
अजीत सिन्हा की रिपोर्ट
चंडीगढ़: भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर 1947 के विभाजन में प्राण गंवाने वाले लाखों लोगों तथा विस्थापित परिवारों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि विभाजन केवल देश की सीमाओं का बंटवारा नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों के जीवन, परिवार, सपनों और अस्तित्व की त्रासदी थी। इतिहास को याद करने का उद्देश्य आने वाली पीढ़ी को राष्ट्र की एकता और अखंडता के प्रति जागरूक करना है। उन्होंने कहा, “जिन्होंने आजादी का सपना देखा, उन्हें अपनी कुर्बानी देनी पड़ी; जिन्होंने सत्ता का सपना देखा, उन्हें सत्ता मिली।” लाखों परिवारों ने घर, संपत्ति और अपनों को खोया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस मनाने का निर्णय इस पीड़ा और इतिहास को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण प्रयास है।

नितिन नवीन ने कहा कि भाजपा की संस्कृति सनातनी—जोड़ने, सेवा, समरसता और राष्ट्र को सर्वोपरि रखने वाली है, जबकि कांग्रेस की संस्कृति विदेशी सोच से प्रभावित और विभाजनकारी रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने कभी देश को बांटा और आज भी समाज को बांटने की राजनीति करती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में अनुच्छेद 370 समाप्त कर जम्मू-कश्मीर को मुख्यधारा से जोड़ने जैसे ऐतिहासिक कार्य हुए हैं और भारत “विकास भी, विरासत भी” के संकल्प के साथ 2047 के विकसित भारत की ओर बढ़ रहा है।

केंद्रीय मंत्री एवं हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि विभाजन की पीड़ा आज भी लोगों के दिल-दिमाग में जीवित है। यह मानव इतिहास की सबसे बड़ी त्रासदियों और विस्थापनों में से एक थी। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी, विशेषकर Gen Z, को इस इतिहास और राष्ट्रीय विचार से जोड़ना आवश्यक है। उन्होंने मांग की कि विभाजन विभीषिका को स्कूली पाठ्यक्रम में शामिल किया जाए, ताकि देश की युवा पीढ़ी इस त्रासदी से सीख सके।

हरियाणा भाजपा की प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता ने कहा कि विभाजन ने अखंड भारत के तीन टुकड़े कर दिए और सबसे अधिक पीड़ा माताओं-बहनों ने झेली। सरकारी आंकड़ों के अनुसार करीब 87 हजार बेटियां अपने घर वापस नहीं पहुंच सकीं। उन्होंने कहा कि विभाजन केवल जमीन का बंटवारा नहीं था, बल्कि हमारी स्मृतियों, भावनाओं और विरासत का भी बंटवारा था। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की राजनीति विदेशी सोच से प्रभावित रही, जबकि भाजपा की संस्कृति सनातन परंपरा, राष्ट्रवाद, सेवा और सामाजिक समरसता पर आधारित है। भाजपा का संकल्प भारत को जोड़ना और मजबूत करना है।

नितिन नवीन ने युवाओं से आह्वान किया कि वे विभाजन के इतिहास को जानें,अपनी संस्कृति और विरासत पर गर्व करें तथा 2047 के विकसित भारत के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएं। उन्होंने कहा कि विभाजन की पीड़ा को याद करना किसी के प्रति नफरत के लिए नहीं, बल्कि यह संकल्प लेने के लिए है कि भारत फिर कभी विभाजित न हो। कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह, स्वामी धर्मदेव जी, भाजपा संसदीय बोर्ड की सदस्य डॉ सुधा यादव, राष्ट्रीय सचिव ओम प्रकाश धनखड़, विभाजन विभीषिका स्मृति न्यास के राष्ट्रीय अध्यक्ष रमेश जुनेजा सहित पार्टी के राष्ट्रीय पदाधिकारी, सांसद, विधायक, प्रदेश नेतृत्व एवं बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
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