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अपराध गुडगाँव

देर रात तक पुलिस आयुक्त गुरुग्राम द्वारा मीटिंग लेकर की गई अपराध समीक्षा।

अजीत सिन्हा की रिपोर्ट 
गुरुग्राम में अपराध नियंत्रण, कानून-व्यवस्था को मजबूत करने तथा आमजन को सुरक्षित, संवेदनशील, त्वरित एवं जवाबदेह पुलिसिंग उपलब्ध कराने के उद्देश्य से पुलिस आयुक्त, गुरुग्राम शिवास कबिराज ने कल दिनांक 02.09.2026 को पुलिस आयुक्त कार्यालय में देर रात तक जिले के पुलिस उपायुक्तों, सहायक पुलिस आयुक्तों, थाना प्रबंधकों, चौकी प्रभारियों एवं अपराध शाखा प्रभारियों के साथ विस्तृत क्राइम मीटिंग की। इस बैठक में अपराध नियंत्रण, लंबित मुकदमों का निस्तारण, रात्रिकालीन पुलिसिंग, पुलिस विजिबिलिटी, महिला एवं बाल सुरक्षा, नशा तस्करी, साइबर अपराध, यातायात व्यवस्था तथा आमजन की शिकायतों के त्वरित समाधान सहित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों की समीक्षा की गई। पुलिस आयुक्त ने स्पष्ट किया कि गुरुग्राम पुलिस की प्राथमिकता केवल अपराध के बाद कार्यवाही करना नहीं, बल्कि अपराध की रोकथाम, प्रभावी पुलिस मौजूदगी, त्वरित प्रतिक्रिया, गुणवत्तापूर्ण अनुसंधान और जनता का विश्वास मजबूत करना है।

