
अजीत सिन्हा की रिपोर्ट
नई दिल्ली:केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो ने एक लंबे समय से फरार चल रहे आरोपी मनोज कुमार सिन्हा को गिरफ्तार किया है। वह वर्ष 2012 में सीबीआई द्वारा प्राथमिकी दर्ज किए जाने के बाद से ही फरार था और कभी भी जांच में शामिल नहीं हुआ।सीबीआई ने यह मामला दिनांक 16 अप्रैल, 2012 को बीएसएनएल की शिकायत पर शिलांग स्थित एसबीआई मुख्य शाखा, शिलांग के अज्ञात अधिकारियों, बीएसएनएल शिलांग के अज्ञात अधिकारियों तथा अन्य अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ दर्ज किया था। आरोप था कि शिलांग के एम.जी. रोड स्थित एसबीआई शाखा में संचालित बीएसएनएल के खाते से 60.86 लाख रुपये अवैध रूप से निकाले गए थे।

जाँच पूरी होने के उपरांत, सीबीआई ने दिनांक 23 दिसंबर, 2013 को आरोपी संजीव कुमार राय के खिलाफ माननीय मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, शिलांग के न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया था। तत्पश्चात आगे की जांच में, दिनांक 22 जुलाई, 2021 को फरार आरोपी मनोज सिन्हा और अन्य के खिलाफ न्यायालय में एक पूरक आरोप पत्र दाखिल किया गया। चूंकि, आरोपी मनोज कुमार सिन्हा जांच में शामिल नहीं हुआ था, इसलिए उसके खिलाफ ‘भगोड़े’ के रूप में आरोप पत्र दाखिल किया गया था। न्यायालय ने उसके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट भी जारी किया था, लेकिन तब उसका पता नहीं चल सका था/पकड़ा नहीं जा सका।क्षेत्रीय सत्यापन, तकनीकी और भौतिक निगरानी, कॉल डिटेल रिकॉर्ड के गहन विश्लेषण और ओपन सोर्स इंटेलिजेंस से मिले इनपुट के आधार पर, भगोड़ा मनोज कुमार सिन्हा उर्फ मनोज सिन्हा को पटना (बिहार) में उसके नए पते पर खोज निकाला गया और सीबीआई की टीम ने दिनांक 28 अप्रैल, 2026 को उसे गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपी को पटना के क्षेत्राधिकार न्यायालय से ट्रांजिट वारंट प्राप्त करने के बाद, शिलांग के विशेष न्यायाधीश के न्यायालय में पेश करने के लिए पटना से शिलांग लाया जाएगा।
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