अजीत सिन्हा की रिपोर्ट
पंचकूला: पंचकूला पुलिस ने एचएमटी पिंजौर क्षेत्र में युवक के अपहरण और लूटपाट की वारदात का महज 48 घंटे के भीतर खुलासा करते हुए चार आरोपियों को काबू कर लिया है। मामले में पुलिस और आरोपियों के बीच हुई मुठभेड़ के दौरान दो आरोपियों के पैर में गोली लगी, जिन्हें उपचार के लिए सेक्टर-6 स्थित सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। प्रारंभिक जांच में आरोपियों के आपराधिक नेटवर्क और गैंग कनेक्शन को लेकर भी अहम खुलासे हुए हैं। डीसीपी क्राइम एंड ट्रैफिक अमरिंदर सिंह ने प्रेस वार्ता के दौरान बताया कि शिकायतकर्ता एचएमटी पिंजौर निवासी शिकायतकर्ता ने पुलिस को शिकायत दी थी कि 15 जून 2026 को वह शाम करीब 5:30 बजे अपनी स्कूटी पर एचएमटी पेट्रोल पंप से तेल डलवाकर वापस घर लौट रहा था। इसी दौरान गौरी शंकर मंदिर के पास एक काले रंग की स्कॉर्पियो गाड़ी उसके पास आकर रुकी। गाड़ी में सवार चार युवकों ने पहले रास्ता पूछने के बहाने उसे रोका और बाद में चाकू दिखाकर जबरन गाड़ी में बैठा लिया।
शिकायत के अनुसार आरोपी उसे हाईवे की ओर ले गए। रास्ते में चंडीमंदिर टोल पार किया गया तथा बाद में बरवाला टोल से बिना भुगतान किए वाहन निकाल लिया गया। आरोपियों ने पीड़ित को धमकाकर उसकी जेब से 12 हजार रुपये नकद और मोबाइल फोन छीन लिया। इसके अतिरिक्त उसके मोबाइल से ऑनलाइन भुगतान कर पेट्रोल भी डलवाया गया तथा नकदी भी निकलवाई गई। कई घंटों तक उसे विभिन्न स्थानों पर घुमाने के बाद आरोपी उसे बरवाला अनाज मंडी के पास छोड़कर फरार हो गए। घटना की सूचना मिलते ही थाना पिंजौर पुलिस और संबंधित क्राइम टीमों ने तत्काल कार्रवाई शुरू की। चंडीमंदिर और बरवाला टोल प्लाजा के सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए तथा विभिन्न यूनिटों को अलर्ट किया गया। शिकायत और प्रारंभिक जांच के आधार पर थाना पिंजौर में भारतीय न्याय संहिता की धारा 140(3), 309(4), 351(2) व 3(5) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। क्राइम ब्रांच सेक्टर-19 की टीम ने एसीपी अमन व इंचार्ज प्रवीण मलिक की अगुवाई में टीम ने कार्रवाई करते हुए 16 जून को दो आरोपियों वीरेन और आशीष निवासी चरखी दादरी को सेक्टर-19 फेज-1 क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद अन्य दो आरोपियों की तलाश लगातार जारी रखी गई। आज सुबह पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि फरार आरोपी बरवाला चौकी क्षेत्र के अलीपुर इंडस्ट्रियल एरिया में मौजूद हैं। क्राइम ब्रांच टीम मौके पर पहुंची और आरोपियों को आत्मसमर्पण करने के लिए कहा,लेकिन आरोपियों ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। आरोपियों द्वारा किए गए दो फायर पुलिसकर्मियों की बुलेट प्रूफ जैकेट पर लगे। जवाबी कार्रवाई में पुलिस द्वारा तीन फायर किए गए, जिनमें दोनों आरोपियों के घुटनों पर गोली लगी और उन्हें काबू कर लिया गया।गिरफ्तार आरोपियों की पहचान योगेश कुमार निवासी भिवानी तथा दीपेश कुमार निवासी चरखी दादरी के रूप में हुई है। जांच में सामने आया है कि दोनों आरोपियों के खिलाफ पहले से आपराधिक मामले दर्ज हैं। दीपेश पर अपहरण और मारपीट के मामले दर्ज हैं, जबकि योगेश पर संगठित अपराध और आर्म्स एक्ट से जुड़े गंभीर मामले दर्ज बताए गए हैं। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि योगेश रोहित गोधारा गैंग से जुड़ा हुआ है तथा हथियार सप्लाई करने का कार्य करता रहा है।पुलिस जांच में यह तथ्य भी सामने आया है कि चारों आरोपी छात्र हैं। पुलिस ने इनके कब्जे से एक .32 बोर पिस्टल, दो जिंदा कारतूस तथा वारदात में प्रयुक्त ब्लैक स्कॉर्पियो गाड़ी बरामद कर ली है, जिसे आरोपियों ने कथित तौर पर अपने एक परिचित से किराये पर लिया था।डीसीपी क्राइम एंड ट्रैफिक अमरिंदर सिंह ने बताया कि घायल दोनों आरोपियों का उपचार जारी है। अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद उनसे विस्तृत पूछताछ की जाएगी। वहीं पहले गिरफ्तार किए गए दो आरोपियों को अदालत में पेश कर दो दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है। पुलिस अब मामले में अन्य संभावित कड़ियों और सहयोगियों की भूमिका की भी जांच कर रही है।पंचकूला पुलिस कमिश्नर पंकज नैन: जो भी व्यक्ति कानून व्यवस्था को चुनौती देने की कोशिश करेगा, उसके खिलाफ सख्त और कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। पंचकूला पुलिस नागरिकों की सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। अपराध करने वालों को यह स्पष्ट संदेश है कि वे चाहे कितनी भी योजना बनाकर अपराध करें, कानून के दायरे से बच नहीं सकते।
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