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कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में पीएम मोदी और स्मृति ईरानी के बारे में क्या सुनिए इस वीडियो में  

अजीत सिन्हा की रिपोर्ट
नई दिल्ली: कांग्रेस प्रवक्ता एंव महासचिव रणदीप सिंह  सुरजेवाला  ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि इस देश  के करोडों कांग्रेसजनों  और देशवासियों ने एक लंबी लड़ाई लड़कर इस देश को आजादी दिलवाई थी। सैंकड़ों-हजारों  लाखों लोगों ने जेलें काटी, फांसी के फंदे पर लटके, तब जाकर इस देश का तिरंगा हम लाल किले के शहतीर से फहरा पाए। उस समय भी आज के जो सत्ताधारी हैं, उनके पितृ संगठन गोरे अंग्रेज की गोद में बैठ कर देश के स्वतंत्रता संग्राम का विरोध कर रहे थे। देश की आजादी के 73 साल बाद आज फिर उसी ब्रिटिश ईस्टइंडिया कंपनी और वही अंग्रेज जो अब काले अंग्रेजों की शक्ल धारण कर गए हैं, आज फिर उन जैसी सरकार देश की सत्ता में नजरआती है। करोडों-करोड़ों किसान, इस देश  का 62  करोड़ अन्न दाता, इस देश के लाखों किसान दिल्ली की सीमा पर न्याय की गुहार लगा रहे हैं और दिल्ली की गद्दी पर बैठे हुकमरान को उस देश के  किसानों की पीड़ा नजर नहीं आती।मोदी जी, कांग्रेस के स्थापना दिवस पर वो कांग्रेस जो कर्तव्य भी है, समर्पण भी है, देश सेवा भी है और कुर्बानी भी है, वोकांग्रेस जिसने इस देश को आजादी और संविधान दिया था। आज हम आपसे पूछते हैं कि इस देश की सत्ता पर बैठे सत्ताधारी काले अंग्रेजों की शक्ल कैसे ले सकते हैं? इस  देश की सत्ताधारी सरकार ईस्ट इंडिया कंपनी की तरह कंपनी सरकार कैसे बन सकती है? आंखेंखोलिए मोदी जी, इतने निष्ठुर मत बनिए, इतने निर्मम मत बनिए। सरकार का काम निर्दयता नहीं, सरकार का काम जनता की सेवा है। सिखना है तो भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस से सीख लीजिए पर भगवान  के लिए किसानों से सीधी बात करिए। क्यों आप कतरा रहे हैं और किसानों को पीठ दिखा रहे हैं? प्रधानमंत्री जी से आज कांग्रेस के स्थापना दिवस पर  इस देश के करोड़ों देशवासियों और कांग्रेसजनों की ओर से हम कहेंगे – प्रधानमंत्रीजी राजहठ छोडिए, प्रधानमंत्री जी ईस्ट इंडिया कंपनी की तरह का व्यवहार छोड़िए, प्रधानमंत्री जी अंग्रेजों जैसा व्यवहार इस देश कीजनता से करना बंद करिए और इस देश के किसानों से बात करिए। 45 किसान से ज्यादा पिछले 33 दिनों के अंदर अपनी कुर्बानी दे चुके हैं और कितनी कुर्बानियां चाहिएं मोदी जी और कितने  किसान मरेंगे, तब आप जागेंगे ,आपकी आत्मा पसीजेगी ?  और कितनेकिसानों की बलि आपको और चाहिए?इसलिए प्रधानमंत्री से हमारी मांग है किसानों से सीधा वार्तालाप करें और  दूसरी मांग है  कि अपने  मन के दरवाजे खोलें और अपने मनका मैल उतारें और साफ मन से, सच्चे मन  से किसानों से बुलाकर प्रधानमंत्री बात करें और आज 3 काले  कानून ,  वो वार्तालाप शुरु होतेही, तीनों काले कानून खत्म करने का एक निर्णय जो ये देश चाहता है, उसको वो बताएं।

