अरविन्द उत्तम की रिपोर्ट
नोएडा के थाना फेस 3 पुलिस ने एक फर्जी और भ्रामक पुलिस कार्यालय का पर्दाफाश किया है। इस कार्यालय को चला रहे छह लोगों को गिरफ्तार किया गया है। यह लोग फर्जी दस्तावेज का प्रयोग कर खुद को एक गवर्नमेंट से रजिस्टर्ड एंटिटी के रूप में खुद को प्रस्तुत करते थे। लेकिन पूछताछ के दौरान इनके पास से कोई भी आवश्यक कागज बरामद नहीं हुए हैं। गिरफ्तार किए गए लोगों से चीटिंग फोर्जरी और एम्बलम एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। थाना फेस 3 पुलिस के गिरफ्त में खड़े विभाष चंद्र अधिकारी, आरग्य अधिकारी, बाबुल चंद्र मंडल, पिंटू पाल, समापदमल और आशीष कुमार को सेक्टर 70 स्थित फर्जी कार्यालय से गिरफ्तार किया गया है। सेंट्रल नोएडा के डीसीपी शक्ति मोहन अवस्थी ने बताया कि इन लोगों ने 4 जून को कार्यालय खोलने के लिए रेंट एग्रीमेंट किया था, और एक हफ्ते से बोर्ड लगाकर ऑफिस का संचालन कर रहे थे। जब शिकायत मिली तो जांच के दौरान पता चला कि यह लोग इंटरनेशनल पुलिस और क्राइम इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो के नाम पर लोगों को भ्रमित कर रहे थे और लोगों को झांसा देते थे कि वह उनके पुलिस के काम करवा सकते हैं और खुद को एक पैरेलल पुलिस का सिस्टम दिखा कर लोगों से ठगी कर रहे थे.
डीसीपी सेंट्रल नोएडा ने बताया कि आरोपितों जिन रंगों का उपयोग किया है वो पुलिस के रंग है और ये लोग पुलिस का जो लोगो इस्तेमाल कर रहे थे, वो एक राज्य सरकार के पुलिस लोगों से मिलता जुलता है। परन्तु इनके पास उसका कोई भी कॉपीराइट या कोई भी ट्रेडमार्क या कोई भी लोगो का रजिस्ट्रेशन नहीं है। इस तरह के इनके पास से कई सारे दस्तावेज मिले हैं जो पुलिस का रंग, पुलिस का लोगो और एक भ्रामक छवि बनाने के उद्देश्य से इन्होंने इस तरह के दस्तावेज और का उपयोग किया है।
शक्ति मोहन अवस्थी ने बताया कि पकडे गए आरोपित ओरिजिनली वेस्ट बेंगाल के रहने वाले हैं. इनके पास से 9 मोबाइल फोन, 17 स्टांप मोहर, 6 चेक बुक, 9 आईडेंटिटी कार्ड,एक पैन कार्ड, एक वोटर आई कार्ड, 6 एटीएम कार्ड, तीन प्रकार के विजिटिंग कार्ड, मंत्रालय से प्राप्त सर्टिफिकेट, कंप्यूटर और चार इंटरनेशनल पुलिस एंड क्राइम इन्वेस्टीगेशन ब्यूरो के बोर्ड बरामद किए गए हैं। पुलिस उनके खातों के रिकॉर्ड,ट्रांजैक्शन की जानकारी कर रही है ताकि पता चलता है कि ये कही मनी लॉन्ड्रिंग जैसे अपराध से जुड़े तो नहीं है.
Related posts
0
0
votes
Article Rating
Subscribe
Login
0 Comments
Oldest
Newest
Most Voted
Inline Feedbacks
View all comments