
अजीत सिन्हा की रिपोर्ट
चंडीगढ़: भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई करते हुए हरियाणा राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने पानीपत और कैथल में दो अलग-अलग मामलों में कार्रवाई की है। पानीपत में खुद को पुलिस अधिकारी बताकर शिकायत का निपटारा कराने के बदले रिश्वत मांगने के आरोप में एक निजी व्यक्ति को 10,000 रुपये लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया है। वहीं, कैथल के राजौंद में लगभग 40 लाख रुपये के भवन और गली निर्माण कार्यों के टेंडर आवंटित करवाने के बदले रिश्वत लेने के मामले में नगर परिषद कैथल के एक संविदा कर्मचारी को 18,000 रुपये लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा गया है।

शिकायतकर्ता की शिकायत के अनुसार, आरोपित दीपक पुत्र सतपाल सिंह, निवासी मकान नंबर 635, हनुमान कॉलोनी, कुटानी रोड, पानीपत ने खुद को पुलिस अधिकारी बताकर उससे 10,000 रुपये की रिश्वत मांगी थी। आरोप है कि यह राशि पुलिस चौकी किशनपुरा, थाना सेक्टर-29, पानीपत में उसके खिलाफ लंबित शिकायत का निपटारा कराने के बदले मांगी गई थी।

शिकायत पर कार्रवाई करते हुए एसीबी करनाल की टीम ने ट्रैप लगाया। कार्रवाई के दौरान आरोपित दीपक को पुलिस चौकी किशनपुरा, पानीपत के पास 10,000 रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया गया। रिश्वत की पूरी राशि मौके से बरामद की गई। कार्रवाई राजपत्रित अधिकारी और छाया गवाह की मौजूदगी में की गई। आरोपित के खिलाफ मुकदमा संख्या 28, दिनांक 21 अक्टूबर 2026, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 के तहत थाना राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, करनाल में मामला दर्ज किया गया है। यह ट्रैप कार्रवाई एसीबी करनाल यूनिट के नेतृत्व में की गई। मौके पर राजपत्रित अधिकारी के रूप में श्री सत्यवीर, जिला खेल अधिकारी, करनाल मौजूद रहे। आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और मामले में आगे की जांच जारी है।
जिला कैथल से संबंधित मामले में आरोप है कि लगभग 40 लाख रुपये के भवन निर्माण और गली निर्माण कार्यों के टेंडर आवंटित करवाने के बदले राजौंद नगर पालिका के एमई वरुण शर्मा ने 18,000 रुपये रिश्वत की मांग की गई थी। आरोप के अनुसार, यह राशि कुल कार्यों की लागत के एक प्रतिशत के हिसाब से मांगी गई थी। इस मामले में राजौंद नगर पालिका के एमई वरुण शर्मा तथा नगर परिषद कैथल में संविदा नीति के तहत कार्यरत सफाई कर्मचारी संजय के नाम सामने आए हैं। शिकायत पर कार्रवाई करते हुए एसीबी कैथल यूनिट ने ट्रैप लगाया। कार्रवाई के दौरान सफाई कर्मचारी संजय को 18,000 रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया गया। कार्रवाई राजपत्रित अधिकारी और छाया गवाह की मौजूदगी में की गई। इस मामले में मुकदमा संख्या 21, दिनांक 21 अक्टूबर 2026, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 तथा भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 61(2) के तहत थाना राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, अंबाला में मामला दर्ज किया गया है। एमई वरुण शर्मा को इस मामले में नामजद किया गया है, लेकिन अभी उनकी गिरफ्तारी नहीं हुई है। यह ट्रैप कार्रवाई निरीक्षक सुबे सिंह, प्रभारी, एसीबी कैथल यूनिट के नेतृत्व में की गई। कार्रवाई के दौरान भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 105 के तहत निर्धारित प्रक्रिया का पालन किया गया। मामले में आगे की जांच जारी है।
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