एक प्रश्न पर कि श्री राहुल गांधी आज कांग्रेस के स्थापना दिवस समारोह में नहीं आए, इस पर क्या कहेंगे?  सुरजेवाला ने कहाकि  राहुल गांधी इस समय कांग्रेस के अध्यक्ष नहीं हैं, कांग्रेस की अध्यक्षा श्रीमती सोनिया गांधी हैं।  राहुल गांधी को जो पार्टी जिम्मेवारी देती है,वो उसका निर्वहन  कर रहे  हैं। जहाँ कांग्रेस पार्टी उन्हें जाने को कहती है, एक कार्यकर्ता के तौर पर  राहुल गांधी वहाँजाते हैं। परिवार का अगर कोई सदस्य बीमार  हो,  तो क्या व्यक्ति उसे देखने नहीं जा सकता?  राहुल गांधी एक शॉर्ट पर्सनल विजिटपर अपने परिवार के एक सदस्य को जो गंभीर रुप से बीमार हैं, उनसे मिलने गए हैं। वो ना किसी छुट्टी पर गए हैं और ना कहीं और। औरअपने परिवार की दूसरी सदस्या,जो सबसे बड़ी हैं, उनकी नानी, वो साल के अंत  में  उनसे भी मिलने गए हैं। तो परिवार के सदस्य कीखबर लेना, मुझे नहीं लगता कि अब  उस पर भी भारतीय जनता पार्टी को  एतराज होना चाहिए । पर आज सवाल ये नहीं है कि कौन कहाँ गया है,  आज सवाल ये है कि लाखों किसानों की पीड़ा कौन हरने का प्रयास कर रहा है?  भारतीय जनता पार्टी के मंत्री और देश केप्रधानमंत्री किसानों की सुध क्यों नहीं लेते? विपक्ष को गालियां देने की बजाए, इस देश के संचालन की ओर ध्यान क्यों नहीं देते? विपक्ष पर आरोप-प्रत्यारोप करने की बजाए प्रधानमंत्री और मंत्री 20 किलोमीटर जाकर किसानों से बात क्यों नहीं करते ? प्रधानमंत्री सत्ता की अटालिका पर बैठकर इतने मदहोश क्यों बन बैठे हैं कि प्रधानमंत्री  किसान से बात करने को तैयार नहीं हैं?

 आज मुद्दा इस देशमें केवल एक है ।आज मुद्दा ना कांग्रेस है, ना भाजपा है, ना विपक्षी दल हैं, आज मुद्दा ये है – मोदी जी तीन काले  कानून कब  वापसलेंगे? इतना ही मुद्दा है। एक अन्य  प्रश्न पर कि एक अंतर्राष्ट्रीय शूटर, वर्तिका सिंह ने कैबिनेट मंत्री श्रीमती स्मृति ईरानी पर  एक करोड़  रुपए  की कथित रिश्वत लेने का आरोप लगाया है, क्या कहेंगे? सुरजेवाला ने कहा कि एक मंत्री की यहाँ चर्चा की गई, इस देश की एक जानी-मानी बेटी, उत्तर प्रदेश की एक जानी-मानी बेटी, अंतर्राष्ट्रीय शूटर, वर्तिका सिंह जी ने श्रीमती स्मृति ईरानी पर एक गंभीर इल्जाम लगायाहै।वर्तिका  सिंह जी ने जो मैंने पढ़ा और देखा,आपके  समाचार पत्र और टेलीविजन के माध्यम से एक करोड़ रुपए की रिश्वत का इल्जाम लगाया है और  एक  मुकदमा भी स्मृति ईरानी जी के तथाकथित दो सहयोगियों पर दर्ज करवाया है, एक शायद विजय गुप्ता और एक रजनीश सिंह। अब मुझे बताइए – यूपीए के कार्यकाल में, कांग्रेस पार्टी के कार्यकाल  में अगर ऐसा हो जाता, तो स्मृति ईरानी जी वहाँधरने पर बैठी होती। आज स्मृति ईरानी  जी आप  इस्तीफ़ा देकर निष्पक्ष जांच के लिए  सामने क्यों  नहीं आती? प्रधानमंत्री , स्मृति ईरानीजी  का इस्तीफ़ा  लेकर एक इंडिपेंडेंट  ज्यूडिशियल इंक्वायरी  ऑर्डर क्यों नहीं करते? क्या पैसा लिया गया या नहीं लिया गया, क्यारिश्वत मांगी गई या नहीं मांगी गई। अगर स्मृति ईरानी जी के नाम पर रिश्वत  मांगी किसी ने तो  क्या वो स्मृति ईरानी  जी के  सहयोगी हैं या नहीं  हैं? देश की कैबिनेट मंत्री पर

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