अजीत सिन्हा की रिपोर्ट
नई दिल्ली:लोकसभा चुनाव में इंडिया गठबंधन की जीत को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने जनता और लोकतंत्र की जीत बताया है। उन्होंने कहा कि जनता ने किसी एक दल (खासकर सत्ता पक्ष) को स्पष्ट बहुमत नहीं दिया है। भाजपा ने एक व्यक्ति और एक चेहरे पर वोट मांगा था, लेकिन अब स्पष्ट है कि जनादेश नरेंद्र मोदी के खिलाफ गया है। ये उनकी नैतिक और राजनीतिक रूप से बहुत बड़ी हार है। यह बातें कांग्रेस अध्यक्ष ने लोकसभा चुनाव के नतीजों के बाद कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में कहीं। इस दौरान कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी, कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी के अलावा जयराम रमेश, मुकुल वासनिक और अविनाश पांडे भी मौजूद थे। खरगे ने कहा कि नैतिक दृष्टि से नरेंद्र मोदी को बहुत बड़ा नुकसान हुआ है। कांग्रेस पार्टी और इंडिया गठबंधन ने प्रतिकूल माहौल में चुनाव लड़ा। इंडिया गठबंधन ने जनता से जुड़े मुद्दों पर चुनाव लड़ा। इन मुद्दों से जनता ने हमारा समर्थन किया।

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि नरेंद्र मोदी ने जिस तरह का प्रचार किया, वह इतिहास में याद रखा जाएगा। कांग्रेस के घोषणा पत्र के बारे में नरेंद्र मोदी ने जो झूठ फैलाया, उसे जनता ने समझ लिया। राहुल गांधी अपनी दोनों यात्राओं के दौरान लाखों लोगों से मिले और उनकी समस्याओं को सुनना और उसका हल ढूंढना ही कांग्रेस के चुनाव प्रचार का आधार बना।उन्होंने कहा, महत्वपूर्ण बात है कि भाजपा ने गैर-कानूनी तरीके से संवैधानिक संस्थाओं पर कब्ज़ा करने की कोशिश की। फिर इन संस्थाओं का इस्तेमाल विपक्षी दलों के खिलाफ किया। जो दबाव में आए, वो भाजपा के साथ चले गए और जो नहीं दबे, उनकी पार्टी तोड़ दी गई या फिर उन्हें जेल में डाल दिया गया।खरगे ने कहा, लोगों को विश्वास हो गया था कि यदि भाजपा को एक मौका और मिला तो अगला हमला संविधान व लोकतंत्र पर होगा। खुशी इस बात की है कि अब भाजपा इस षडयंत्र में सफल नहीं हो पाएगी। कांग्रेस अध्यक्ष ने आगे कहा, लड़ाई अभी अंजाम तक नहीं पहुंची है। हम सभी को आने वाले दिनों में जनता के अधिकारों, देश की सुरक्षा, संविधान और लोकतंत्र के बचाव के लिए लड़ना होगा। इस दौरान खरगे ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं और इंडिया गठबंधन के सभी दलों को भी धन्यवाद दिया। वहीं कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि ये चुनाव इंडिया गठबंधन और कांग्रेस पार्टी ने सिर्फ एक राजनीतिक दल के खिलाफ नहीं लड़ा। ये चुनाव हमने भाजपा, ईडी, सीबीआई जैसी संस्थानों के खिलाफ लड़ा है, क्योंकि इन सभी संस्थानों को नरेंद्र मोदी और अमित शाह ने डराया-धमकाया है। राहुल गांधी ने कहा कि ये लड़ाई संविधान को बचाने की थी। जब मोदी सरकार ने कांग्रेस के बैंक खाते बंद किए, मुख्यमंत्रियों को जेल में डाला, पार्टियां तोड़ीं तो मुझे लगा था कि हिंदुस्तान की जनता अपने संविधान के लिए एकजुट होकर लड़ जाएगी। ये बात सच साबित हुई।कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने कहा कि इंडिया गठबंधन के इस चुनावी परिणाम के पीछे संविधान, आरक्षण और गरीबी जैसे मुद्दे रहे हैं। जनता नरेंद्र मोदी और अडानी को एक समझने लगी है। शेयर बाजार कहता है कि अगर नरेंद्र मोदी सरकार में नहीं रहे तो अडानी भी चले जाएंगे। इन दोनों के बीच में भ्रष्टाचार का सीधा नाता है।चुनाव परिणामों का हवाला देते हुए राहुल गांधी ने कहा कि हिंदुस्तान ने नरेंद्र मोदी को साफ कह दिया है कि हम आपको सरकार में नहीं चाहते हैं। हमारे संविधान को देश के गरीबों ने बचाया है, इसलिए मैं उनसे कहना चाहता हूं कि कांग्रेस आपके साथ खड़ी है। हम आपसे किए अपने सारे वादे पूरे करेंगे। इस दौरान कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने अपनी जीत पर रायबरेली और वायनाड के मतदाताओं का भी धन्यवाद किया।
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