
अजीत सिन्हा की रिपोर्ट
पुलिस अधिकारी बनकर चेकिंग करने के बहाने से दो लोगों ने युवक को रोका,और नोटों से भरा बैग बाइक पर लेकर फरार हो गए। बैग में कुल 50 लाख रुपए रखे हुए थे। यह ठगी पीएस मंगोलपुरी इलाके में दिनांक 9 मई 2026 को घटित हुई। इस संबंध में पीएस मंगोलपुरी में संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। अब पीएस मंगोलपुरी और स्पेशल स्टाफ , बाहरी जिला नई दिल्ली की संयुक्त टीम ने 3 आरोपितों को गिरफ्तार किए है , इनमें से एक आरोपित नाबालिग है। पुलिस की संयुक्त टीम ने इनके कब्जे से ठगी के 50 लाख रुपए में से 33. 50 लाख रुपए नकद, 2 एप्पल केमोबाइल फोन व वारदात में इस्तेमाल की गई बाइक बरामद किए है। गिरफ्तार किए गए आरोपितों के नाम 1. विनय उर्फ मोंटी निवासी सोनीपत, हरियाणा, उम्र 20 वर्ष,2. कुलदीप निवासी सोनीपत, हरियाणा, उम्र 30 वर्ष, 3. एक सीसीएल है।

डीसीपी, बाहरी जिला, दिल्ली,विक्रम सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि दिनांक 09.05.2026 को सवाराम पुत्र करमाराम निवासी जिला सिरोही, राजस्थान की शिकायत पीएस मंगोलपुरी में प्राप्त हुई, जिसमें उसने आरोप लगाया कि वह अपने दोस्त के साथ 9 लाख रुपये नकद देने के लिए पीतम पुरा आया था, जो उसके मालिक ने दिया था। जब वह ऑटो को बस स्टैंड, वर्धमान प्लाजा के सामने, पीतमपुरा, दिल्ली में छोड़कर तरुण एन्क्लेव की ओर चला, तो दो व्यक्ति उनके पास आए और खुद को पुलिस अधिकारी बताते हुए उन्हें रोका और शिकायतकर्ता से पूछताछ करने लगे और उसका बैग ले लिया, जिसमें पैसे थे। उन्होंने शिकायतकर्ता को वहां रुकने का निर्देश दिया क्योंकि वरिष्ठ अधिकारी भी वहां आ रहे थे और उसके बाद दोनों व्यक्ति बैग सहित बाइक पर सवार होकर भाग गए। शिकायतकर्ता ने उनके भागने से पहले उनकी बाइक के नंबर नोट कर लिए।जांच के दौरान शिकायतकर्ता सवाराम से पूछताछ की गई तो उसने बताया कि डर के कारण वह रकम का सही आंकड़ा नहीं बता सका और बैग में 50 लाख रुपये थे। इसलिए उनका पूरक बयान दर्ज किया गया. शिकायत कर्ता के बयान पर,एफआईआर संख्या 323/2026, धारा 204/319( 2)/318(4)/3(5) बीएनएस के तहत पीएस मंगोलपुरी में मामला दर्ज किया गया और आगे की जांच की गई।उनका कहना है कि मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए, इंस्पेक्टर हितेंद्र, ब्रावो/पीएस मंगोल पुरी की देखरेख में स्थानीय पुलिस की टीमें और इंस्पेक्टर रोहित, प्रभारी स्पेशल स्टाफ की देखरेख में स्पेशल स्टाफ की टीमों का गठन किया गया। टीमों ने एसीपी/ऑपरेशंस वीरेंद्र दलाल की समग्र देखरेख में काम किया। अलग-अलग टीमें गठित की गई और सीसीटीवी फुटेज का विश्लेषण किया गया। आरोपी का पता लगाने के लिए मैनुअल और तकनीकी प्रयास किए गए। आगे की जांच के दौरान तकनीकी निगरानी और गुप्त मुखबिरों से जानकारी एकत्र की गई। सूचना के आधार पर दिनांक 10.05.26 को तीन व्यक्तियों विनय उर्फ मोंटी, कुलदीप तथा एक सीसीएल को गोहाना, सोनीपत, हरियाणा से पकड़ा गया और उनके कब्जे से कुल 33.50 लाख रुपये, ठगी की रकम से खरीदे गए 02 मोबाइल फोन (एप्पल आईफोन17) बरामद किए गए। इसके अलावा एक बैग जिसमें नकदी ले जाया गया था और एक बाइक जो अपराध के कमीशन में इस्तेमाल की गई थी, भी अब तक बरामद की गई है।वारदात में शामिल अन्य आरोपितों की गिरफ्तारी और बाकी रकम बरामद करने के प्रयास किए जा रहे हैं.
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