
अजीत सिन्हा की रिपोर्ट
फरीदाबाद: ग्रीन फील्ड कॉलोनी में बिल्डरों के हौसले इतने बुलंद है, कानूनी नियमों का उल्लंघन करने से वह बिल्कुल नहीं चूकते है। जी है बात कर रहे है रिहायशी प्लाटों पर दुकानें बनाने एवं खोलने हो, या अवैध रूप से चौथी मंजिल पर पर फ्लैट बनाने को लेकर करके हो, जिसे जो मर्जी हो वही अवैध निर्माणों को बना कर अपने मन की किए ही जा रहे है, क्योंकि संबंधित विभाग ने लम्बें समय से यहां पर कोई भी ठोस कार्रवाई नहीं की है, इसका क्या मतलब हो सकता है, ये तो विभाग के ऑफिसर ही बता सकते है। नवनियुक्त डीटीपी इंफोर्समेंट राहुल सिंगला ने फोन पर हुई बातचीत के दौरान कहा कि, वह डीटीपी इंफोर्समेंट, फरीदाबाद का पदभार संभालने के बाद पंचकूला में किसी काम से आ गए थे। शुक्रवार 10 जनवरी -2025 से वह अपने ऑफिस में कार्यभार लगातार देखें, और जो भी शिकायतें है उस पर वह सख्ती से कार्रवाई करेंगे।

देखा गया है कि ग्रीन फील्ड कॉलोनी के माल रोड,स्थित शराब के ठेके के पास प्लॉट नंबर -4141 पर एक बड़ी सी दूकान बनाई गई है, असल में ये प्लॉट रिहायशी प्लॉट है जिस पर यह बड़ी सी दुकानें खोली गई है। इससे तो ग्रीन फील्ड के निवासियों के लिए मुसीबत बन गई है। बताया गया है कि ये दुकाने बिल्कुल शराब के ठेके के पास है ,यहां पर वाहनों की भीड़ रहती है, और अब ये रोड महिलाओं के असुरक्षित है, जब रिहायशी प्लॉट पर यह दुकान नहीं होती थी,उस दौरान भी वाहनों के खड़ी करने व जाम लगे होने के कारण कई बार झगड़े हो चुके है,अब प्लॉट नंबर-4141 पर अवैध रूप से खोली गई जीएस मार्ट की दुकान खुलने के बाद कई गुना गाड़ियों की संख्या बढ़ गई है,जो रोड के किनारे खड़ी रहती है, साथ में शराब का ठेका भी है, ऐसे में रोजाना जो लोग इस सड़क से गुजरते है, उन्हें बहुत ही मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। साथ में एक दूसरे से रोजाना तू- तू मै- मैं होती रहती है, जैसे नज़ारे दिखाई देते है, अब यह सड़क महिलाओं और स्थानीय निवासियों के असुरक्षित हो गई है।

यह भी देखा गया है कि जो तीसरी मंजिल तक जो बिल्डर फ्लेट्स बना कर बेच चुके थे, उस पर धड़ल्ले से चार मंजिलों पर अवैध रूप से फ्लेट्स बनाए जा रहे है। कई लोग 30, 40 , 60 फुट की सड़कों पर बनाएं जा रहे है ,कई बिल्डरों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि 40 और 60 फुट पर चारमंजिल बना सकते है फ्लेट्स, का परमिशन दिया जा रहा है। और जो 4 मंजिल बना रहे है वह अपने -अपने फाइलों को परमिशन के लिए सम्बंधित विभाग में जमा कराया हुआ है। उन्हें यह समझना चाहिए की परमिशन मिलने के बाद ही चौथी मंजिल पर निर्माण कार्य शुरू किया जाना चाहिए न की पहले निर्माण कार्य शुरू कर लो, फिर परमिशन के लिए फाइल जमा कराएं, इससे ही आप अंदाजा लगाया जा सकता है कि इन सभी बिल्डरों के हौसले इतने बुलंद है जितना आप सोच नहीं सकतें, कानूनी नियमों को अपना जागीर समझ बैठे है। यह सब इस लिए किया जा रहा है की फ्लैट खरीदारों को बड़े -बड़े सपने दिखा, और झांसे में रख कर उनसे करोड़ों रूपए वक़्त से पहले ऐठ सकें। खरीदार उनके पीछे -पीछे सालों तक घूमते रहे।

जिन- जिन प्लाटों पर चार -चार मंजिल के फ्लैट बनाए जा रहे है, उनके नंबर-2535, 2498, 2115-16, 1740, 2221,इसके सामने अवैध शॉपिंग कॉम्प्लेक्स ,प्लॉट नंबर -164 जोकि निर्माणाधीन है, और प्लॉट नंबर – 172 , 173 व 175 पर चार मंजिल बन चुके है, जोकि नई बिल्डिंग है। ये सभी नंबरों को खबर के माध्यम से सम्बंधित विभाग के अधिकारी को सौंप दिया गया है, ताकि वह उपरोक्त दुकानों और अवैध रूप से बन रहे 4 मंजिलों की जांच करके दोषी बिल्डरों एवं प्लॉट्स मालिकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करें। स्थानीय निवासियों ने अथर्व न्यूज़ के माध्यम से जिला प्रशासन से मांग की है कि प्लॉट नंबर -4141 पर जोकि रिहायशी प्लाट है पर अवैध रूप से दुकाने बना, उसमें बड़ी दुकाने खोलने की वजह से, आमजनों के जीवन को मुश्किलों में डालने वाले खिलाफ सीलिंग की कार्रवाई करते हुए केस दर्ज करें, क्यूंकि ये लोग कानूनी नियमों को अपना जागीर समझ रखें है।
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