Athrav – Online News Portal
उत्तर प्रदेश

मथुरा : झूलोत्सव पर्व पर कान्हा की नगरी में हरियाली तीज के दिन वृन्दावन में आस्था का सैलाब उमड पडा, सुरक्षा कड़े इंतजाम।

खेमचंद पटेल की रिपोर्ट 
मथुरा :  जन जन के आराध्य ठाकुर बांके बिहारी महाराज के झूलोत्सव पर्व पर कान्हा की नगरी में हरियाली तीज के दिन  वृन्दावन में आस्था का सैलाब उमड पडा। लाखो भक्तो ने अपने लडेते ठाकुर को श्रध्दा व भक्ति की डोर से झुलाया। भीड़ के मद्देनजर प्रशासन ने मंदिर के प्रांगण में सुरक्षा कड़े इंतजाम किए थे ।
  मंदिरों की नगरी वृन्दावन में आज उमस भरी गर्मी के वावजूद श्रध्दा अपने चरम पर रही। एक ओर जहाँ भगवान बाँके विहारी लाल स्वर्ण रजत जड़ित हिंडोले में झोटा ले रहे थे, वहीँ दूसरी तरफ भक्तो की आस्था हिलोरे मार रही थी। उल्लास के उत्सव हरियाली तीज पर जन जन के आराध्य ठाकुर बांके बिहारी महाराज ने स्वर्ण रजत निर्मित हिण्डोले में विराजमान होकर श्रध्दालुओ को दर्शन   दिए। भक्तो को यह दर्शन वर्ष में केवल एक बार हरियाली तीज पर्व की संध्या बेला में सुलभ होते है। कलात्मकता के अदूभूत नमूने स्वर्ण रजत निर्मित हिण्डोले में  आज शाम ठीक चार बजे जैसे ही ठाकुर बांके बिहारी लाल हरे परिधान एवं विभिन्न प्रकार के अभूषण धारण कर विराजमान कराया गया। सम्पूर्ण मंदिर परिसर बांके बिहारीलाल की जय जयकार से गूंज  उठा। जैसे जैसे दिव्य दर्शन करने का  ठीक 4 बजते ही मंदिर में प्रवेश द्वार के पट खोल दिए गए  और भक्ति का सैलाब मंदिर परिसर में उमड पडा। मंदिर परिसर को विविध प्रकार से सुसज्जित किया गया था। स्वामी हरिदास जी महाराज के लडेते ठाकुर बांके बिहारीलाल को भक्तो ने एकटक निहार कर श्रध्दा की डोर से झुलाया। हर कोई अपने आराध्य को जी भर के निहारता नजर आया। हरे रंग की बेशकीमती पोशाक एवं जेवरात  धारण किए ठाकुर बांके बिहारीलाल के दरबार में मत्था टेकने वालो की होड सी लगी थी। और बांकेबिहारी लाल भी अपने भक्तो को कृतार्थ कर रहे थे। भारी भीड को काबू करने के लिए पुलिस प्रशासन के साथ साथ स्वंय सेवको को भी खासी मशक्कत करनी पड रही थी। एकल प्रवेश व्यवस्था होने से एक द्वार से प्रवेश के उपरांत दूसरे द्वार से भक्तो को लगातार बाहर निकाला जा रहा था ताकि भीड एकत्रित होने पर कोई हादसा घटित न हो सके। पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों सहित मंदिर प्रबंधन द्वारा सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से  लगातार व्यवस्थाओ पर नजर रखी जा रही थी। बिहारी जी मंदिर आने वाले श्रध्दालुओ को निर्धारित संख्या में ही अंदर प्रवेश करने दिया जा रहा था।  जिसके दर्शर्नो के लिए देर रात्रि 12 बजे तक मंदिर में आते रहेंगे।

Related posts

रक्तदान शिविर में 43 यूनिट रक्त देने के साथ 40 लोगों ने भविष्य में ऑन कॉल रक्तदान करने का संकल्प लिया। 

Ajit Sinha

मथुरा : आलू के फसल बर्बाद, कर्ज ना चुकानें की वजह से एक और किसान ने फांसी लगा कर की आत्महत्या।

Ajit Sinha

दूसरी शादी के चक्कर में इकलौते बेटे ने 8 लाख की सुपारी दे कर करवाए 4 कत्ल, दो अरेस्ट

Ajit Sinha
0 0 votes
Article Rating
Subscribe
Notify of
guest
0 Comments
Oldest
Newest Most Voted
Inline Feedbacks
View all comments
error: Content is protected !!
0
Would love your thoughts, please comment.x
()
x