

अजीत सिन्हा की रिपोर्ट
थाना सेक्टर-10 ए, गुरुग्राम (हरियाणा) में दर्ज एक मामले में गुरुग्राम पुलिस द्वारा भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) 2023 की धारा 107(1), 107(6) एवं 107 (7) के अंतर्गत कानूनी कार्रवाई करते हुए भारत में पहली बार “अपराध की आय (Proceeds of Crime)” से पीड़ित को प्रत्यक्ष आर्थिक मुआवजा दिलाया गया। उपरोक्त मामले में आरोपित द्वारा पीड़ित से 14 लाख 50 हजार रुपए की धोखाधड़ी कर उक्त राशि से एक कार Volkswagen Virtus खरीदी गई थी।

यह ज्ञात हुआ कि उक्त कार पूर्णतः अपराध (धोखाधड़ी) से अर्जित धनराशि से खरीदी गई थी। इस संबंध में गुरुग्राम पुलिस द्वारा न्यायालय के समक्ष धारा 107(1) BNSS के तहत वाहन को कुर्क करने हेतु प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया गया। आरोपित द्वारा न्यायालय में वाहन को अपराध की आय से खरीदे जाना स्वीकार किया। जिस पर न्यायालय द्वारा दिनांक 21.01.2026 को कुर्की आदेश पारित किया गया।

न्यायालय के आदेशानुसार गुरुग्राम पुलिस द्वारा जिला मजिस्ट्रेट, गुरुग्राम (हरियाणा) के माध्यम से धारा 107(6) एवं 107(7) BNSS के अंतर्गत नीलामी एवं वितरण की कारवाई सुनिश्चित कराई गई। डीसी कार्यालय के माध्यम से सार्वजनिक सूचना जारी कर सरकार के E-Auction India पोर्टल के माध्यम से ई-नीलामी संपन्न कराई गई, जिसमें वाहन की उच्चतम बोली 11 लाख 30 हजार रुपए प्राप्त हुई।

दिनांक 26 फ़रवरी 2026 को न्यायालय को सूचित करते हुए सफल बोलीदाता द्वारा 11 लाख 30 हजार रुपए की धनराशि का चेक न्यायालय में सीधे पीड़ित को प्रदान किया गया।

इस प्रकार BNSS (2023) के प्रावधानों के अंतर्गत अपराध की वास्तविक आय से पीड़ित को प्रत्यक्ष मुआवजा दिलाया जाना भारत में पहली बार संपन्न हुआ। गुरुग्राम पुलिस द्वारा की गई यह कार्रवाई पीड़ित-केंद्रित न्याय, पारदर्शी वित्तीय पुनप्राप्ति एवं नए कानूनी प्रावधानों के प्रभावी क्रियान्वयन की दिशा में एक राष्ट्रीय उदाहरण है।

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