
अजीत सिन्हा की रिपोर्ट
नई दिल्ली:कांग्रेस ने मांग की है कि अग्निपथ योजना को पूरी तरह खत्म किया जाए, सेना में नियमित भर्ती बहाल हो और अग्निवीरों को नियमित सैनिकों के समान वेतन, सुविधाएं, मुआवजा तथा अन्य अधिकार दिए जाएं।

कांग्रेस कार्यालय में पत्रकार वार्ता करते हुए पार्टी के पूर्व सैनिक विभाग के चेयरमैन कर्नल रोहित चौधरी, उत्तराखंड पूर्व सैनिक विभाग के चेयरमैन कर्नल राम रतन नेगी, पश्चिमी उत्तर प्रदेश में विभाग के वाइस चेयरमैन कर्नल सिधिर कुमार और चंडीगढ़ में विभाग के चेयरमैन लेफ्टिनेंट कर्नल नवजोत सिंह थिंड ने कहा कि अग्निवीरों को दो साल का सेवा विस्तार देकर मोदी सरकार ने स्वीकार किया कि उसने अग्निपथ योजना लाने का गलत फैसला किया था। पार्टी नेताओं ने इस फैसले को सिर्फ लीपापोती बताया।

रोहित चौधरी ने कहा कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस पार्टी शुरू से ही इस योजना का विरोध कर रही है और इसे समाप्त कर सेना में नियमित भर्ती बहाल करने की मांग उठा रही है। इसी उद्देश्य से देशभर में ‘जय जवान’ अभियान चलाया गया। कांग्रेस द्वारा दबाव बनाए जाने और आने वाले विधानसभा चुनावों के डर से मोदी सरकार अब चार साल की सेवा पूरी करने वाले अग्निवीरों में से 25 प्रतिशत को नियमित करने के अलावा शेष 75 प्रतिशत को दो साल का सेवा विस्तार देने की बात कर रही है।

इसके बाद चयन मानदंड पूरे करने वाले और इच्छुक अग्निवीरों को नियमित कर दिया जाएगा, जबकि जो ऐसा करने में विफल रहेंगे, उन्हें सेवा से मुक्त कर दिया जाएगा। उन्होंने सीडीएस के बयान का हवाला देते हुए सवाल किया कि यदि अग्निवीरों का प्रदर्शन अच्छा है, तो सभी को स्थायी क्यों नहीं बनाया जा सकता?

रोहित चौधरी ने मांग की कि जिन 25 प्रतिशत अग्निवीरों को नियमित किया जा रहा है, उन्हें सेना में अग्निवीर के रूप में भर्ती होने की तारीख से ही नियमित सैनिकों के समान वेतन, मिलिट्री सर्विस पे, महंगाई भत्ता और अन्य सभी सुविधाओं का लाभ दिया जाए। उन्हें भी नियमित सैनिकों की तरह सालाना 30 की बजाय 90 दिन की छुट्टी दी जाए।

इसके साथ ही सेवा के दौरान चिकित्सकीय कारणों से बाहर किए गए अग्निवीरों को दोबारा सेवा में शामिल करने की मांग भी उठाई। उन्होंने यह भी कहा कि शहीद होने वाले अग्निवीरों के परिवारों को नियमित सैनिकों के समान सारे लाभ, सम्मान, मुआवजा और आजीवन पेंशन मिलनी चाहिए। इसके अलावा, अग्निवीर के रूप में कार्यकाल के दौरान शादी पर लगाए गए प्रतिबंध को भी उन्होंने युवाओं के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन बताया और इसे समाप्त करने की मांग की।

रोहित चौधरी ने बताया कि नियमित सैनिकों के मुकाबले अग्निवीरों को कम वेतन और सुविधाओं के कारण सरकार को ही रही बचत का पैसा कहां जा रहा है, इसका हिसाब देश के सामने रखा जाए।उन्होंने कहा कि अग्निपथ योजना राष्ट्रीय सुरक्षा, सेना की परंपराओं और युवाओं के भविष्य के खिलाफ है। तीनों सेनाओं के प्रमुखों ने इसे अपनी ओर से प्रस्तावित योजना नहीं बताया था।

उन्होंने कहा कि अग्निवीर योजना से त्रस्त होकर कई अग्निवीरों ने आत्महत्या कर ली। उन्होंने यह भी बताया कि योजना के आने के बाद सेना में करीब सवा दो लाख जवानों की कमी हो गई। लगभग डेढ़ लाख युवा भर्ती प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद नियुक्ति पत्र का इंतजार करते रह गए। उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत की लंबी अंतरराष्ट्रीय और समुद्री सीमाओं पर सुरक्षा के लिए प्रशिक्षित एवं अनुभवी नियमित सैनिकों की आवश्यकता है। सेना में चार साल की संविदा आधारित भर्ती से कैडर प्रबंधन, प्रशिक्षण और सैनिकों के भविष्य को लेकर कई समस्याएं पैदा हुई हैं। कर्नल रोहित चौधरी, कर्नल राम रतन नेगी, कर्नल सिधिर कुमार और लेफ्टिनेंट कर्नल नवजोत सिंह थिंड ने बताया कि कांग्रेस अब ‘जय जवान पार्ट-2’ अभियान शुरू करने जा रही है। यह अभियान तब तक जारी रहेगा, जब तक अग्निपथ योजना पूरी तरह समाप्त नहीं हो जाती और अग्निवीरों को नियमित सैनिकों का दर्जा नहीं मिल जाता।
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