हा की रिपोर्ट
दिल्ली -मुंबई एक्सप्रेस-वे पर आज तड़के एक बेलोनो कार एक खड़ी बस में जोरदार टक्कर मार दी, इस भीषण टक्कर में 3 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि 2 मासूम बच्चे गंभीर रूप से घायल हो गए जिन्हें ERV – 235 की पुलिस टीम ने दोनों बच्चों को रेस्क्यू कर, इलाज के लिए तुरंत उन्हें एक अस्पताल में ले जाया गया व भर्ती कराया जहां उनकी हालात खतरे से बाहर बताई जा रही है। इनमें 1 बच्चा 8 वर्ष का हैं , और मासूम बच्ची 1 वर्ष की है। ये भीषण हादसा सुबह लगभग सवा 3 बजे घटित हुई है। ये लोग बलेनो कार में सवार होकर राजस्थान के जयपुर से दिल्ली की ओर आ रहे थे। मरने वालों में पति -पत्नी और एक बच्ची शामिल है। मृतक बूम प्रसाद दिल्ली के रजोकरी में किराए के मकान में बीते 14 वर्ष से अपने परिवार के साथ रह रहे थे। वह टैक्सी ड्राइवर थे , और मेहंदीपुर बालाजी के दर्शन करके लौट रहे थे।

पुलिस प्रवक्ता के अनुसार आज बृहस्पतिवार को समय सुबह करीब 03:15 बजे गुरुग्राम पुलिस की ERV-235 टीम को दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर एक सड़क दुर्घटना की सूचना प्राप्त हुई। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने तुरंत घटनास्थल पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। मौके पर एक कार सड़क किनारे खड़ी बस से टकराई हुई थी और दुर्घटना की गंभीरता को देखते हुए तत्काल राहत एवं बचाव कार्य की आवश्यकता थी। दुर्घटना की गंभीर स्थिति को देखते हुए ERV-235 टीम ने तुरंत बचाव कार्य शुरू किया। कार में फंसे लोगों को बाहर निकालने के दौरान पुलिसकर्मियों ने तत्परता, सूझबूझ और कर्तव्यनिष्ठा का परिचय दिया। टीम ने विशेष प्रयास करते हुए करीब 8 वर्षीय बच्चे और 1 वर्षीय मासूम बच्ची को सुरक्षित बाहर निकाला।

उनका कहना है कि इस दर्दनाक सड़क हादसे में 3 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। इस भयानक हादसे की स्थिति के बीच ERV-235 टीम ने त्वरित कार्यवाही करते हुए दोनों मासूम बच्चों को सुरक्षित बचाया। इसके बाद बिना देरी किए एंबुलेंस की सहायता से दोनों बच्चों को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां दोनों बच्चे सुरक्षित हैं और खतरे से बाहर हैं। उनका कहना है कि परिस्थितियों में शुरुआती कुछ मिनट बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। ERV-235 टीम ने सूचना मिलते ही घटना स्थल पर पहुंचकर जिस तत्परता और संवेदनशीलता के साथ राहत एवं बचाव कार्य किया, उसने दोनों बच्चों को सुरक्षित अस्पताल पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पुलिस टीम की इस कार्यवाही ने एक बार फिर साबित किया कि संकट की घड़ी में समय पर सहायता और कर्तव्य के प्रति समर्पण कितना महत्वपूर्ण है। ERV-235 टीम द्वारा किया गया यह सराहनीय कार्य पुलिस की जनसेवा के प्रति प्रतिबद्धता, मानवीय संवेदनशीलता और कर्तव्यनिष्ठा का उदाहरण है। दुर्घटना जैसी भीषण परिस्थिति में अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन करते हुए टीम ने दो मासूम बच्चों को सुरक्षित बचाकर सराहनीय कार्य किया।गुरुग्राम पुलिस आमजन की सुरक्षा, सहायता और आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित कार्यवाही के लिए सदैव प्रतिबद्ध है। पुलिस की सभी टीमों का उद्देश्य संकट के समय जरूरतमंद लोगों तक शीघ्र सहायता पहुंचाना और जनजीवन की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। ERV-235 टीम का यह कार्य इसी प्रतिबद्धता और मानवीय सेवा भावना को प्रदर्शित करता है।
Related posts
0
0
votes
Article Rating
Subscribe
Login
0 Comments
Oldest
Newest
Most Voted

