
अजीत सिन्हा की रिपोर्ट
सिम बॉक्स के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय कॉल को स्थानीय नंबरों में बदलकर इन्वेस्टमेंट/डिजिटल अरेस्ट करके साइबर ठगी करने के मामले में दुबई में काम करने वाली 1 महिला सहित 2 आरोपितों को थाना साइबर अपराध दक्षिण , गुरुग्राम की टीम ने आज मंगलवार को गिरफ्तार किए हैं जिनके नाम तमन्ना और मनोज है। पुलिस टीम ने इनके कब्जे से छापेमारी के दौरान 04 सिम बॉक्स,नेटवर्क व इंटरनेट कनेक्शन डिवाइस की बरामद की गई है। पुलिस टीम ने इस मामले में थाना साइबर अपराध दक्षिण, गुरुग्राम में धारा 318(4), 319 BNS व टेलीकम्युनिकेशन एक्ट के तहत मुकदमा अंकित किया है।
पुलिस प्रवक्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रबंधक, थाना साइबर अपराध दक्षिण, गुरुग्राम के नेतृत्व में पुलिस तकनीकी की सहायता से कार्रवाई करते हुए साइबर ठगी में प्रयोग हुए संदिग्ध मोबाइल नंबर के संबंध में दिनांक 02.04.2026 को एमराल्ड प्लाजा सेक्टर-65,गुरुग्राम में एक ऑफिस में रेड की गई। जहां से 4 सिम बॉक्स, नेटवर्क व इंटरनेट कनेक्शन के संबंध डिवाइस मिले जिनको पुलिस टीम द्वारा कब्जा में लिया गया। बरामद हुए उपरोक्त सिम नंबरों के माध्यम से इन्वेस्टमेंट/डिजिटल अरेस्ट संबंधित फ्रॉड किया जाता था। पुलिस टीम द्वारा उपरोक्त मामले में ऑफिस के डायरेक्टर के खिलाफ कार्रवाई करते हुए थाना साइबर अपराध दक्षिण, गुरुग्राम में धारा 318(4), 319 BNS व टेलीकम्युनिकेशन एक्ट के तहत मुकदमा अंकित किया गया।उनका कहना है कि थाना साइबर दक्षिण गुरुग्राम की पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए उपरोक्त मुकदमा में 1 महिला सहित 2 आरोपितों को आज मंगलवार ,दिनांक 26.05.2026 को गुरुग्राम से गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपितों के नाम मनोज (उम्र-32 वर्ष) निवासी गांव दरियापुर जिला झज्जर (हरियाणा) व तमन्ना (उम्र-25 वर्ष) निवासी ढाणा जिला झज्जर (हरियाणा) है। पुलिस पूछताछ में ज्ञात हुआ कि उपरोक्त आरोपित मनोज का सर्विस स्टेशन है तथा आरोपित तमन्ना दुबई में एक कंपनी में काम करती है। आरोपित तमन्ना को एक विदेशी व्यक्ति दुबई में मिला था जिसके कहने पर आरोपित तमन्ना व मनोज ने सिम बॉक्स खरीद एक ऑफिस Tikal AI कॉल सेंटर नाम से रजिस्टर किया। और वहां पर सिम बॉक्स का सेटअप किया था जिसके बदले आरोपितों को लगभग 07 लाख रुपए मिले थे। उपरोक्त सिम बॉक्स के माध्यम से अंतर्राष्ट्रीय नंबरों को स्थानीय नंबरों में बदल जाता था तथा उसके माध्यम से लोगों के पास कॉल करके इन्वेस्टमेंट के नाम पर तथा डिजिटल अरेस्ट के नाम पर ठगी की जाती थी। जिसके संबंध में साइबर ठगी की अलग-अलग राज्यों में 21 शिकायतें दर्ज हैं। मुकदमा अनुसंधान अधीन है।
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