उपरोक्त आयोजित मीटिंग की अध्यक्षता करते हुए  पुलिस आयुक्त ने मीटिंग में उपस्थित सभी पुलिस अधिकारियों को निम्नलिखित आदेश/दिशा-निर्देश दिए:-
जन-केंद्रित पुलिसिंग एवं जवाबदेही: जनता के फीडबैक, अपराध नियंत्रण, Response Time, जांच गुणवत्ता एवं जन संतुष्टि को पुलिसिंग का रिपोर्ट कार्ड बनाया जाए और इसी आधार पर एसएचओ का मासिक मूल्यांकन किया जाए। थानों में फरियादियों से सम्मानजनक व्यवहार, शिकायत/ एफआईआर  पर समयबद्ध कार्यवाही तथा अनावश्यक चक्कर से पूर्णतः बचते हुए वरिष्ठ स्तर पर प्रभावी मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए। लापरवाही अथवा पुलिसकर्मियों के दुर्व्यवहार पर तत्काल कार्यवाही कर दोष सिद्ध होने पर एसएचओ सहित संबंधित स्तर की जवाबदेही तय की जाए।
प्रभावी फील्ड पुलिसिंग एवं त्वरित रिस्पॉन्स: प्रत्येक रात डीसीपी स्तर के अधिकारी द्वारा विशेष पेट्रोलिंग की निगरानी,पीसीआर में 24×7 ACP स्तर की उपलब्धता तथा PCR/ERV Response Time की नियमित समीक्षा सुनिश्चित की जाए। PCR, ERV, नाका, बीट एवं पैदल गश्त को मजबूत कर अपराध हॉट स्पॉट, बाजार, औद्योगिक क्षेत्र, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन एवं संवेदनशील क्षेत्रों में प्रभावी एवं दृश्य पुलिस मौजूदगी बढ़ाई जाए।
अपराध नियंत्रण एवं गुणवत्तापूर्ण जांच: अपराध जांच में गति एवं गुणवत्ता बढ़ाते हुए लंबित/अनसुलझे मामलों का प्राथमिकता से निस्तारण किया जाए। गंभीर अपराधों में वैज्ञानिक एवं तकनीकी साक्ष्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित की जाए। नशा तस्करों, आदतन एवं निगरानी योग्य अपराधियों पर कार्यवाही से बाहर आए अपराधियों की नियमानुसार निगरानी की जाए और अवैध संपत्ति पर कानून के अनुसार कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।
महिला, बालक एवं कमजोर वर्गों की सुरक्षा: महिलाओं,बच्चों एवं वरिष्ठ नागरिकों के संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष पेट्रोलिंग बढ़ाई जाए। गुमशुदा बच्चों एवं महिलाओं के मामलों में तत्काल, संवेदनशील एवं तकनीकी संसाधनों पर आधारित कार्रवाई सुनिश्चित हो। महिला एवं बाल अपराधों में त्वरित एवं प्रभावी कार्यवाही को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।
साइबर अपराध, सीसीटीवी एवं जन-जागरूकता: साइबर अपराध की शिकायतों पर तत्काल कार्यवाही करते हुए बैंकों एवं संबंधित एजेंसियों से समन्वय कर ठगी की धनराशि सुरक्षित कराने का हरसंभव प्रयास किया जाए। प्रमुख संस्थानों, बाजारों एवं सार्वजनिक स्थलों पर साइबर जागरूकता बढ़ाई जाए तथा बाजारों, चौराहों एवं संवेदनशील क्षेत्रों में सीसीटीवी  कवरेज की नियमित समीक्षा की जाए।
यातायात, सुरक्षा एवं आपदा प्रबंधन: यातायात नियमों के उल्लंघन पर सख्ती तथा दुर्घटना संभावित स्थानों पर विशेष सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। पुलिस एवं ट्रैफिक अल्कोहल नाकों पर Body-Worn Camera का अनिवार्य उपयोग हो। जलभराव वाले क्षेत्रों में बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए आवश्यकता पड़ने पर सुरक्षित परिवहन उपलब्ध कराया जाए तथा प्रत्येक थाना बारिश, जलभराव, आगजनी एवं अन्य आपदाओं के लिए Emergency Response Plan तैयार रखे। अफवाहों की तत्काल पहचान कर तथ्यात्मक सूचना प्रसारित की जाए और कानून-व्यवस्था बिगाड़ने वालों पर कार्रवाई हो।
सामुदायिक पुलिसिंग, प्रोत्साहन एवं विश्वास: बीट अधिकारियों द्वारा स्थानीय नागरिकों एवं संस्थानों से नियमित संपर्क और Community Policing Meetings के माध्यम से समस्याओं की समीक्षा सुनिश्चित की जाए। उत्कृष्ट गिरफ्तारी, अनुसंधान, त्वरित कार्यवाही एवं जनसेवा करने वाले पुलिसकर्मियों को सम्मानित किया जाए तथा जनता के फीडबैक एवं पुलिसिंग प्रदर्शन के आधार पर प्रत्येक माह “Best SHO of the Month” चुना जाए। अपराध नियंत्रण एवं जन सुरक्षा में हर स्तर पर जवाबदेही तय करते हुए पुलिस की मौजूदगी जनता में भय नहीं, बल्कि सुरक्षा, विश्वास और सम्मान की भावना पैदा करे—“सेवा, सुरक्षा और सम्मान” को पुलिसिंग का मूल मंत्र बनाया जाए।
गुरुग्राम पुलिस का स्पष्ट संदेश: पुलिसिंग जनता के लिए, नता के साथ गुरुग्राम पुलिस का लक्ष्य अपराध होने के बाद कार्रवाई तक सीमित नहीं, बल्कि अपराध की रोकथाम, प्रभावी रात्रि गश्त, त्वरित पुलिस प्रतिक्रिया, तकनीकी निगरानी, जन-जागरूकता, बेहतर यातायात व्यवस्था और नागरिकों के सहयोग से मजबूत पुलिसिंग व्यवस्था स्थापित करना है। पुलिस आयुक्त ने कहा कि “जनता का विश्वास पुलिस की सबसे बड़ी ताकत है और जनता का फीडबैक पुलिसिंग की गुणवत्ता का महत्वपूर्ण पैमाना है।” अच्छी पुलिसिंग करने वाले पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को प्रोत्साहन और पहचान दी जाएगी,जबकि लापरवाही,दुर्व्यवहार , उदासीनता एवं जवाबदेही से बचने के प्रयासों को स्वीकार नहीं किया जाएगा। गुरुग्राम पुलिस आमजन की सुरक्षा, सम्मान, विश्वास एवं बेहतर पुलिस सेवाओं के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

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