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नई दिल्ली: राहुल गांधी ने आज आयोजित प्रेस कांफ्रेंस क्या कहा, आइए सुनते हैं उन्हीं के जुबानी इस वीडियो में

अजीत सिन्हा / नई दिल्ली
रणदीप सिंह सुरजेवाला ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार की जवाबदेही को लेकर आज एक बहुत बड़ा निर्णय आया है और वो निर्णय उस सच्चाई पर मोहर लगाता है, जो कांग्रेस और राहुल गांधी जी कहते रहे हैं। आज उसे लेकर एक विशेष पत्रकार वार्ता को संबोधित करने के लिए राहुल गांधी हमारे बीच हैं। मैं उन्हें आग्रह करुंगा कि वे अपनी बात आपको कहेंगे।

Rahul Gandhi said- During the last Parliament session, we had raised this issue of Pegasus, because we felt that it was an attack on the democratic structure, on the foundations of our nation and we had jointly blocked Parliament. So, today the Supreme Court has given its opinion and basically supported what we were saying.

What we were saying- we were asking three basic questions:-

Who authorized Pegasus, which agency, which person authorized Pegasus? As we all know, Pegasus cannot be bought by a private individual. It has to be bought by a government; it is a weapon, so our first question was who authorized Pegasus?

Our second question was who are the victims of Pegasus? Who is it used against? Because there is a list of people including politicians, opposition leaders, BJP members, Supreme Court people, so there is a Chief Justice of India, there is a list of people, so we asked who were these people that have been attacked and the final thing, was and I think, this is a very important thing- Did any other country have access to information of our people, were they privy, was this data kept with them and we didn’t get any answer. In fact, no reply was given to us.

Pegasus is an attempt to crush Indian democracy. It is an attempt to make sure that the vibrancy of the democracy, the conversation that take place in a democracy are crushed and people are controlled. So, it is a big step that the Supreme Court has said that they are going to look into this matter. I am confident that we will get the truth out of this.

राहुल गांधी ने कहा कि पार्लियामेंट के सेशन में हमने पेगासस का मुद्दा उठाया था। पेगासस देश पर, देश के इंस्टिट्यूशन्स पर एक आक्रमण है, अटैक है और हमने तीन सवाल पूछे थे।

पहला, पेगासस को किसने खरीदा? क्योंकि पेगासस को कोई प्राइवेट पार्टी अथवा इंडिविजुअल नहीं खरीद सकता है। पेगासस को सरकार ही खरीद सकती है। यह एक हथियार है और हमने पूछा था सरकार में ऑथराइजेशन किसने दी, साइन ऑफ किसने किया?

दूसरा, हमारा सवाल था कि पेगासस किन-किन लोगों पर इस्तेमाल किया गया था? किन लोगों की टेपिंग की गई थी, किनके फोन इन्फैक्ट किए गए थे, क्योंकि एक लिस्ट है, जिसमें चीफ जस्टिस का नाम है, सीईसी (CEC) का नाम है, अपोजिशन के नेताओं के नाम हैं, बीजेपी के मंत्रियों के नाम, एमपीज का नाम है, बहुत सारे एक्टिविस्ट्स के नाम हैं? हमने पूछा था ये किन लोगों पर यूटिलाइज किया था।

आखिरी सवाल, जो बहुत जरुरी सवाल है – क्या पेगासस का डेटा किसी और देश के पास भी था या सिर्फ हिंदुस्तान की सरकार के पास?

जवाब नहीं मिला, हमने पार्लियामेंट रोका। ज्वाइंटली विपक्ष मिलकर एक साथ खड़ा हुआ और हमने पार्लियामेंट को रोका। उस समय आपने भी कहा कि देखिए सरकार पार्लियामेंट चला रही है, कांग्रेस पार्टी और विपक्ष क्यों रोक रहे हैं? हमने इसलिए रोका, क्योंकि ये हमारे देश पर आक्रमण है, हमारे लोकतंत्र पर आक्रमण है और हमारी जो वाइब्रेंट डेमोक्रेसी है, उसको नष्ट करने का अटेंप्ट है।

On a question that what will be your next step, Shri Rahul Gandhi said- Well, of course, this is now going to be looked at by the court, but, as I said, central institutions of this country were attacked by Pegasus. We all know that, that’s not the only attack that is taking place, many different ways in which the idea of India is being attacked. Pegasus is, of course, a particularly nasty and subversive way of doing it. It is a way basically to control the politics of the country, to frighten people, to blackmail them into not doing what they are supposed to do. Not allowing the democratic process to work.

