
अजीत सिन्हा की रिपोर्ट
चंडीगढ़:हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के सतत प्रयासों और पारदर्शिता के प्रति प्रतिबद्धता ने राज्य की विकास यात्रा को नई गति दी है। उनके नेतृत्व में शासन व्यवस्था को अधिक जवाबदेह और जनहितैषी बनाया गया है। कर प्रशासन में सुधार और डिजिटल पारदर्शिता को बढ़ावा देकर राजस्व संग्रह में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। मुख्यमंत्री के दूरदर्शी नेतृत्व में हरियाणा प्रगति और विश्वास का प्रतीक बनकर उभरा है।इसी कड़ी में आबकारी एवं कराधान विभाग ने सकल एसजीएसटी संग्रह में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है।

चालू वित्त वर्ष 2025-26 में हरियाणा का सकल एसजीएसटी संग्रह, भारत सरकार के वित्त मंत्रालय द्वारा जारी नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, पिछले वित्त वर्ष की तुलना में रिकॉर्ड 22% की दर से बढ़ा है। चालू वित्त वर्ष में हरियाणा का सकल एसजीएसटी संग्रह (सेटलमेंट के बाद) ₹44,460 करोड़ तक पहुंच गया है, जो पिछले वित्त वर्ष के फरवरी तक के संग्रह से ₹7,918 करोड़ अधिक है। इस प्रकार 22% की वृद्धि दर दर्ज की गई है, जो देश के सभी राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों में सर्वाधिक है।

विभाग ने बताया कि वित्त मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार चालू वित्त वर्ष में सभी राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों का सकल एसजीएसटी संग्रह राष्ट्रीय औसत 6% की दर से बढ़ा है। फरवरी माह में भी हरियाणा का सकल एसजीएसटी वृद्धि दर पिछले वित्त वर्ष के फरवरी माह की तुलना में 23% रही है। सितंबर 2025 में जीएसटी परिषद द्वारा किए गए जीएसटी दर युक्तिकरण के बाद के महीनों में भी हरियाणा एसजीएसटी संग्रह में लगातार स्थिर वृद्धि दिखा रहा है, जो न केवल कुशल कर प्रशासन को दर्शाता है बल्कि राज्य की स्वस्थ अर्थव्यवस्था को भी प्रतिबिंबित करता है।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सितंबर 2025 में आयोजित जीएसटी परिषद की बैठक में जीएसटी दर युक्तिकरण सुधारों का स्वागत और समर्थन किया था तथा माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण का धन्यवाद किया था। आबकारी एवं कराधान आयुक्त विनय प्रताप सिंह ने बताया कि राज्य में कुल 6,22,478 जीएसटी करदाता हैं और जीएसटी कानून के तहत पंजीकरण को सुगम बनाने के लिए हरियाणा के सभी जिलों में जीएसटी सुविधा केंद्र खोले गए हैं।

आयुक्त ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में जीएसटी व्यवस्था में किए गए विभिन्न सुधारों और आबकारी एवं कराधान विभाग के अधिकारियों द्वारा अपनाई गई बेहतर कर विश्लेषण प्रणालियों के कारण कर अनुपालन में सुधार हुआ है, जिससे राज्य में जीएसटी संग्रह में मजबूत वृद्धि दर्ज की जा रही है। जीएसटी नियमों में नवीनतम संशोधनों के साथ जीएसटी के तहत पंजीकरण प्राप्त करने की प्रक्रिया में सुधार किया गया है,

जिससे कम जोखिम वाले एवं छोटे व्यवसायों के लिए जीएसटी पंजीकरण प्राप्त करना आसान हो गया है, साथ ही यह भी सुनिश्चित किया गया है कि फर्जी और धोखाधड़ी करने वाले आवेदकों को संचालन की अनुमति न मिले। आयुक्त ने कहा कि यह रुझान वित्त वर्ष 2025-26 के लिए राज्य के आबकारी एवं वैट/सीएसटी संग्रह में भी दिखाई दे रहा है और विभाग वार्षिक लक्ष्यों को प्राप्त करेगा।
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