
अजीत सिन्हा की रिपोर्ट
गुरुग्राम पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा-I(EOW-I) ने प्राइवेट लोन दिलाने के नाम पर करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले एक बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा करते हुए आज एक आरोपित को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। आरोपित ने स्वयं को एक सफल व संपन्न फाइनेंसर बता कर पीड़ित का विश्वास जीता और अग्रिम ब्याज के नाम पर मोटी रकम ठग ली। पुलिस प्रवक्ता ने आज जानकारी देते हुए बताया कि दिनांक 27.09.2023 को आर्थिक अपराध शाखा-I, गुरुग्राम द्वारा जांच के उपरांत एक शिकायत थाना सदर, गुरुग्राम में प्राप्त हुई, जिसमें शिकायतकर्ता ने बताया कि वह ओरिएंट क्राफ्ट स्वेटर्स लिमिटेड का मालिक है और गारमेंट्स का व्यवसाय करता है। इसके व्यवसाय में वित्तीय संकट के चलते वह ब्याज पर लोन की तलाश कर रहा था। दिनांक 25.05.2023 को उसे तरुण मनचंदा नामक व्यक्ति का कॉल आया, जिसने स्वयं को हरियाणा के एक फाइनेंसर विक्रम तथा हैदराबाद के फाइनेंसर नितिन गर्ग से जुड़ा बताया।

इसके पश्चात दिनांक 27.05.2023 को नितिन गर्ग, तरुण मनचंदा व विक्रम उसके कार्यालय पहुंचे, जिन्होंने इसे 6% ब्याज दर पर 100 करोड़ रुपये तक का लोन दिलाने का आश्वासन दिया और उससे उसकी बैंक स्टेटमेंट, वायर प्रोजेक्शन आदि दस्तावेज मांगे तो दिनांक 28.05.2023 को उसने नितिन गर्ग को मांगे गए दस्तावेज सौंप दिए, फिर उसे हैदराबाद आकर मीटिंग करने के कहा तो वह दिनांक 31.05.2023 को नितिन व विक्रम के साथ हैदराबाद चला गया, जहां नितिन व विक्रम ने उसकी मुलाकात श्रीनिवास कंडोला से करवाई। जिन्होंने उसको 1 हजार करोड़ रुपये तक के लोन समझौते दिखाकर उसको प्रभावित किया और उसको दो प्रकार के लोन दिलाने का प्रस्ताव रखा। एक लोन 2 करोड़ 50 लाख रुपये का अल्पकालिक लोन व दूसरा 40 करोड़ रुपये का दीर्घकालिक लोन (05–07 वर्ष के लिए, 06% ब्याज दर पर) बताया। आरोपितों ने शर्त रखी कि 40 करोड़ रुपये के लोन के लिए 2 करोड़ 50 लाख रुपये अग्रिम ब्याज के रूप में जमा करने होंगे। राशि का लेन-देन व ठगी

दिनांक 03, 05 एवं 06 जून 2023 को उक्त लोगों ने उसके बैंक खाते में 2 करोड़ 25 लाख 23 हजार रुपये ट्रांसफर कराए गए, जिससे उसका विश्वास और मजबूत हो गया। इसके बाद दिनांक 15.06.2023 को हैदराबाद के एक होटल में मीटिंग के दौरान उसको समझौते के अनुसार 4 करोड़ 70 लाख 23 हजार रुपये RTGS के माध्यम से उपरोक्त व्यक्तियों के बैंक खातों में ट्रांसफर कर दिए। रुपए ट्रांसफर होने के बाद उक्त व्यक्तियों ने यह कहकर मीटिंग स्थल छोड़ दिया कि 15 मिनट में 40 करोड़ रुपये उसके बैंक खाते में आ जाएंगे, लेकिन उसके बाद वो सभी फरार हो गए। इस प्रकार उससे 2 करोड़ 45 लाख रुपये की ठगी की गई। शिकायत की जांच उपरान्त तथ्यों के आधार पर थाना सदर, गुरुग्राम में संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा अंकित किया गया तथा मामले की जांच आर्थिक अपराध शाखा-I, गुरुग्राम को सौंपी गई। उनका कहना है कि गहन तकनीकी जांच एवं पुलिस सूत्रों की सहायता से आर्थिक अपराध शाखा-I, गुरुग्राम की पुलिस टीम ने दिनांक 30 दिसंबर 2025 को कोम्पल्ली, तेलंगाना से वारदात में संलिप्त एक आरोपी को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की। गिरफ्तार आरोपी की पहचान वेनम राजू (उम्र-30 वर्ष, शिक्षा-MBA) निवासी लेजेंड कॉलेज के पास, कोम्पल्ली, जिला मलकानगिरी (तेलंगाना) के रूप में हुई। पुलिस टीम द्वारा आरोपी को न्यायालय, मलकानगिरी में पेश करके 4 दिन के राहदारी रिमांड पर लिया गया। पुलिस पूछताछ में खुलासे: प्रारंभिक पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताया कि यह (आरोपी वेनम राजू) श्रीनिवास के साथ मिलकर फाइनेंस का काम करता है। उसने श्रीनिवास व अन्य साथियों के साथ मिलकर शिकायतकर्ता को पहले अल्पकालिक लोन देकर विश्वास में लिया और बाद में 40 करोड़ रुपये के लोन का लालच देकर अग्रिम ब्याज के नाम पर 2 करोड़ 45 लाख रुपयों की ठगी कर ली। ठगी गई राशि में से 50 लाख रुपये इसके (आरोपी वेनम राजू) बैंक खाते में ट्रांसफर हुए थे, जो उसके हिस्से की राशि थी। राहदारी रिमांड की अवधि पूर्ण होने के पश्चात आरोपी को न्यायालय में पेश करके पुलिस हिरासत रिमांड पर लिया जाएगा। पुलिस हिरासत के दौरान इसके अन्य फरार साथी आरोपियों की पहचान ठगी की गई राशि की बरामदगी संबंधित दस्तावेज व डिजिटल साक्ष्य अन्य संभावित ठगी मामलों की जांच की जाएगी। मुकदमा का अनुसंधान जारी है।
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