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फरीदाबाद

फरीदाबाद: ग्रीन फिल्ड कालोनी की इस बिल्डिंग के फ्लैटों को खरीदने से बचे,इस बिल्डिंग में डीटीपी का हथोड़ा चल चूका हैं।

अजीत सिन्हा की रिपोर्ट 
फरीदाबाद:ग्रीन फिल्ड कालोनी में बिल्डरों के द्वारा बनाएं गए फ्लैटों को खरीदने से पहले ग्राहकों को एक सम्बंधित विभाग से अवश्य संपर्क जरूर करना चाहिए। अन्यथा इसी तस्बीर की तरह से आप के फ्लैटों में उनका हथौड़ा व बुलडोजर चलेंगें पर इस बार इसका खामियाजा तो बिल्डर को भुगतना पड़ा हैं। यदि इस फ्लैट को यानी इस तरह के फ्लैटों को आपने खरीद लिया तो इस का नतीजा आप को भुगतना पड़ेगा। इस खबर में प्रकाशित की गई तस्बीर उस दिन की हैं जिस दिन डीटीपी इंफोर्स्मेंट एंव विजिलेंस की टीम ने तोड़फोड़ की कार्रवाई की थी। 
डीटीपी इंफोर्स्मेंट एंव विजिलेंस नरेश कुमार की टीम के कर्मचारी गण बीते वीरवार 8 अक्टूबर- 20 को ग्रीन फिल्ड कालोनी के प्लाट नंबर-412 में बनाए गए अवैध बाथरूमों पर एक के बाद  एक  हथौड़े  बरसाए  जा रहे थे । यह लोग तब  तक हथोड़े बरसाते रहे जब तक पूरी तरह से टूट ना गई हो। क्या आप ऐसे फ्लैटों को खरीदना चाहेंगें .नहीं ना पर इस बिल्डिंग को बनाने वाले बिल्डर ने आप के साथ धोखा करने लिए बनाया हैं। असल में प्लाट नंबर -412 पर जो चार मंजिलों की बिल्डिंग बनाई गई हैं। इस बिल्डिंग का आगे का हिस्सा तो नक़्शे के मुताबिक बनाया गया हैं पर इसके पीछे में जो खुला जगह होना चाहिए नक़्शे के मुताबिक पर बिल्डर ने दोनों से तरफ से पीछे के कमरे के लिए चार मंजिलों तक अवैध रूप से बाथरूम बनाई हुई हैं। इसी के चलते बीते वीरवार को हथौड़े से बनाई गई बाथरूमों को तोड़ दिया था।

तोड़फोड़ की कार्रवाई के दौरान उपस्थित लड़की वालों ने कहा कि इन फ्लैटों में जो दरवाजा लगाया गया हैं। असल में बहुत ही हल्की क़्वालिटी का हैं। इस दरवाजे में जल्दी दीमक लग जाती हैं और गलती बारिश का पानी या फर्श धोते हुए उसका पानी इस दरवाजा पर पड़ेगा तो यह दरवाजा धीरे -धीरे गलता चला जाएगा। जोकि फ्लैट खरीने वाले ग्राहकों के साथ एक बहुत बड़ा धोखा होगा। इस लिए डीटीपी इंफोर्स्मेंट एंव विजिलेंस नरेश कुमार ने आम ग्राहकों से किसी प्रकार का धोखा ना हो। इस आमजनों से अपील की हैं कि ग्रीन फिल्ड कालोनी में कोई भी फ्लैट खरीदने से पहले एक उनके विभाग से अवश्य संपर्क कर लें। 

इस मामले में एक एसडीओ स्तर के अधिकारी का कहना हैं कि बिल्डर से कोई भी फ्लैट खरीदने से उस पूछ ले की इस फ्लैट में किस क़्वालिटी  का मैटेरियल इस्तेमाल किया गया हैं। वाकायदा वह उनसे लिखित में ले सकें तो बहुत अच्छा हैं। इसके बाद वह पोजीशन लेने से पहले बिना बिल्डर के जानकारी के फर्श, दीवार व लकड़ी आदि स्थानों से  सैंपल लेकर लैब में चेक करवा ले की किस स्तर मैटेरियल इस फ्लैटों में इस्तेमाल की गई  हैं। क्यूंकि आप 80 लाख रूपए से लेकर एक करोड़ तक के फ्लैट खरीदते हैं तो यह आपका अपना अधिकार हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद बिल्डर के खिलाफ मुकदमा अवश्य दर्ज करवा सकते हैं। क्यूंकि यह बिल्डर ज्यादा से ज्यादा मुनाफा कमाने के चक्कर में हैं। सही मायने में कहा जाएगा की आपको लूटने के चक्कर में हैं वह भी धोखे से। 

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