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गुडगाँव

कानूनी राय लेने की प्रक्रिया हुई स्पष्ट, डीएचबीवीएन ने जारी किए नए निर्देश – विक्रम सिंह

अजीत सिन्हा की रिपोर्ट 
गुरुग्राम:प्रबंध निदेशक विक्रम सिंह के निर्देशानुसार डीएचबीवीएन ने कानूनी राय (लीगल ओपिनियन) प्राप्त करने की प्रक्रिया में एकरूपता, पारदर्शिता एवं समयबद्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से सेल्स इंस्ट्रक्शन नंबर- 02/2026 जारी किए हैं। ये निर्देश डीएचबीवीएन के मुख्य अभियंता वाणिज्यिक द्वारा निगम के सभी क्षेत्रीय अधिकारियों के लिए लागू किए गए हैं। इन निर्देशों में स्पष्ट किया गया है कि निगम के विरुद्ध किसी भी न्यायालय, अधिकरण, आयोग अथवा उपभोक्ता फोरम द्वारा पारित आदेशों के मामलों में समयबद्ध रूप से कानूनी राय अथवा प्रशासनिक स्पष्टीकरण लेना अनिवार्य होगा। ऐसे मामलों में अनुपालन, अपील अथवा पुनर्विचार से संबंधित कार्रवाई में देरी होने पर संबंधित स्तर पर जिम्मेदारी तय की जाएगी।

निगम प्रवक्ता ने बताया कि वित्तीय दायित्व से जुड़े मामलों में कानूनी राय लेने के लिए स्वीकृति की स्पष्ट सीमा भी निर्धारित की गई है। पांच लाख रुपये तक के मामलों में संबंधित कार्यकारी अभियंता, दस लाख रुपये तक अधीक्षण अभियंता, पच्चीस लाख रुपये तक मुख्य अभियंता, पचास लाख रुपये तक निदेशक तथा इससे अधिक राशि के मामलों में प्रबंध निदेशक, डीएचबीवीएन की स्वीकृति अनिवार्य होगी।इसके अतिरिक्त, नीतिगत मामलों, विधिक व्याख्या, अनुबंध संबंधी विषयों तथा उच्च वित्तीय या प्रतिष्ठात्मक प्रभाव वाले मामलों में प्रबंध निदेशक की पूर्व स्वीकृति के बाद ही कानूनी राय ली जा सकेगी। निगम प्रबंधन ने यह भी स्पष्ट किया है कि सामान्य एवं नियमित प्रकृति के मामलों को अनावश्यक रूप से कानूनी राय हेतु उच्च स्तर पर न भेजा जाए। डीएचबीवीएन प्रबंधन ने सभी अधिकारियों को इन निर्देशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के आदेश दिए हैं, ताकि मामलों का त्वरित निपटारा हो सके और अनावश्यक विलंब से बचा जा सके।

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