
अजीत सिन्हा की रिपोर्ट
चंडीगढ़:हरियाणा सरकार ने वित्तीय घोटाले के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए एचपीजीसीएल (हरियाणा पावर जनरेशन कॉरपोरेशन लिमिटेड) के वित्त निदेशक अमित दीवान को बर्खास्त कर दिया है। उन्हें हरियाणा राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो द्वारा 18 मार्च को गिरफ्तार कर लिया गया था जिसके बाद से वे सस्पेंड चल रहे थे। सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि आईडीएफसी फर्स्ट बैंक तथा एयू स्मॉल फाइनेंस बैंकों के खातों के संचालन में अनियमितता तथा धोखाधड़ी के मामले में सरकार के आदेश पर हरियाणा राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो द्वारा एफआईआर दर्ज करवाते हुए इस मामले की जांच शुरू की गई थी।

इस मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (संशोधित 2018) तथा भारतीय न्याय संहिता,2023 की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज किया गया था। जांच में सरकारी धन के दुरुपयोग , आपराधिक साजिश और धोखाधड़ी जैसे गंभीर आरोप सामने आए हैं। जांच में खुलासा हुआ है कि यह मामला एक सुनियोजित और बहु-स्तरीय वित्तीय घोटाले से जुड़ा है, जिसमें सरकारी प्रक्रियाओं में हेरफेर कर फर्जी बैंकिंग लेन-देन के माध्यम से सरकारी धन को आरोपी एवं उनके सहयोगियों से जुड़ी संस्थाओं और खातों में स्थानांतरित किया गया। इस मामले की जांच में यह स्पष्ट हुआ कि अमित दीवन ने अपने आधिकारिक पद का दुरुपयोग करते हुए आरोपित व्यक्तियों एवं बैंक अधिकारियों के साथ संबंध स्थापित किए और एचपीजीसीएल के हितों से समझौता कर अनुचित लाभ प्राप्त किया। अतः उक्त दोषी अधिकारी का आचरण पावर यूटिलिटीज के हितों के प्रतिकूल पाया गया है। इसके मद्देनजर सरकार द्वारा अमित दीवान को सरकारी सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। प्रवक्ता ने बताया कि बैंक खातों के संचालन में अनियमितता तथा धोखाधड़ी के इस मामले की जांच अब हरियाणा सरकार द्वारा सीबीआई को सौंप दी गई है।
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