For us, we are quite happy that the Supreme Court has accepted to look into this. There is the institution of Parliament, where we will raise this again and we will try to have a debate in Parliament and I am pretty sure the BJP would not like that debate so they will make sure that the debate is stalled, but, we will try to hold that debate and then we will tell the people of India that the idea of India is being attacked.

एक अन्य प्रश्न पर कि कहा गथा था कि इस पर जेपीसी भी होनी चाहिए? राहुल गांधी ने कहा कि But, now it is in the court, कोर्ट का मैटर है, तो वो इंक्वायरी हो रही है। लेकिन हम चाहेंगे कि पार्लियामेंट में इसका डिस्कशन हो। देखिए, ये जो पेगासस है, इसे, या तो प्राइम मिनिस्टर ने ऑर्डर किया या फिर होम मिनिस्टर ने ऑर्डर किया। ये कोई दूसरा व्यक्ति ऑर्डर नहीं कर सकता है और अगर प्रधानमंत्री ने हमारे ही देश पर किसी और देश से मिलकर आक्रमण किया है, तो फिर इस पर प्रधानमंत्री का भी रुख हम सुनना चाहते हैं। क्या उन्होंने किया है, और अगर किया है, तो क्यों किया है? क्योंकि, अगर हम लीगली देखें तो Pegasus is illegal. It is not legal in India to do snooping using Pegasus. So, we would like to know, why the Prime Minister is doing an illegal act. He is not above the nation. He is not above the institutions. Was this information that was coming, जो इस पेगासस से जो डेटा मिल रहा था, इसमें चीफ मिनिस्टर्स थे, फॉर्मर प्राइम मिनिस्टर थे, क्या ये जो डेटा आ रहा था, ये क्या प्रधानमंत्री को मिल रहा था? ये क्या होम मिनिस्टर को दिया जा रहा था? ये हम जानना चाहते हैं, क्योंकि अगर इलेक्शन कमीशन का जो फोन है, जो टैप हो रहा है, अगर उसका डेटा प्रधानमंत्री को जा रहा है, अगर सीईसी का डेटा, अपोजिशन लीडर्स का डेटा प्रधानमंत्री को जाए,This is a criminal act. There is no other way of putting this, so we will follow that also.

On another question that do you think justice will come out, Shri Gandhi said- Look, the court is going to look into this matter and I am no one to comment on the actions of the Supreme Court and what they chose to do. I hope, they will do their job and provide justice. But, this is a deeper problem. As I said, if the Prime Minister of India was privy to this information, and it is one thing, if you are using Pegasus to find out about terrorism, you are using Pegasus to find out about national security, that’s a different issue. There are questions even about that, but, that’s a different issue, but, if the Prime Minister is using this as a personal tool, meaning, if the data is arriving on the Prime Minister’s desk then that’s totally criminal. And we will follow that up; we will make sure that is followed up. Governments have been dropped. In Karnataka, the Government was dropped using Pegasus.

एक अन्य प्रश्न पर कि आज सुप्रीम कोर्ट द्वारा कमेटी के गठन के बाद आपकी जो मांग थी पेगासस को लेकर, आपको लगता है कि उसको और बल मिला है और सरकार के ऊपर दबाव बढ़ेगा, दूसरा जो कमेटी की रिपोर्ट आएगी, उसके आधार पर जो अंतिम फैसला होगा, तो क्या उसको आप मानेंगे? श्री राहुल गांधी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का फैसला है, तो मानेंगे क्यों नहीं, पर ये जो हमारे तीन-चार सवाल हैं, इनका जवाब चाहिए। हमें जवाब चाहिए, ये ऑर्डर किसने किया? इसका डेटा किसको दिया जा रहा था और किस बेसिस पर ये ऑर्डर किया गया था? लेकिन, जरुर यह एक अच्छा स्टेप है।

On another question about Supreme Court’s judgment on Pegasus, Shri Gandhi said- This issue is the opposite, right! This is an issue, where the Government of India is attacking the national security of the county. Our data, Indian data, data especially of senior people being handed to a foreign country is an attack on the national security of this country, so, if it is true that this data is held outside India, data of our Chief Election Commissioner, our opposition leaders, our Chief Ministers is held outside India, then the GOI has attacked India itself. So, there is no question of hiding behind national security. This is national security. They are attacking national security.

