
अजीत सिन्हा की रिपोर्ट
फरीदाबाद:बैंक कर्मचारी ने एक मृत शख्स के नाम से बैंक में फर्जी खाता खोल कर साइबर ठगी के लिए इस्तेमाल करता था। इस साइबर ठगी के सनसनीखेज मामले में एनआईटी साइबर थाना की टीम ने तीन आरोपितों को अरेस्ट किया हैं। अब तक ये तीनों आरोपित दिल्ली-एनसीआर में लगभग 200 -250 वारदातों को अंजाम दे चुके हैं। पुलिस ने इन आरोपितों से नगद 19500 रूपए व वारदात में इस्तेमाल की गई मोबाइल फोन को बरामद किया हैं।

पुलिस प्रवक्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि आजकल के आधुनिक दौर में सभी लोगों के द्वारा क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल ऑनलाइन व फिजिकल किया जा रहा है। यह गिरोह क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढाने व रिडीम प्वाइंट जोड़ने का झांसा देकर अलग- अलग माध्यम से धोखा धड़ी करते है। इसी प्रकार की वारदातो को अंजाम देने वाले अरेस्ट आरोपितों में आकाश, जग मोहन और प्रदीप का नाम शामिल है। आरोपित आकाश रोहतक जिले की रामनगर कॉलोनी का, जगमोहन नई दिल्ली के पंजाबी बाग के मदन पार्क के पास का, प्रदीप नई दिल्ली के कंझावली जिले के गांव कराला का रहने वाला है। साइबर टीम ने अपने सूत्रों से प्राप्त सूचना से आकाश को रोहतक से जगमोहन और प्रदीप को दिल्ली से अरेस्ट किया है। इस मामले में पूछताछ के लिए आरोपित जगमोहन और आकाश को अदालत में पेश कर 7 दिन के पुलिस रिमांड पर तथा प्रदीप को 1 दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया था। आरोपित जगमोहन ने शिकायतकर्ता मीनाक्षी के पास फर्जी फोन नम्बर से कॉल करके क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढाने का झांसा देकर फर्जी बैंक खाते मे 49000 रुपए धोखाधड़ी से प्राप्त कर लिए। जिसकी शिकायत साइबर थाना एनआईटी में मीनाक्षी के द्वारा दी गई। जिस पर मामला दर्ज कर मामले की जांच की गई। जांच में पाया गया कि खाता किसी नव दुर्गा इंटरप्राइजेज प्राइवेट लिमिटेड प्रो राइटर अशोक कुमार के नाम पर दिल्ली के करोल बाग में खुला हुआ था। जिसकी जांच की गई तो पता चला की खाता धारक अशोक कुमार की मृत्यु 2 अगस्त 2022 हो चुकी है। तथा कोटक बैंक में खाता 23 सितंबर 2022 को खुलवाया गया था। साइबर टीम ने आरोपित जगमोहन और आकाश से पूछताछ की जिसमें आरोपित आकाश से पता चला की आरोपित मृतक अशोक का दोस्त है। जिसने प्रदीप की सहायता से मृतक अशोक का खाता करोल बाग की कोटक बैंक में खाता खोला था। आरोपित जगमोहन पहले कॉलिंग कम्पनी में 1 साल नौकरी कर चुका है। जगमोहन ने फर्जी नम्बर से फोन कर शिकायतकर्ती को फर्जी फोन नम्बर से कॉल करके क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढाने का झांसा देकर साइबर फ्रॉड की वारदात को अंजाम दिया है। आरोपित जगमोहन तीसरे आरोपित की मदद से आरोपित आकाश से मिला था। मृतक के खाते में अब तक करीब 78 लाख रुपए का लेन देन हो चुका है। आरोपित प्रदीप से पूछताछ में सामने आया कि आरोपित पिछले 4-5 साल से कोटक बैंक में काम कर रहा है। आरोपित ने मृतक के खाते को आरोपित आकाश से पॉलिसी खुलवाने के लिए खोला था। आरोपित ने एक अन्य और खाता खोल रखा है जिसकी जांच चल रही है। तीनों आरोपितों को पूछताछ के बाद अदालत में पेश कर जेल भेज दिया गया है। आरोपितों के अन्य साथियो की साइबर टीम लगातार तलाश कर रही है। जल्द अरेस्ट किया जाएगा।
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