
अरविन्द उत्तम की रिपोर्ट
नोएडा प्राधिकरण और निजी बिल्डरों की लापरवाही अब जानलेवा बन चुकी है? युवराज की मौत के बाद भी प्रशासन की नींद नहीं टूटी है। ताजा मामला थाना सेक्टर-126 क्षेत्र का है, जहां एक खाली पड़े पुराने निर्माण स्थल पर भरे पानी में डूबने से एक और छात्र की जान चली गई। परीक्षा खत्म होने की खुशी चंद मिनटों में मातम में बदल गई। गाजियाबाद के इंदिरा पुरम का रहने वाला हर्षित भट्ट अपने तीन अन्य साथियों के साथ परीक्षा खत्म होने के बाद पिकनिक मनाने सुपरनोवा के पास एक खाली निर्माण स्थल पर गया था। मस्ती के दौरान हर्षित पास में ही भरे गहरे पानी में नहाने के लिए उतरा, लेकिन उसे अंदाजा नहीं था कि यह गड्ढा उसकी जिंदगी का आखिरी पड़ाव साबित होगा। हर्षित को डूबता देख हड़कंप मच गया।

सूचना मिलते ही डायल-112, थाना 126 पुलिस और डीसीपी साद मियां खान खुद मौके पर पहुंचे। स्थानीय गोताखोरों की मदद से हर्षित को बाहर निकाला गया और तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने हर्षित को बचाने उतरे उसके अन्य साथियों को सकुशल रेस्क्यू कर लिया है।

सवाल यह उठता है कि क्या नोएडा प्राधिकरण केवल हादसों का इंतजार करता है? पुराने निर्माण स्थलों पर खुले पड़े ये गहरे गड्ढे मौत का जाल बन चुके हैं। युवराज की मौत के बाद भी आखिर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम क्यों नहीं किए गए? फिलहाल पुलिस मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
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