
अजीत सिन्हा की रिपोर्ट
नई दिल्ली:कांग्रेस ने अयोध्या के श्रीराम मंदिर में चढ़ावा चोरी के मामले को लेकर भाजपा-आरएसएस पर हमला बोलते हुए मामले की जांच पर गंभीर सवाल उठाए हैं और कहा है कि निचले स्तर के कुछ कर्मचारियों को बलि का बकरा बनाकर चंपत राय जैसे बड़े लोगों को बचाया जा रहा है।कांग्रेस कार्यालय में पत्रकार वार्ता करते हुए पार्टी प्रवक्ता डॉ. रागिनी नायक बसोया ने मांग की कि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के गठन से पहले मंदिर निर्माण के नाम पर देशभर से जुटाए गए लगभग 1400 करोड़ रुपये के चंदे और सिंधी-वैश्य समाज द्वारा दी गईं सोने-चांदी की ईंटों का पूरा हिसाब जनता के सामने रखा जाए। साथ ही, उन्होंने इस मामले में पार्टी का रुख दोहराया कि ट्रस्ट को तत्काल प्रभाव से भंग कर उसके कामकाज व सभी वित्तीय लेन-देन की जांच सुप्रीम कोर्ट की सीधी निगरानी में कराई जाए। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस मामले पर चुप्पी तोड़ने और देश के सामने जवाब देने को कहा। कांग्रेस नेता ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर भी हमला बोला।
कांग्रेस प्रवक्ता ने सिलसिलेवार ढंग से मोदी सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि अयोध्या में शंकराचार्यों का ट्रस्ट पहले से मौजूद था, जिसने सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद मंदिर निर्माण की जिम्मेदारी लेने की इच्छा जताई थी। लेकिन मोदी सरकार ने उसे दरकिनार कर ‘श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र’ नाम से नया ट्रस्ट बनाया, जिसमें भाजपा-आरएसएस से जुड़े लोगों को शामिल किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि इस नए ट्रस्ट को जानबूझकर सूचना के अधिकार (आरटीआई) के दायरे से बाहर रखा गया। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या इस ट्रस्ट में भाजपा-आरएसएस से जुड़े लोगों की भर्ती इसी मंशा के साथ की गई थी, ताकि बड़ा घोटाला किया जा सके?डॉ. रागिनी नायक ने भाजपा सरकार पर बड़े लोगों को बचाने का आरोप लगाते हुए कहा कि राम मंदिर में 40 दिनों के भीतर 70 बार चोरियां हुईं और दान का पैसा सीसीटीवी कैमरों से बचाकर शौचालयों में छुपाया जा रहा था। उन्होंने कहा कि सीसी टीवी फुटेज का कोई बैकअप नहीं मिला और पिछले पांच वर्षों में हुई चोरियों की कोई समुचित जानकारी भी उपलब्ध नहीं है। उन्होंने ट्रस्ट के महासचिव रहे चंपत राय के खिलाफ कोई एफआईआर दर्ज नहीं किए जाने का मुद्दा भी उठाया और सवाल किया कि क्या सरकारी संरक्षण के बिना यह सब संभव है? उन्होंने चंपत राय के इस्तीफे को महज लीपापोती बताया। कांग्रेस नेता ने सवाल उठाया कि दबाव में आकर उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार ने एसआईटी का गठन किया, लेकिन अब उसकी रिपोर्ट को सार्वजनिक क्यों नहीं किया जा रहा है? आखिर किसे बचाने का प्रयास हो रहा है?
रागिनी नायक ने एक न्यूज चैनल के स्टिंग ऑपरेशन का हवाला देते हुए कहा कि श्रीराम मंदिर ट्रस्ट के गेस्ट हाउस में कुछ मीडियाकर्मी दानकर्ता बनकर पहुंचे थे। वहां प्रद्युम्न नाम के व्यक्ति ने उन लोगों से कहा कि वह चंपत राय का खास है। उक्त व्यक्ति ने उनकी चंपत राय से मुलाकात कराने और सीसीटीवी कैमरों की नजर से बचाकर गुप्त रास्ते से सोना-चांदी दान करवाने की बात कही। उन्होंने आगे बताया कि दानकर्ताओं से यह भी नहीं पूछा जाता है कि वे सोना-चांदी कहां से लाए और उसकी कोई रसीद है या नहीं। दानकर्ताओं से एक ऐसा हलफनामा भी साइन कराया गया, जिसमें लिखा था कि दान देने के बाद ट्रस्ट उसका जैसे चाहे इस्तेमाल करे,उस पर कोई सवाल नहीं उठाया जा सकता। उन्होंने भाजपा-आरएसएस पर करारा हमला करते हुए आगे कहा कि भगवान श्रीराम के नाम के उच्चारण मात्र से संकट दूर हो जाते हैं,ऐसे में उनके मंदिर में इस तरह की धोखाधड़ी करने वाले कितने बड़े अधर्मी हैं। उन्होंने कहा कि वोट चोरी और सीट चोरी के बाद अब चढ़ावा चोरी ने हर भारतीय के मन को छलनी किया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने श्रीराम मंदिर निर्माण का भरपूर श्रेय लिया, लेकिन आज चढ़ावा चोरी पर वे खामोश हैं; जनता की आस्था के साथ हुए इस विश्वासघात की जिम्मेदारी भी उन्हें लेनी होगी।
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