अजीत सिन्हा की रिपोर्ट
नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस की एआरएससी/अपराध शाखा की टीम ने आज एक व्यापारी के स्टाफ का अपहरण कर फिरौती मांगने, मारपीट व जान से मारने की धमकी देने के मामले में 2 उद्घोषित सगे भाइयों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए आरोपित दोनों भाइयों के नाम पुनीत अग्रवाल, उम्र 48 वर्ष, निवासी गुरुग्राम, हरियाणा और विनीत अग्रवाल, उम्र 50 वर्ष, निवासी पीतमपुरा, दिल्ली है। दोनों आरोपित भाइयों को एफआईआर नंबर – 53/2000, धारा 364 ए/365/341/342/323/506/34 आईपीसी, थाना कोतवाली, दिल्ली के तहत वांछित थे और अपनी गिरफ्तारी से बचने के लिए नियमित रूप से अपने ठिकाने बदल रहे थे। परिणाम स्वरूप, न्यायालय द्वारा दोनों अपराधियों को उद्घोषित अपराधी घोषित कर दिया गया।

विशेष पुलिस आयुक्त, अपराध रविंद्र सिंह यादव ने आज जानकारी देते हुए बताया कि दिनांक 29.01.2000, थाना कोतवाली, दिल्ली में सूचना प्राप्त हुई कि एक व्यक्ति श्रीनाथ का किनारी बाजार, चांदनी चौक, दिल्ली से अपहरण कर लिया गया है। दिनांक 30.01.2000, श्रीनाथ अपने दुकान मालिक के साथ थाना कोतवाली, दिल्ली पहुंचे और शिकायत दर्ज कराई कि सुनीत अग्रवाल, पुनीत अग्रवाल और विनीत अग्रवाल ने उसकी दुकान से उसका अपहरण कर लिया और उसे छोड़ने के लिए फिरौती की मांग की। बाद में, आरोपितों ने उसे तुगलक रोड, दिल्ली के पास छोड़ दिया और वहाँ से फरार हो गए। इस सन्दर्भ में एफआईआर नंबर-53/2000, धारा 364 ए/365/341/342/323/506/34 आईपीसी, थाना कोतवाली, दिल्ली दर्ज की गई.पुलिस कार्यवाही के दौरान, आरोपित सुनीत अग्रवाल को उपरोक्त मामले में गिरफ्तार कर लिया गया था। आरोपित पुनीत अग्रवाल अपनी गिरफ़्तारी से बच रहा था और उसे न्यायालय द्वारा दिनांक 22.05.2000 को उद्घोषित अपराधी घोषित कर दिया गया। विनीत अग्रवाल को मामले में औपचारिक रूप से गिरफ्तार किया गया। न्यायालय के समक्ष उपस्थित न होने के कारण अन्य आरोपितों को भी दिनांक 15.10.2004 को उद्घोषित अपराधी घोषित कर दिया गया था।यादव का कहना हैं कि प्रधान सिपाही इंद्रजीत को एक गुप्त सूचना मिली कि एफआईआर नंबर 53/2000,थाना कोतवाली,दिल्ली में 2 उद्घोषित अपराधी पुनीत अग्रवाल और विनीत अग्रवाल गुरुग्राम, हरियाणा और पीतमपुरा, दिल्ली में छुपे हुए हैं। अगर समय में कार्रवाई की जाए तो उन्हें वहाँ से पकड़ा जा सकता है। इस प्रयास में उनके विशिष्ट स्थान का पता लगाया गया। तदनुसार, आरोपितों को पकड़ने के लिए उपायुक्त अमित गोयल द्वारा सहायक आयुक्त अरविन्द कुमार के देख रेख में व निरीक्षक मंगेश त्यागी और निरीक्षक रोबिन त्यागी के नेतृत्व में एक टीम का गठन किया गया। जिसमे उप-निरीक्षक नितिन, सहायक उप-निरीक्षक नीरज, प्रधान सिपाही अनुज,प्रधान सिपाही अभिनव,प्रधान सिपाही नवीन, प्रधान सिपाही इंद्रजीत, प्रधान सिपाही मिंटू और सिपाही रिंकू सिंह शामिल थे। मिली सूचना के अनुसार टीम द्वारा जाल बिछाया गया और आरोपित पुनीत अग्रवाल को सेक्टर- 62, गुरुग्राम, हरियाणा से व विनीत अग्रवाल को पीतमपुरा, दिल्ली से गिरफ्तार किया गया। लगातार पूछताछ के दौरान उन्होंने थाना कोतवाली, दिल्ली मामले में अपनी संलिप्तता स्वीकार की। उनका कहना है कि पूछताछ के दौरान, आरोपितों ने खुलासा किया कि आसानी से पैसा कमाने के लिए उन्होंने थाना कोतवाली के क्षेत्र में दुकान मालिक को लूटने की योजना बनाई। योजना को अंजाम देने के लिए आरोपितों ने उस दुकान के एक कर्मचारी का अपहरण कर दुकान मालिक से ₹ 50,000/- की मांग की।आरोपितों ने आगे खुलासा किया कि अपराध करने के बाद वे 10 वर्ष तक मुंबई में छिपे थे और इस अवधि के दौरान उन्होंने किसी व्यक्ति से संपर्क नहीं किया। जब आरोपितों को यह सुनिश्चित हो गया की वे पुलिस की पहुच से बाहर हैं तो वे दिल्ली/एनसीआर क्षेत्र में वापस लौट आए। अपनी गिरफ्तारी से बचने के लिए वे लगातार अपना ठिकाना बदल रहे थे।
आरोपित व्यक्तियों की प्रोफाइल:
1. आरोपित विनीत अग्रवाल, उम्र 50 वर्ष, निवासी पीतमपुरा, दिल्ली स्नातक है व बवाना औद्योगिक क्षेत्र, दिल्ली में प्लास्टिक समान का व्यापार कर रहा है। आसानी से पैसा कमाने के लिए वह अपने भाई और अन्य सहयोगी के साथ थाना कोतवाली, दिल्ली अपहरण मामले में संलिप्त हो गया।
2. आरोपित पुनीत अग्रवाल, उम्र 48 वर्ष, निवासी गुरुग्राम, हरियाणा स्नातक है। वह खारी बावली ड्राई फ्रूट मार्केट में व्यापारी के रूप में काम करता है। आसानी से पैसा कमाने के लिए वह थाना कोतवाली, दिल्ली अपहरण मामले में संलिप्त हो गया |
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