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हरियाणा

चंडीगढ़: रोहतक जिला में एक गलतफहमी की वजह से पैदा हुए विवाद को शांतिपूर्वक तरीके से समाप्त कर दिया गया है।

अजीत सिन्हा की रिपोर्ट 
चंडीगढ़: रोहतक जिला के गांव किलोई में एक गलतफहमी की वजह से पैदा हुए विवाद को शांतिपूर्वक तरीके से समाप्त कर दिया गया है । जिला प्रशासन के प्रवक्ता ने बताया कि किसी बात को लेकर ग्रामीण गांव के प्राचीन शिव मंदिर के बाहर इकट्ठा हो गए थे। यह मामला माफी मांगने का नहीं था बल्कि एक ग़लतफ़हमी का था। प्रवक्ता के अनुसार शिव मंदिर से बाहर आने के बाद पूर्व मंत्री मनीष  ग्रोवर ने कहा कि गलतफहमी के चलते ही यह विवाद उत्पन्न हुआ था। उन्होंने कहा कि जैसे ही ग्रामीणों को वास्तविकता का आभास हुआ सारा मसला तुरंत हल हो गया। उन्होंने कहा कि हुड्डा खाप के कुछ लोग उनके पास आए थे और उन्होंने कहा कि बस एक बार आप बालकनी से सबको राम-राम कर दो। हमने राम-राम कर दी और मामला खत्म हो गया। हमने किसी से कोई माफी नहीं मांगी है ना ही मामला माफी मांगने का था। पूरा मामला गलतफहमी का था जो दूर की जा चुकी है । उन्होंने कहा कि जब-जब भोले शंकर उन्हें किलोई बुलाएंगे, वे हमेशा इस मंदिर में मत्था टेकने आएंगे। मंदिर सबका साझा होता है और यह बात समाज के सभी वर्गों को समझनी चाहिए।

घटना

हरियाणा भाजपा उपाध्यक्ष व पूर्व मंत्री मनीष ग्रोवर शुक्रवार सुबह लगभग 10 बजे हरियाणा के रोहतक जिले के गांव किलोई में पूजा करने पहुंचे। दरअसल, उत्तराखंड में धार्मिक स्थल केदारनाथ धाम में पहुंचे पीएम नरेंद्र मोदी के पूजा दर्शन समेत करीब 400 करोड़ रुपये के शिलान्यास और उद्घाटन कार्यक्रम का लाइव प्रसारण किलोई के प्राचीन शिव मंदिर में हो रहा था। गांव में किसानों को जैसे ही पता चला कि भाजपा नेता मंदिर में आए हैं तो किसान मंदिर के बाहर विरोध करने के लिए पहुंच गए। मंदिर प्रांगण में लगी टीवी स्क्रीन के तार तोड़ दिए गए। किसानों व प्रशासन की बातचीत के बाद भाजपा नेताओं ने किसानों से माफी मांग ली और कहा कि अगर वह नहीं चाहते हैं तो वो मंदिर नहीं आएंगे। लेकिन इसके बाद इस बात पर पेंच फंस गया कि प्रदेश उपाध्यक्ष ने हाथ जोड़कर माफी नहीं मांगी। 2 बजे जिला उपायुक्त पहुंचे और मीटिंग शुरू हुई। किसान इस बात पर अड़े हैं कि उनसे हाथ जोड़कर माफी नहीं मांगी गई। इसके बाद किसानों ने विरोध जारी रखा और देखते ही देखते कई गांवों के किसान मंदिर के बाहर इकट्ठे हो गए। तीन बजे के करीब पुलिस बल बढ़ा दिया गया। दूसरी और किसानों की संख्या भी लगातार बढ़ती गई और माहौल तनावपूर्ण हो गया। युवाओं ने मंदिर में अंदर घुसने का भी प्रयास किया। अंत में प्रशासन, नेताओं व किसानों के बीच बातचीत के बाद प्रदेश उपाध्यक्ष मनीष ग्रोवर ने किसानों से हाथ जोड़कर माफी मांग ली है। इसके बाद विवाद निपट गया है। जिसके बाद किसान अपने घरों की ओर लौटने लगे। प्रशासन ने इससे पहले ही नेताओं की गाड़ियों में हवा भरवा दी है। अभी नेता मंदिर के अंदर ही हैं। बंधक बनाए गए भाजपा नेताओं में पार्टी के प्रदेश संगठन प्रभारी रविंदर राजू व पूर्व मंत्री मनीष ग्रोवर सहित स्थानीय नेता शामिल थे। मंदिर के बाहर भारी संख्या में ग्रामीण व किसान एकत्रित हो गए थे। भाजपा नेताओं को मंदिर से निकालने के लिए भारी संख्या में पुलिस बुलाई गई। किसानों व पुलिस के बीच बातचीत के दौरान किसान अपनी मांग पर अड़े रहे। इसी बीच सोनीपत से भी पुलिस फोर्स बुला ली गई है। एसपी भी मौके पर पहुंचे। वहीं रैपिड एक्शन फोर्स भी तैनात कर दी गई। पुलिस ने मंदिर के चारों ओर सुरक्षा घेरा बना लिया है। वहीं दूसरी ओर किसानों ने मंदिर की तरफ आने वाले सभी रास्तों को ट्रैक्टर ट्राली अड़ा कर बंद कर दिया। किसानों ने भाजपा नेताओं के वाहनों की हवा भी निकाल दी व अन्य गांवों से भी बड़ी संख्या में टैक्टर ट्रॉली भरकर किसान पहुंचना शुरू हो गए हैं। पहले गांव के किसान विरोध कर रहे थे, इसी दौरान मकड़ौली धरने से भी किसान पहुंच गए। अब धीरे-धीरे दूसरे गांवों के लोग भी वहां पहुंचना शुरू हो गए हैं। किसानों की मांग है कि पूर्व मंत्री ग्रोवर आधे घंटे के अंदर माफी मांगे और कहे कि जब तक आंदोलन जारी है गांव में नहीं घुसेंगे। 

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