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फरीदाबाद

फरीदाबाद:विकास परियोजनाओं की नियमित समीक्षा और प्रभावी अनुपालना सुनिश्चित करें अधिकारी : डी.एस ढेसी

अजीत सिन्हा की रिपोर्ट 
फरीदाबाद:शहरी विकास प्रधान सलाहकार डी.एस ढेसी की अध्यक्षता में आज लघु सचिवालय स्थित सभागार में जिला फरीदाबाद में चल रही विभिन्न परियोजनाओं पर डिविज़नल कमिश्नर संजय जून, सीईओ एफएमडीए पी सी मीणा, डीसी आयुष सिन्हा, एचएसवीपी एडमिनिस्ट्रेटर धीरज और अन्य संबंधित विभागों व एजेंसी के अधिकारियों के साथ 15वीं अंतर-एजेंसी समन्वय बैठक आयोजित हुई। बैठक में विभिन्न विकास परियोजनाओं, बजटीय प्रावधानों तथा भूमि प्रबंधन से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की गई।  

प्रधान सलाहकार डी.एस. ढेसी ने कहा कि सरकार द्वारा आमजन की समस्याओं के समाधान के लिए विभिन्न पोर्टल, समाधान शिविर और शिकायत निवारण प्रणालियां विकसित की गई हैं। इनका उद्देश्य नागरिकों की समस्याओं का वास्तविक समाधान करना है, न कि केवल औपचारिकता पूरी करते हुए अनुपालना रिपोर्ट प्रस्तुत करना। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक शिकायत पर की गई कार्रवाई का सत्यापन किया जाए तथा यह सुनिश्चित किया जाए कि संबंधित समस्या का मौके पर समाधान हुआ है। गलत या भ्रामक अनुपालना रिपोर्ट देने वाले अधिकारियों के मामलों को गंभीरता से लिया जाएगा।

