
अजीत सिन्हा की रिपोर्ट
चण्डीगढ:राज्य चुनाव आयोग हरियाणा द्वारा पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव लड़ने के इच्छुक उम्मीदवारों के लिए निर्देश जारी किए गए हैं। इन निर्देशानुसार यदि पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों के खिलाफ अपराधिक मामले दर्ज एवं लंबित हैं या जिन मामलों में उन्हें पहले दोषी ठहराया गया हैं, उन्हें ऐसे मामलों के बारे में कम से कम एक हिंदी और एक इंग्लिश सहित दो अखबारों में एक घोषणा प्रकाशित करनी होगी। सरकारी प्रवक्ता ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि नगर पालिकाओं के चुनाव लड़ने के इच्छुक उम्मीदवारों को पहले ही ऐसे उम्मीदवारों को खड़ा करने वाले राजनैतिक दलों को निर्देश जारी किए थे, जिनके खिलाफ अपराधिक मामले दर्ज एवं लंबित हैं या जिन मामलों में उन्हें पहले दोषी ठहराया गया है।उन्होंने बताया कि हरियाणा राज्य में अब यह घोषणा प्ररुप 1-क में उम्मीदवारी वापस लेने की अंतिम तारीख के अगले दिन से और मतदान की तारीख से दो दिन पहले तक कम से कम तीन बार प्रकाशित करवाई जानी होगी।

ऐसे सभी उम्मीदवारों को उन अखबारों की कॉपी भी जमा करनी होंगी।प्रवक्ता ने बताया कि उदाहरण स्वरूप अगर नाम वापस लेने की अंतिम तिथि महीने की 10 तारीख है और मतदान की तिथि महीने की 20 तारीख है, तो यह घोषणा महीने की 11 से 18 तारीख तक अलग-अलग तीन तारीखों पर अवश्य पब्लिश की जानी चाहिए। इस समय के दौरान अपराधिक मामले वाले सभी उम्मीदवारों को लोकल टीवी चैनल या केबल नेटवर्क पर यह घोषणा अवश्य प्रकाशित करवानी होगी और यह मतदान खत्म होने के लिए निर्धारित समय से 48 घंटे पहले पूरी की जानी चाहिए।उन्होंने बताया कि राजनैतिक दलों द्वारा खड़े किए गए अपराधिक मामलों वाले उम्मीदवारों के मामले में, चाहे वे मान्यता प्राप्त राजनीतिक दल और पंजीकृत गैर-मान्यता प्राप्त दल हो, ऐसे उम्मीदवारों को घोषणा करनी होगी कि उन्होनें इस बारे अपने सम्बन्धित राजनीतिक दल को भी अवगत करवा दिया है।

मान्यता प्राप्त राजनीतिक दल और पंजीकृत गैर-मान्यता प्राप्त दल, जो ऐसे उम्मीदवारों को खड़ा करती है तो इनके बारे में उन्हें अपनी वेबसाइट के साथ-साथ लोकल टीवी चैनलों या लोकल में उपलब्ध केबल नेटवर्क और एक हिंदी और एक इंग्लिश कम से कम दो अखबारों में जिनका पंचायत समिति, जिला परिषद इलाके में ज्यादा से ज्यादा प्रसार हो। इस बारे में जानकारी देते हुए एक घोषणा प्रारुप ।-3 में प्रकाशित करनी होगी।उन्होंने बताया कि मान्यता प्राप्त राजनीतिक दल और पंजीकृत गैर-मान्यता प्राप्त दल, जो अपराधिक मामले वाले उम्मीदवार खड़े करती हैं, उन्हें संबंधित उपायुक्त-कम-जिला निर्वाचन अधिकारी पंचायत को एक रिपोर्ट देनी होगी जिसमें बताया जाएगा कि उन्होंने इन निर्देशों की जरूरतें पूरी कर ली हैं, और इस बारे में राजनैतिक दलों द्वारा प्रकाशित किए गए घोषणा वाले पेपर की कटिंग भी साथ में लगानी होगी। यह चुनाव खत्म होने के 30 दिनों के अंदर करना होगा। इन निर्देशों का पालन आने वाले समय में होने वाले सभी पंचायत आम/उपचुनावों में चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों को करना होगा।
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