एक अन्य प्रश्न पर कि सुप्रीम कोर्ट की तरफ से कहा गया है कि हमने पेगासस को लेकर सरकार को कई मौके दिए जवाब दाखिल करने के, लेकिन सरकार ने कोई जवाब नहीं दिया, इसको आप कैसे देखेंगे, दूसरा अगर ये कमेटी आपको भी अप्रोच करना चाहे, तो क्या आप सहयोग करेंगे? श्री राहुल गांधी ने कहा कि That, of course, I mean अगर अप्रोच करेंगें, क्यों नहीं कॉपरेट करेंगे, पर सरकार जवाब नहीं दे सकती। Because the truth is, it is an illegal action and only two people can have done that action, third person cannot have done that action. Mr. Gadkari cannot have taken this decision. Some other ministers could not have taken it. The Prime Minister or the Home Minister has authorized this. My guess is, they will not get an answer. I mean, very difficult for the government to answer these questions.

एक अन्य प्रश्न पर कि सुप्रीम कोर्ट ने बार-बार कहा कि केवल राष्ट्रीय सुरक्षा के नाम पर सरकार को खुली छूट नहीं दी जा सकती, उन्होंने सरकार को डिटेल्ड रिपोर्ट देने के लिए कहा, पर आखिर क्यों सरकार डिटेल्ड रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट में नहीं देना चाहती है? श्री राहुल गांधी ने कहा कि मैंने अभी बोला कि इसका एक ही कारण हो सकता है कि सरकार ने कुछ ना कुछ इलीगल काम किया है। प्रधानमंत्री ने या होम मिनिस्टर ने कुछ ना कुछ इलीगल काम किया है, इसका यही मतलब है। नहीं तो बिल्कुल क्लेरिटी, क्लीयरली आसानी से दे देना चाहिए था कि हां, हमने या तो किया या नहीं किया और अगर किया, तो इसलिए किया। अगर वो जवाब नहीं दे पा रहे हैं, तो इसका कारण ये है कि कुछ ना कुछ छुपाया जा रहा है।

एक अन्य प्रश्न पर कि जिस तरह से ये पॉलिटिकल मैटर भी है, आपको नहीं लगता कि इसमें ज्वाइंट पार्लियामेंट्री कमेटी की पैरलल जांच भी होनी चाहिए? श्री राहुल गांधी ने कहा कि I think, now It is in the hands of the Supreme Court, so, we have to respect that. If, the Supreme Court is looking into it, and then we say- okay, now, also we are going to look into it, I don’t think, that would be an appropriate response. I think, now it is in the highest court in the country, let’s see, what they do, also political bigwigs that is not the point. Here, हिंदुस्तान के जो इंस्टीट्यूशनल स्ट्रक्चर हैं, उसमें इलेक्शन कमीशन है, उसमें पार्लियामेंट है, उसमें चीफ मिनिस्टर्स हैं। ये जो हमारा लोकतांत्रिक ढांचा है, इस पर ये आक्रमण है। So, this is not just a political matter, this is an existential matter for the country. ये जो आपको एक प्रकार से म्यूटेड अपोजिशन दिख रही है, इसका ये कारण है।

ये लोकतांत्रिक ढांचे पर आक्रमण है और ये एक दो लोगों ने मास्टर माइंड किया है और ये हिंदुस्तान का 1947 से जो हमारा आईडिया है, ‘आईडिया ऑफ इंडिया’ कि ये देश डेमोक्रेटिक, लोकतांत्रिक देश होगा, जिसमें हमारे सिटीजन्स को प्रोटेक्शन मिलेगी, जिसमें हमारे मीडिया को प्रोटेक्शन मिलेगी, जिसमें हमारे सब लोगों को, मतलब जिसमें प्राइवेसी मिलेगी, उस पर ये आक्रमण है और ये उस आक्रमण का एक तरीका है। अलग-अलग तरीके भी हैं, जिस प्रकार से ईडी को यूज किया जा रहा है, जिस प्रकार से सीबीआई को यूज किया जा रहा है, जिस प्रकार से पार्लियामेंट में डिस्कशन अलाउ नहीं की जा रही है। ये सब अलग-अलग तरीके हैं, जो हिंदुस्तान का जो आईडिया है, उसको नष्ट करने का, उसको खत्म करने का।

On another question that you are saying that you will raise this issue in the Parliament with other opposition parties, do you think other opposition parties will come with you, Shri Gandhi said- Of course! Of course! Yes!

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