
अजीत सिन्हा की रिपोर्ट
नई दिल्ली: भाजपा पर पलटवार करते हुए कांग्रेस ने कहा है कि अडानी को बचाने के लिए भाजपा और मोदी सरकार जॉर्ज सोरोस के नाम पर स्वांग रच रही है। कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने खुलासा किया कि मोदी सरकार खुद जॉर्ज सोरोस को पैसे दे रही है। इसी के साथ सोरोस द्वारा पोषित फंड चलाने वाले लोग भाजपा के करीबी हैं और उनके साथ नरेंद्र मोदी मंच साझा करते हैं।

नई दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय में पत्रकार वार्ता करते हुए कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने खुलासा किया कि सोरोस की ओपन सोसाइटी फाउंडेशन की फंडिंग यूएन डेमोक्रेसी फंड से आती है, जिसमें भारत चौथे नंबर का दानी देश है। मोदी सरकार ने पिछले आठ साल में नौ लाख अमेरिकी डॉलर यूएन डेमोक्रेसी फंड को दिए, जिससे सोरोस को पैसा जा रहा है।

सुप्रिया श्रीनेत ने कहा, सोरोस के प्रोजेक्ट हिंदुस्तान में पहली बार 1999 में शुरू हुए, जब अटल बिहारी वाजपेयी देश के प्रधानमंत्री थे, तब सोरोस छात्रवृत्ति और फेलोशिप जैसी चीजें दिया करते थे। 2014 से उन्होंने ग्रांट प्रोग्राम शुरू किया। सोरोस की ओपन सोसायटी के सोरोस इकोनॉमिक डेवलपमेंट फंड के दो बड़े इंवेस्टमेंट सोंग और एस्पाडा हैं। एस्पाडा ने करीब 90 मिलियन डॉलर छोटे उद्योगों, किसानों और स्टार्टअप में निवेश किए। लेकिन एस्पाडा ने बड़ा पैसा निओ ग्रोथ और कैपिटल फ्लोट को दिया। कैपिटल फ्लोट के फांउडर गौरव हिंदुजा और शशांक ऋष्यशृंगा नरेंद्र मोदी जी के प्रबल समर्थक हैं, जो उनके साथ मंच साझा करते रहते हैं। नरेंद्र मोदी के करीबी ये दोनों व्यक्ति जॉर्ज सोरोस के पैसे से पोषित फंड चलाते हैं। इनके फण्ड ने करीब 300 मिलियन डॉलर से 40,000 छोटे उद्योगों की फंडिंग की है। उन्होंने आगे बताया कि शशांक की शादी भाजपा के पूर्व कोषाध्यक्ष और पश्चिम बंगाल के राज्यपाल रहे वीरेन शाह की पोती प्रिया शाह के साथ हुई है। शादी में भाजपा के बड़े नेता लाल कृष्ण आडवाणी और देवेंद्र फडणवीस भी शामिल हुए थे। गंभीर सवाल उठाते हुए कांग्रेस प्रवक्ता ने पूछा कि जॉर्ज सोरोस अगर भारत विरोधी गतिविधियां कर रहा है, तो मोदी सरकार द्वारा उसका धंधा-पानी भारत में बंद क्यों नहीं किया जा रहा है। यूएन डेमोक्रेसी फंड में मोदी सरकार पैसा क्यों दे रही है। सोरोस के प्रत्यर्पण के लिए मोदी सरकार द्वारा अमेरिका सरकार को पत्र क्यों नहीं लिखा जा रहा है। उन्होंने आगे पूछा कि सोरोस द्वारा पोषित फंड चलाने वाले लोगों से भाजपा की साठ-गांठ क्यों है। ऐसे लोगों से भाजपा नेताओं के पारिवारिक संबंध क्यों हैं, नरेंद्र मोदी इनके साथ मंच क्यों साझा करते हैं और सोरोस द्वारा पोषित ये फंड बंद क्यों नहीं किए जा रहे हैं। श्रीनेत ने भाजपा के आरोपों पर भी तगड़ा पलटवार किया और कहा कि भाजपा को सिर्फ फेक न्यूज का ही सहारा है। जब भाजपा के लोगों ने सोरोस के मुद्दे पर फ्रेंच मीडिया कंपनी मीडियापार्ट का हवाला दिया, तो इससे मीडियापार्ट ने ही इंकार कर दिया। मीडियापार्ट ने भाजपा से उसके नाम पर फेक न्यूज फैलाने से मना किया और कहा कि उन्होंने ऐसा कोई लेख नहीं छापा है। श्रीनेत ने पूछा कि अगर भाजपा के लिए मीडियापार्ट इतना विश्वसनीय है, तो राफेल सौदे को लेकर खुलासे के समय वह इसका विरोध क्यों कर रही थी। कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा, भाजपा कहती है कि ओसीसीआरपी भारत के खिलाफ साजिश करता है। जबकि सच यह है कि ये मोदी-अडानी के संबंधों की कलई खोलता है। श्रीनेत ने कहा, भाजपा नेता यह झूठा आरोप भी लगाते हैं कि कांग्रेस विदेशी मीडिया पर निर्भर है। लेकिन हास्यास्पद बात यह है कि वही विदेशी मीडिया अगर मोदी सरकार की तारीफ करता है, तो भाजपा के सभी छोटे-बड़े नेता उसका हवाला देने लगते हैं।उन्होंने कहा बजाय अदानी के खिलाफ लगे जालसाज़ी, हेराफेरी और घूस जैसे गंभीर आरोपों की जांच करे, सरकार उसको हर क़ीमत पर बचाने के लिए आमादा है।
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