बैठक में सड़कों की मरम्मत और गड्ढों को भरने के कार्यों की समीक्षा करते हुए प्रधान सलाहकार डी.एस. ढेसी ने कहा कि मरम्मत के दौरान निर्धारित तकनीकी मानकों का पालन अनिवार्य है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कार्य केवल फोटो अपलोड करने या कागजी अनुपालना तक सीमित न रहें, बल्कि सड़क की स्थिति में वास्तविक सुधार दिखाई देना चाहिए। गड्ढों की उचित सफाई, निर्धारित तकनीक से सामग्री का प्रयोग और कॉम्पैक्शन सुनिश्चित करने के साथ संबंधित अधिकारी मौके पर जाकर गुणवत्ता की जांच करें।बैठक में गुरुग्राम में सड़क मरम्मत के लिए जेट पैचर मशीन आधारित प्रणाली अपनाने पर भी चर्चा हुई। इस तकनीक से गड्ढों की सफाई और मरम्मत कम समय में बेहतर की जा सकती है। साथ ही, विभिन्न एजेंसियों की सड़कों की मरम्मत के लिए एकीकृत प्रणाली अपनाने पर विचार किया गया। प्रधान सलाहकार डी.एस. ढेसी ने निर्देश दिए कि सड़क मरम्मत संबंधी शिकायतों का निर्धारित समय में समाधान किया जाए और अनावश्यक देरी न हो। गुरुग्राम में 24, 48 और 72 घंटे के निर्धारित समय-लक्ष्यों के अनुरूप कार्रवाई सुनिश्चित करने के साथ सभी विभागों को सड़कों की स्थिति, मरम्मत की आवश्यकता और लंबित शिकायतों का नियमित रिकॉर्ड रखने के निर्देश दिए गए। बैठक में एफएमडीए और एनएच पीसी सहित संबंधित एजेंसियों द्वारा किए जा रहे पौधरोपण कार्यों की प्रधान सलाहकार डी.एस. ढेसी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने पौधरोपण की प्रगति, शेष लक्ष्य और आगामी चरणों की जानकारी प्रस्तुत की। प्रधान सलाहकार डी.एस. ढेसी ने निर्देश दिए कि पौधे केवल संख्या पूरी करने के लिए न लगाए जाएं, बल्कि निर्धारित स्थानों पर उचित तरीके से रोपण करने के साथ उनकी नियमित देखभाल और जीवित रहने की स्थिति की निगरानी भी की जाए। उन्होंने कहा कि पौधरोपण के लिए उपलब्ध स्थानों का बेहतर उपयोग किया जाए और प्रत्येक एजेंसी अपने निर्धारित लक्ष्य को समयबद्ध तरीके से पूरा करे। संबंधितअधिकारी पौधरोपण स्थलों का निरीक्षण करें तथा कार्य की प्रगति और पौधों की स्थिति की वास्तविक जानकारी प्रस्तुत करें। बैठक में बादशाहपुर, मिर्जा पुर और प्रतापपुर स्थित सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) से निकलने वाले शोधित अपशिष्ट जल का सिंचाई कार्यों में उपयोग करने पर चर्चा की गई। इसका उद्देश्य जल संसाधनों का बेहतर प्रबंधन करना और सिंचाई के लिए अतिरिक्त पानी उपलब्ध करवाना है। इस दौरान शोधित जल को सिंचाई विभाग की नहरों एवं डिस्ट्रीब्यूटरी तक पहुंचाने, पाइपलाइन कनेक्टिविटी, तकनीकी अनुमानों और वित्तीय व्यवस्थाओं पर विचार-विमर्श किया गया। साथ ही, मिर्जापुर एसटीपी से रामपुर डिस्ट्रीब्यूटरी तथा प्रतापपुर एसटीपी से संबंधित क्षेत्रों तक शोधित जल पहुंचाने के प्रस्तावों पर भी चर्चा हुई।प्रधान सलाहकार डी.एस. ढेसी ने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि प्रस्तावों का तकनीकी एवं वित्तीय आकलन कर व्यावहारिक समाधान तैयार करें। उन्होंने कहा कि परियोजनाओं में निर्माण लागत के साथ संचालन एवं रखरखाव की जिम्मेदारी भी स्पष्ट होनी चाहिए। उन्होंने विभागों को आपसी समन्वय से आगामी दो से तीन सप्ताह में अपनी स्थिति स्पष्ट करने के निर्देश दिए, ताकि आगे की कार्रवाई समयबद्ध ढंग से की जा सके।बैठक में जल संरक्षण एवं जल पुनर्भरण से संबंधित परियोजनाओं की प्रगति पर भी चर्चा की गई। अधिकारियों ने विभिन्न स्थानों पर विकसित की जा रही वाटर बॉडी और जल संचयन संरचनाओं की स्थिति से अवगत कराया। इस दौरान एक परियोजना में खुदाई कार्य की धीमी प्रगति तथा निर्माण सामग्री के निस्तारण से संबंधित चुनौतियों पर चर्चा हुई। प्रधान सलाहकार डी.एस. ढेसी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि परियोजना से जुड़ी समस्याओं का नए सिरे से आकलन कर उनके व्यावहारिक समाधान तलाशे जाएं। ठेकेदार और संबंधित विभाग आपसी समन्वय से कार्य में आ रही बाधाओं को दूर करें तथा खुदाई और अन्य निर्माण गतिविधियों के लिए स्पष्ट समय-सीमा निर्धारित करें। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण से जुड़ी परियोजनाएं निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप आगे बढ़नी चाहिए, ताकि वर्षा जल संचयन और भूजल पुनर्भरण के उद्देश्यों को पूरा किया जा सके।बैठक में फरीदाबाद क्षेत्र में उपलब्ध एमआईटीसी के पुराने एवं अनुपयोगी चैनलों के बेहतर उपयोग पर भी चर्चा की गई। अधिकारियों ने बताया कि कुछ चैनलों के आसपास उपलब्ध भूमि का उपयोग ग्रीन बेल्ट, पौधरोपण, फुटपाथ और अन्य शहरी सुविधाओं के विकास के लिए किया जा सकता है। कुछ क्षेत्रों में सड़क संपर्क और अन्य आधारभूत सुविधाओं के विकास की संभावनाओं पर भी विचार किया गया। डी.एस. ढेसी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन चैनलों और उनके आसपास उपलब्ध भूमि का विस्तृत मानचित्र तैयार कर उसे मास्टर प्लान तथा संबंधित सेक्टर प्लान के साथ मिलाकर देखा जाए। इससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि किन स्थानों पर ग्रीन बेल्ट विकसित की जा सकती है और कहां सड़क, पाइपलाइन या अन्य प्रस्तावित सुविधाओं के साथ समन्वय स्थापित किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि भूमि का उपयोग योजनाबद्ध तरीके से किया जाए, ताकि उपलब्ध संसाधनों का अधिकतम लाभ आमजन को मिल सके।
बैठक में ठोस कचरा प्रबंधन, कचरे के निस्तारण के लिए उपलब्ध भूमि तथा सीमावर्ती क्षेत्रों में अन्य स्थानों से कचरा लाकर डंप किए जाने की समस्या पर भी चर्चा की गई। प्रधान सलाहकार डी.एस. ढेसी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि कचरे के अवैध परिवहन और डंपिंग पर प्रभावी निगरानी रखी जाए। इसके लिए नगर निगम, पुलिस और संबंधित विभागों के बीच समन्वय स्थापित किया जाए तथा नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि कचरे का उचित पृथक्करण, प्रसंस्करण और वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण सुनिश्चित करना आवश्यक है। संबंधित एजेंसियां उपलब्ध भूमि, प्रस्तावित प्रसंस्करण सुविधाओं और कचरा प्रबंधन से जुड़ी अन्य आवश्यकताओं की समीक्षा कर ठोस कार्ययोजना तैयार करें। प्रधान सलाहकार डी.एस. ढेसी ने बैठक के दौरान संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि सभी विकास परियोजनाओं की नियमित समीक्षा की जाए। प्रत्येक विभाग अपने कार्यों की प्रगति, लंबित मुद्दों और निर्धारित लक्ष्यों के संबंध में अद्यतन जानकारी रखे। उन्होंने कहा कि विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय से ही शहरी आधारभूत सुविधाओं का विकास और नागरिकों की समस्याओं का प्रभावी समाधान संभव है।उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी परियोजना की सफलता का आकलन केवल प्रस्तुत रिपोर्ट या अपलोड की गई तस्वीरों से नहीं, बल्कि मौके पर दिखाई देने वाले परिणामों से किया जाएगा। सभी अधिकारी सुनिश्चित करें कि स्वीकृत कार्य निर्धारित समय-सीमा में और गुणवत्ता मानकों के अनुरूप पूरे हों।बैठक में एफएमडीए, नगर निगम, हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी), सिंचाई विभाग, राष्ट्रीय राजमार्ग से संबंधित एजेंसियों तथा अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया और अपने-अपने विभागों से जुड़े विकास कार्यों की प्रगति की जानकारी प्रस्तुत की। बैठक में सभी संबंधित विभागों के अधिकारीगण मौजूद रहे।

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