अजीत सिन्हा की रिपोर्ट
श्री कृष्ण जन्माष्टमी का पर्व नोएडा में धूमधाम से मनाया जा रहा है इस अवसर पर नोएडा के मंदिरों में काफी भीड़ थी और इन मंदिरों को श्री कृष्ण की विभिन्न झांकियों से सजाया गया था श्री कृष्ण जन्माष्टमी आयोजन नोएडा के 56, सैक्टर-19, सैक्टर-20 और 110 में स्थित मंदिरों किया गया जहां लाखों की संख्या में लोगों ने नाच गाकर श्री कृष्ण जन्माष्टमी का पर्व मनाया। लेकिन जन्माष्टमी पर्व पर नोएडा का इस्कॉन मंदिर लोगो के विशेष आकर्षण का केंद्र बना हुआ है.

जन्माष्टमी पर्व को लेकर सुबह से ही मंदिरों में दर्शन करने भक्त पहुंचने लगे थे। लोगों भीड़ को देखते हुए यातायात पुलिस रास्तों और मार्गो को प्रतिबंधित और डाइवर्ट किया है एनटीपीसी अंडरपास चौराहा से गिझौड चौराहा की ओर तथा गिझौड चौक से एनटीपीसी की ओर सभी प्रकार के वाहनों का आवागमन प्रतिबंधित किया गया है. जिन वाहनों को गिझौड़ चौराहा से अट्टा अण्डरपास की ओर आना है,

ये वाहन गिझौड़़ चौराहा से बाए मुडकर होशियारपुर तिराहे से दाहिने मुड़कर सिटी सेन्टर / गिझौड़ चौक से दाहिने मुडकर समरविला तिराहा होकर अपने गन्तव्य स्थान को जा सकते है तथा जिन वाहनों को कार्यक्रम स्थल की ओर इस्कॉन मंदिर आना है, वे वाहन एडोब बिल्डिंग के बराबर में बनी पार्किंग में अपने वाहन पार्क कर पैदल मंदिर में प्रवेश कर सकते है. वीवीआईपी पार्किंग में जाने वाले वाहन सैक्टर 33-34 तिराहा से प्रवेश कर शिल्प हॉट पार्किंग में अपने वाहन खड़ा कर पैदल जा सकेंगे।

नोएडा इस्कॉन मंदिर, में सुबह से भगवान श्रीकृष्ण के अभिषेक के दौरान माहौल में उत्साह बना हुआ है. मंदिर को रंग-बिरंगी एल ई डी लाईटों, विभिन्न प्रकार के फूलों एवं गुब्बारों से सजाया गया है। विदेशी प्रजाति के कारनेशन, ऑर्किड के फूल के साथ गुलाब, गेंदा, रजनीगंधा, जैसमीन व मोंगरा के फूल से मंदिर की सजावट देखते बनती मीडिया प्रभारी एकांत धाम दास ने बताया कि दो वर्ष तक कोरोना महामारी के कारण जन्माष्टमी सादगी के साथ मनाया गई थी। इस बार विशेष अनुष्ठान किए जा रहे हैं।

इसके लिए तीन जगह अभिषेक की व्यवस्था है। 108 कलश की स्थापना हुई है। प्रभु को विशेष भोग लगाया गया। हरिनाम संकीर्तन के जरिए माहौल में भक्तिमय किया गया। इस्कॉन मंदिर में आने वाले भक्तों के बारे में मंदिर के मीडिया प्रभारी एकांत धाम दास ने दावा किया कि लगभग 2 लाख भक्तों ने देर रात तक मंदिर आकर दर्शन कर लेंगे ।
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