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आने वाले विशेष सत्र है, महिला आरक्षण के उस बिल को पास किया जाए, पारित किया जाए,ये बहुत महत्वपूर्ण है-कांग्रेस

नई दिल्ली/ अजीत सिन्हा
कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने आज आयोजित प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि महिला आरक्षण…. 1989 में जब राजीव जी प्रधानमंत्री थे, तब स्‍थानीय निकायों के चुनावों में उन्‍होंने एक-तिहाई आरक्षण महिलाओं के लिए सुनिश्चित किया था। तत्‍पश्‍चात कांग्रेस की सरकारों ने लगातार प्रयास किया कि महिला आरक्षण का बिल पास हो, कानून बने, लोकसभा एवं विधानसभाओं के लिए भी एक-तिहाई आरक्षण के लिए। राजीव जी की सरकार, नरसिम्‍हा राव जी की सरकार, फिर डॉ. मनमोहन सिंह जी की सरकार… अलग-अलग सरकारों ने अलग-अलग समय पर अपनी हैसियत के अनुसार उसको पास कराने का प्रयास किया। कभी राज्‍यसभा में पास होता था, लोकसभा में नहीं होता था; कभी लोकसभा में होता था, राज्‍यसभा में गिर जाता था।

डॉ. मनमोहन सिंह की सरकार के वक्‍त जो ये बिल आया, वो आज तक जीवित है… राज्‍यसभा में पास हुआ है। हमारी कल सीडब्‍ल्‍यूसी कांग्रेस कार्य समिति की बैठक में जो रिज़ॉल्‍यूशन पास हुआ, प्रस्‍ताव पारित हुआ… उसमें यह मांग की गई है कि ये जो आने वाला विशेष सत्र है, उसमें महिला आरक्षण के उस बिल को पास किया जाए, पारित किया जाए… ये बहुत महत्‍वपूर्ण है, ऐतिहासिक है। आपको ज्ञान है कि पूर्व कांग्रेस अध्‍यक्षा श्रीम‍ती सोनिया गांधी ने पत्र भी लिखा था… प्रधानमंत्री को पत्र लिखा था। हम फिर से उस मांग को इस प्रस्‍ताव के जरिए दोहराते हैं। कल बहुत गहराई से राहुल गांधी ने अपने वक्‍तव्‍य में एक किस्‍सा सुनाया और वो किस्‍सा ऐसा रोचक तो था ही, हम स‍बके लिए आंखें खोल देने वाला किस्‍सा था… हम सबको एक तरह से प्रेरणा देता हो, ऐसा किस्‍सा था। उन्‍होंने बताया कि उन्‍होंने खरगे साहब से पूछा कि खरगे साहब, आपने कांग्रेस को ही क्‍यों चुना? जब आप एक नौजवान थे, आपने कांग्रेस पार्टी का दामन क्‍यों थामा… और भी कई ऑप्‍शन थे उस वक्‍त…. तो खरगे साहब ने जो जवाब दिया कि नौजवान था मैं और मुझे लगा उस वक्‍त पूरी कांग्रेस इंदिरा जी के खिलाफ़, पूरी कांग्रेस… कांग्रेस छोड़कर कांग्रेस(ओ) में चली गई थी…. क्‍योंकि इंदिरा जी ने सुधार लाने की चेष्‍टा की थी, उसके रिएक्‍शन में जो हुआ था… तो खरगे साहब को लगा कि ग़रीब की बात, पिछड़ों की बात, शोषितों की बात सिर्फ़ कांग्रेस ही कर सकती है और इंस्टिंक्टिवली (instinctively) लगा और उन्‍होंने कांग्रेस ज्‍वाइन की नवंबर 1969 में… वो ब्‍लॉक कांग्रेस कमेटी के प्रेसिडेंट बने, उसके बाद की यात्रा तो आप सबके सामने है उनकी।

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